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July 16 2026 02:10 pm

प्रयागराज में सोशल ऑडिट पर बड़ी लापरवाही! 9 ब्लॉकों के सचिवों ने खड़े किए हाथ, आपत्तियों के निस्तारण में फिसड्डी साबित हुआ जिला...

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India News Live,Digital Desk : संगम नगरी प्रयागराज में विकास कार्यों की पारदर्शिता को लेकर किए गए सोशल ऑडिट में बड़ा खुलासा हुआ है। जिले के 9 ब्लॉकों में ग्राम पंचायतों के सचिवों की भारी हीलाहवाली सामने आई है, जिसके चलते करोड़ों रुपये के कार्यों पर लगीं आपत्तियों का निस्तारण अधर में लटक गया है। सोशल ऑडिट टीम द्वारा उठाई गई आपत्तियों को दूर करने में इन ब्लॉकों का प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा है। विकास भवन के आंकड़ों के अनुसार, बार-बार चेतावनी के बावजूद ग्राम पंचायत सचिवों ने आपत्तियों के जवाब दाखिल करने में रुचि नहीं दिखाई है, जिससे सरकारी धन के सदुपयोग पर सवालिया निशान खड़े हो गए हैं।

9 ब्लॉकों में विकास कार्यों पर लटकी आपत्तियों की तलवार

सोशल ऑडिट की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रयागराज के नौ विशेष ब्लॉकों में स्थिति सबसे ज्यादा खराब है। यहां मनरेगा, राज्य वित्त और पंद्रहवें वित्त आयोग के तहत कराए गए कार्यों में कई वित्तीय अनियमितताएं और तकनीकी खामियां पाई गई थीं। ऑडिट टीम ने अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से कमियों को उजागर किया था, लेकिन महीनों बीत जाने के बाद भी इनका निस्तारण नहीं हो सका है। विभागीय सूत्रों का कहना है कि सचिवों की इस सुस्ती की वजह से ऑडिट पैरा (Audit Para) बंद नहीं हो पा रहे हैं, जो भविष्य में बड़े रिकवरी आदेशों का कारण बन सकते हैं।

ग्राम पंचायत सचिवों की सुस्ती से विभाग की बढ़ी मुसीबत

ग्राम पंचायतों में विकास की धुरी माने जाने वाले सचिव ही अब विकास कार्यों की जांच में सबसे बड़ी बाधा बनकर उभर रहे हैं। अधिकारियों की समीक्षा बैठक में यह बात निकलकर आई है कि सचिवों द्वारा न तो रिकॉर्ड उपलब्ध कराए जा रहे हैं और न ही ऑडिट आपत्तियों पर कोई ठोस स्पष्टीकरण दिया जा रहा है। इस हीलाहवाली को देखते हुए जिला विकास अधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी (CDO) ने कड़ा रुख अपनाया है। लापरवाह सचिवों को प्रतिकूल प्रविष्टि देने और उनके खिलाफ विभागीय कार्यवाही शुरू करने की तैयारी की जा रही है। अगर जल्द ही इन आपत्तियों का निस्तारण नहीं हुआ, तो संबंधित ब्लॉकों के खंड विकास अधिकारियों (BDO) पर भी गाज गिरनी तय मानी जा रही है।