Ayodhya Ram Mandir: अभिजीत मुहूर्त में CEO जीतेंद्र मिश्र ने संभाली कमान, सुरक्षा और व्यवस्था होगी और मजबूत
अयोध्या में भव्य श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के संपूर्ण प्रबंधन, सुरक्षा, वित्तीय पारदर्शिता और श्रद्धालुओं की सुगम दर्शन व्यवस्था को नए सिरे से संगठित करने के लिए नवगठित प्रशासनिक ढांचे ने विधिवत काम शुरू कर दिया है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पहले मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) के रूप में चयनित भारतीय वायुसेना के पूर्व एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्र ने मंगलवार को शुभ अभिजीत मुहूर्त (दोपहर 11:53 से 12:44 बजे) में रामलला के दरबार में मत्था टेककर विधिवत पदभार ग्रहण कर लिया। प्रशासनिक और सैन्य नेतृत्व का चार दशक लंबा अनुभव रखने वाले जीतेंद्र मिश्र के कमान संभालते ही मंदिर प्रशासन, सुरक्षा तंत्र और व्यवस्थापकों में नई ऊर्जा का संचार हुआ है। उन्होंने साफ शब्दों में संकेत दिया है कि मंदिर प्रबंधन में किसी भी स्तर पर ढिलाई, लापरवाही या अपारदर्शिता बर्दाश्त नहीं की जाएगी और श्रद्धालुओं की सुरक्षा व सुविधा को शीर्ष प्राथमिकता दी जाएगी।
सादगी की मिसाल: हवाई जहाज छोड़ कैफियत एक्सप्रेस ट्रेन से अयोध्या पहुंचे नए सीईओ
देश के सबसे प्रतिष्ठित और संवेदनशील धार्मिक संस्थान के सर्वोच्च प्रशासनिक पद पर आसीन होने के बावजूद जीतेंद्र मिश्र ने अपनी सादगी से पहले ही दिन सबका दिल जीत लिया। प्रोटोकॉल के तहत उन्हें विमान से दोपहर तक अयोध्या पहुंचना था, लेकिन उन्होंने हवाई सफर के बजाय साधारण रूप से कैफियत एक्सप्रेस ट्रेन की प्रथम श्रेणी में यात्रा करना चुना। सुबह 7:10 बजे अयोध्या रेलवे स्टेशन पहुंचने पर ट्रस्ट के अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। स्टेशन से सीधे तीर्थ क्षेत्र भवन पहुंचे मिश्र ने अपनी नियमित दिनचर्या पूरी की और फिर राम जन्मभूमि परिसर में पहुंचकर ट्रस्ट के विभिन्न विभागों के प्रभारियों, कर्मचारियों और तकनीकी सहयोगियों के साथ परिचयात्मक बैठक की। उन्होंने सभी विभागों की मौजूदा कार्यप्रणाली की जानकारी ली और फीडबैक दर्ज किया।
सीएम योगी आदित्यनाथ से पहली औपचारिक मुलाकात: मिला मार्गदर्शन
पदभार ग्रहण करने के दिन ही उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी रामलला के दर्शन-पूजन के लिए अयोध्या पहुंचे। नए सीईओ जीतेंद्र मिश्र ने रेड कार्पेट पर मुख्यमंत्री की अगवानी की और सैन्य सैल्यूट के बजाय भारतीय परंपरा के अनुसार करबद्ध होकर उनका अभिवादन किया। मुख्यमंत्री से उनकी यह पहली औपचारिक मुलाकात थी। मूल रूप से पूर्वी उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के निवासी होने के नाते मुख्यमंत्री ने परिचय के दौरान उनसे आत्मीयता दिखाई और मंदिर परिसर में उमड़ रही लाखों की भीड़ के सुगम प्रबंधन तथा सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बनाने को लेकर जरूरी परामर्श दिए। जीतेंद्र मिश्र ने मुख्यमंत्री को भरोसा दिलाया कि अनुशासन, तकनीकी नवाचार और पारदर्शिता के जरिए राम मंदिर प्रबंधन को एक आदर्श मॉडल के रूप में स्थापित किया जाएगा।
'मैं कोई सुपरमैन नहीं, सामान्य व्यक्ति हूं': ट्रस्टियों संग बैठक में स्पष्ट किया विजन
पदभार संभालने के बाद नए सीईओ रामघाट स्थित कार्यशाला पहुंचे, जहां उन्होंने ट्रस्ट के नए कोषाध्यक्ष महेश भागचंदका, अंतरिम व्यवस्था देख रहे वरिष्ठ सहयोगियों और ट्रस्टी मदन मोहन पांडेय से मुलाकात कर अनौपचारिक बैठक की। कार्यशाला में पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत के दौरान उन्होंने बेहद विनम्रता से कहा, "मैं कोई सुपरमैन नहीं हूं, आप सभी की तरह एक सामान्य व्यक्ति हूं। 43 वर्षों तक देश सेवा के बाद प्रभु श्रीराम ने मुझे अपने भक्तों की सेवा का यह पुनीत अवसर दिया है। वर्तमान में केवल विभागों को समझने और परिचयात्मक बैठकों का दौर है। बहुत जल्द व्यवस्थाओं, सुरक्षा और सुविधाओं को लेकर एक विस्तृत व ठोस कार्ययोजना तैयार की जाएगी और सभी के सहयोग से उसे जमीन पर उतारा जाएगा।"
वायुसेना का गौरवशाली इतिहास: कारगिल से लेकर वेस्टर्न एयर कमांड तक का अनुभव
जीतेंद्र मिश्र का चयन मंदिर प्रबंधन को एक पेशेवर और निष्पक्ष स्वरूप देने के उद्देश्य से किया गया है। 6 दिसंबर 1986 को भारतीय वायुसेना में बतौर फाइटर पायलट कमीशन पाने वाले जीतेंद्र मिश्र ने 1999 के कारगिल युद्ध के दौरान मिराज-2000 लड़ाकू विमानों से लेजर-गाइडेड बम गिराने वाली रणनीतिक टीम में बेहद निर्णायक भूमिका निभाई थी। इसके अलावा वे वायुसेना के वेस्टर्न एयर कमांड के प्रमुख सहित कई शीर्ष सामरिक पदों पर रह चुके हैं। मंदिर में हाल ही में सामने आए दर्शन पास के फर्जीवाड़े, साइबर चुनौतियों और सुरक्षा ऑडिट की पृष्ठभूमि में उनके जैसे शीर्ष सैन्य कमांडर का नेतृत्व सुरक्षा एजेंसियों (सीआईएसएफ, सीआरपीएफ, यूपी पुलिस और एसएसएफ) के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने में मील का पत्थर साबित होगा।
नए सीईओ के सामने होंगी ये 5 प्रमुख प्राथमिकताएं
पदभार ग्रहण करने के साथ ही जीतेंद्र मिश्र ने अपनी भावी कार्ययोजना का खाका तैयार करना शुरू कर दिया है:
सुरक्षा एवं साइबर घेरा: मंदिर की पास प्रणाली और आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर का फॉरेंसिक ऑडिट कराकर सॉफ्टवेयर को हैक-प्रूफ बनाना ताकि फर्जीवाड़े की कोई गुंजाइश न रहे।
क्राउड मैनेजमेंट (भीड़ नियंत्रण): देश-विदेश से रोजाना आने वाले एक से दो लाख श्रद्धालुओं के लिए कतार प्रबंधन, शेड, पेयजल और सुगम व्हीलचेयर व्यवस्था को वैज्ञानिक रूप देना।
पारदर्शिता और ऑडिट: चढ़ावे, दान राशि और मंदिर के आंतरिक खर्चों का शत-प्रतिशत पारदर्शी डिजिटल लेखा-जोखा सुनिश्चित करना।
परिसर निर्माण की गति: निर्माणाधीन प्रथम व द्वितीय तल, परकोटा और सप्त मंडपम के अवशेष कार्यों की समयबद्ध समीक्षा करना।
श्रद्धालु सहायता केंद्र: बुजुर्गों, दिव्यांगों और वीआईपी दर्शनार्थियों के लिए तय प्रोटोकॉल को जमीन पर सख्ती और विनम्रता से लागू कराना।