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July 18 2026 06:24 pm

"ट्रंप की हत्या करो, 10 मिलियन डॉलर पाओ", इराकी सैन्य संगठन ने अमेरिकी राष्ट्रपति के सिर पर रखा ₹80 करोड़ का इनाम

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वैश्विक सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय राजनीति के गलियारों से एक बेहद सनसनीखेज और चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। इराक के एक शक्तिशाली और ईरान समर्थित उग्रवादी संगठन ‘इस्लामिक रेजिस्टेंस इन इराक’ (Islamic Resistance in Iraq) ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) की हत्या करने वाले के लिए 10 मिलियन डॉलर (लगभग 83 करोड़ रुपये से अधिक) के भारी-भरकम इनाम की आधिकारिक घोषणा की है। संगठन का दावा है कि यह पूरी रकम उसने अपने समर्थकों और लड़ाकों से 'पवित्र दान' के रूप में चंदा मांगकर इकट्ठा की है।

ड्रोन हमले में मारे गए कमांडर की मौत का बदला लेने की कसम

ईरानी सरकारी टेलीविजन और मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस उग्रवादी संगठन ने ट्रंप की हत्या को अपना सबसे बड़ा और तात्कालिक लक्ष्य घोषित किया है। संगठन द्वारा जारी आधिकारिक बयान में कहा गया है:

"जो भी व्यक्ति, समूह या संगठन अपराधी डोनाल्ड ट्रंप की हत्या करेगा या किसी अन्य माध्यम से इसे अंजाम दिलवाएगा, उसे पुरस्कार स्वरूप 10 मिलियन डॉलर की राशि दी जाएगी। यह पैसा हमारे लड़ाकों का पवित्र अंश है।"

इस बड़े कदम के पीछे की वजह साल 2020 में अमेरिकी ड्रोन हमले में मारे गए संगठन के शीर्ष नेता अबू महदी अल-मुहंदिस और ईरान के कुख्यात सैन्य कमांडर जनरल कासिम सुलेमानी की मौत का बदला लेना है। संगठन का कहना है कि वे इस दुखद घटना को एक हादसा मानकर भूलने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन हाल ही में ट्रंप द्वारा इस हत्या पर खुलेआम अपनी पीठ थपथपाने और घमंड दिखाने के बाद पूरे संगठन में आक्रोश फैल गया।

इराकी पीएम के सामने ट्रंप का वो बयान, जिससे भड़का विवाद

इस ताजा विवाद की चिंगारी तब सुलगी जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने हालिया वाशिंगटन दौरे पर आए इराकी प्रधानमंत्री अल जायदी के साथ द्विपक्षीय बैठक के दौरान कासिम सुलेमानी के खात्मे का जिक्र किया था।

ट्रंप का दावा: ट्रंप ने गर्व से कहा, "मैंने अपने पहले कार्यकाल के दौरान सुलेमानी को मार गिराया था। अगर मैंने वह कड़ा फैसला नहीं लिया होता, तो आज मध्य पूर्व (West Asia) की कहानी कुछ और होती। यहाँ तक कि ईरान के शीर्ष नेता भी सुलेमानी की ताकत से खौफ खाते थे।"

सह-कमांडर पर टिप्पणी: अल-मुहंदिस का नाम लिए बिना ट्रंप ने आगे जोड़ा, "संयोग से उस दिन हवाई अड्डे पर सुलेमानी के साथ इराक का एक बेहद बुरा व्यक्ति भी मौजूद था, जो खुद को वहां का बड़ा नेता समझता था। हमने उसे भी वहीं पर ढेर कर दिया।"

इराक और ईरान में तीखी प्रतिक्रिया, निशाने पर आए राष्ट्रपति ट्रंप

ईरानी मीडिया के मुताबिक, ट्रंप के इस बेबाक बयान के बाद इराक के भीतर भी सियासी उबाल आ गया है। मारे गए इराकी नेता अल-मुहंदिस के परिवार ने अपने ही प्रधानमंत्री अल जायदी की इस बात पर आलोचना की है कि उन्होंने ट्रंप के सामने मजबूती से इराक का पक्ष नहीं रखा। परिवार ने बयान जारी कर कहा कि जो नेता अपने देश के इतिहास और शहीदों का सम्मान नहीं रख सकता, वह भविष्य का नेतृत्व करने योग्य नहीं है।

गौरतलब है कि डोनाल्ड ट्रंप ने अपने पहले राष्ट्रपति कार्यकाल (2017-2021) के दौरान बगदाद एयरपोर्ट के पास जनरल कासिम सुलेमानी को निशाना बनाने का सैन्य आदेश दिया था। इसके बाद से ही वे दुनिया भर के कई कट्टरपंथी और उग्रवादी संगठनों की 'हिट लिस्ट' में शीर्ष पर आ गए हैं। साल 2026 में उनके दूसरे कार्यकाल की शुरुआत होने के बाद से अब तक उन पर कई संदिग्ध और जानलेवा हमलों की कोशिशें हो चुकी हैं, जिसके मद्देनजर उनकी सुरक्षा फली को अभेद्य बना दिया गया है।