फोन साफ करते समय भूलकर भी न करें ये गलतियां: एक झटके में उड़ जाएंगे हजारों रुपये
आज के समय में स्मार्टफोन हमारी दिनचर्या का सबसे अहम हिस्सा बन चुका है। ऑफिस के काम से लेकर सफर, किचन और यहां तक कि वॉशरूम तक फोन हमारे साथ रहता है। कई वैज्ञानिक अध्ययनों में यह साबित हो चुका है कि टॉयलेट सीट की तुलना में हमारे मोबाइल फोन की स्क्रीन पर कई गुना अधिक बैक्टीरिया, धूल और पसीने के कण चिपके रहते हैं। ऐसे में फोन को नियमित रूप से साफ-सुथरा रखना स्वास्थ्य और हाइजीन के लिहाज से बेहद जरूरी है।
लेकिन फोन की सफाई करते समय ज्यादातर लोग अनजाने में ऐसी भयंकर गलतियां कर बैठते हैं, जो स्मार्टफोन के नाजुक पार्ट्स को अंदर से पूरी तरह डैमेज कर देती हैं। सर्विस सेंटर्स पर आने वाले 30 से 40 प्रतिशत मामलों में डिस्प्ले का खराब होना, कैमरे पर धुंधलापन आना या चार्जिंग पोर्ट का काम न करना फोन की गलत सफाई का ही नतीजा होता है। अगर आप भी अपने महंगे फोन को साफ करने के लिए घर में मौजूद घरेलू क्लीनर्स, सैनिटाइजर या नुकीली चीजों का इस्तेमाल करते हैं, तो तुरंत सावधान हो जाइए।
स्क्रीन पर सीधे सैनिटाइजर या ग्लास क्लीनर छिड़कना: डिस्प्ले को कर देगा हमेशा के लिए अंधा
स्मार्टफोन की सफाई में की जाने वाली सबसे आम और खतरनाक गलती है स्क्रीन पर सीधे सैनिटाइजर, कोलिन, अल्कोहल या अन्य केमिकल लिक्विड स्प्रे करना। आधुनिक स्मार्टफोन्स की डिस्प्ले ग्लास के ऊपर एक विशेष सुरक्षात्मक परत चढ़ी होती है, जिसे तकनीकी भाषा में 'ओलियोफोबिक कोटिंग' (Oleophobic Coating) कहा जाता है। यह कोटिंग स्क्रीन को उंगलियों के निशानों (फिंगरप्रिंट्स), तेल और पसीने से सुरक्षित रखती है।
जब आप स्क्रीन पर सीधे हार्ड अल्कोहल या सैनिटाइजर स्प्रे करते हैं, तो यह केमिकल इस नाजुक ओलियोफोबिक कोटिंग को पूरी तरह पिघलाकर खत्म कर देता है। इसके बाद स्क्रीन खुरदरी हो जाती है, उस पर हमेशा गंदे धब्बे बने रहते हैं और टच रिस्पॉन्स धीमा पड़ जाता है। इतना ही नहीं, सीधे स्प्रे करने से लिक्विड स्क्रीन के किनारों से रिसकर डिस्प्ले के भीतर बैकलाइट पैनल तक पहुंच जाता है, जिससे डिस्प्ले पर स्थायी सफेद या काले धब्बे पड़ जाते हैं और टच काम करना बंद कर देता है।
चार्जिंग पोर्ट और स्पीकर ग्रिल में पिन या सुई डालना: मदरबोर्ड को हो सकता है शॉर्ट-सर्किट
जब चार्जिंग पोर्ट में धूल फंसने के कारण केबल लूज होने लगती है या स्पीकर से आवाज धीमी आने लगती है, तो लोग अक्सर सेफ्टी पिन, आलपिन, सिलाई सुई या टूथपिक लेकर उसे कुरेदने लगते हैं। यह गलती आपके फोन के लिए जानलेवा साबित हो सकती है।
चार्जिंग पोर्ट (Type-C या Lightning) के भीतर बहुत पतले तांबे के कनेक्टिंग पिन्स होते हैं। लोहे की पिन या सुई धातु की बनी होती है, जो अंदर की नाजुक पिन्स को टेढ़ा या तोड़ सकती है। इसके अलावा, चार्जिंग पोर्ट में हमेशा थोड़ी बैटरी वोल्टेज मौजूद रहती है; धातु की पिन टच होते ही अंदर शॉर्ट-सर्किट हो सकता है, जिससे फोन का चार्जिंग आईसी या पूरा मदरबोर्ड उड़ सकता है। यही हाल स्पीकर ग्रिल का है, जहां नुकीली पिन डालते ही वाटरप्रूफ जाली और अंदर का स्पीकर पर्दा फट जाता है।
खुरदरे कपड़े, तौलिए या टिशू पेपर का इस्तेमाल: कैमरे और स्क्रीन पर पड़ जाएंगे अनगिनत स्क्रैच
फोन को साफ करने के लिए बहुत से लोग अपनी टी-शर्ट, जींस, खुरदरे तौलिए या साधारण पेपर टिशू का इस्तेमाल कर लेते हैं। देखने में मुलायम लगने वाले टिशू पेपर और कपड़ों में लकड़ी के रेशे और बारीक धूल के कण फंसे होते हैं।
जब आप इनसे स्क्रीन या कैमरा लेंस को जोर से रगड़ते हैं, तो लेंस और स्क्रीन पर 'माइक्रो-स्क्रैच' (बारीक खरोंचें) पड़ जाती हैं। कैमरा ग्लास पर एक बार स्क्रैच आने के बाद आपकी तस्वीरें हमेशा धुंधली आएंगी और रोशनी में फ्लेयर (चमक) बनने लगेगी। कैमरा लेंस की एंटी-रिफ्लेक्टिव कोटिंग हटने के बाद फोन का कैमरा कितना भी महंगा क्यों न हो, वह घटिया क्वालिटी की तस्वीरें देने लगेगा।
फोन को नल के पानी से धोना: IP68 रेटिंग के भरोसे न पालें गलतफहमी
आजकल बाजार में आने वाले कई प्रीमियम स्मार्टफोन्स में IP67 या IP68 वाटर-रेसिस्टेंट रेटिंग मिलती है। इसके विज्ञापन देखकर कई यूजर्स फोन को धोने के लिए सीधे नल के बहते पानी के नीचे रख देते हैं या साबुन-सर्फ के घोल से साफ करने लगते हैं।
यह समझना बेहद आवश्यक है कि फोन 'वाटर-रेसिस्टेंट' (पानी के छींटों से सुरक्षित) होते हैं, 'वाटर-प्रूफ' नहीं। फोन के पुराने होने पर या गिरने के बाद उसकी वाटर-सील कमजोर हो जाती है। नल के बहते पानी का प्रेशर इस सील को तोड़कर अंदर माइक्रोफोन, सिम ट्रे और बैटरी तक पहुंच जाता है। साबुन का झाग केमिकल युक्त होता है, जो रबर गैसकेट को गला देता है। याद रखें कि दुनिया की कोई भी कंपनी वॉटर डैमेज को वारंटी के तहत कवर नहीं करती, यानी नुकसान का पूरा खर्च आपकी जेब से ही जाएगा।
स्मार्टफोन को साफ करने का सबसे सुरक्षित और वैज्ञानिक तरीका
अगर आप अपने फोन को बिल्कुल नए जैसा चमकाना चाहते हैं और किसी भी नुकसान से बचना चाहते हैं, तो इन आसान और प्रामाणिक स्टेप्स का पालन करें:
फोन को स्विच ऑफ करें: सफाई शुरू करने से पहले फोन को पूरी तरह बंद कर दें और चार्जर से अलग कर दें।
माइक्रोफाइबर कपड़े का उपयोग: चश्मे को साफ करने वाले मुलायम माइक्रोफाइबर कपड़े (Microfiber Cloth) का ही इस्तेमाल करें। यह बिना किसी खरोंच के धूल और तेल को सोख लेता है।
कपड़े पर स्प्रे करें, स्क्रीन पर नहीं: यदि स्क्रीन बहुत गंदी है, तो 70% आइसोप्रोपिल अल्कोहल (IPA) या स्क्रीन क्लीनिंग सॉल्यूशन की 1-2 बूंदें कपड़े पर डालें, कभी भी सीधे फोन पर स्प्रे न करें।
पोर्ट्स के लिए सॉफ्ट ब्रश: चार्जिंग पोर्ट और स्पीकर की सफाई के लिए बच्चों वाला अल्ट्रा-सॉफ्ट टूथब्रश या रबर एयर-ब्लोअर इस्तेमाल करें।
सर्कुलर मोशन में पोंछें: स्क्रीन और कैमरे को हल्के हाथों से गोल-गोल घुमाते हुए पोंछें। सफाई के बाद 5 मिनट तक फोन को सूखने दें, उसके बाद ही ऑन करें।