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July 18 2026 06:26 pm

होर्मुज जलडमरूमध्य में दो तेल टैंकरों में जोरदार धमाके, ईरान का दावा- "अमेरिका ने जहाजों को बारूदी सुरंग वाले रास्ते पर धकेला"

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पश्चिम एशिया (West Asia) में जारी भीषण सैन्य टकराव के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) से एक बेहद खतरनाक खबर सामने आ रही है। रणनीतिक रूप से दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्ग होर्मुज में दो बड़े कमर्शियल जहाजों (तेल टैंकरों) में भीषण धमाके के बाद आग लग गई है। इस घटना को लेकर ईरान और अमेरिका के बीच चल रहा छद्म युद्ध (Proxy War) अब सीधे और आमने-सामने के टकराव में बदलता दिखाई दे रहा है।

इस हादसे पर ईरान की सबसे शक्तिशाली सैन्य शाखा इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने एक सनसनीखेज दावा किया है, जबकि अमेरिका ने इन हमलों के लिए सीधे तौर पर ईरान को जिम्मेदार ठहराया है।

ईरान का दावा: "अमेरिका दिखा रहा है जहाजों को मौत का रास्ता"

ईरान के सरकारी मीडिया और आईआरजीसी (IRGC) के आधिकारिक बयानों के मुताबिक, इन दोनों जहाजों पर ईरान ने कोई मिसाइल या ड्रोन हमला नहीं किया है। ईरान का दावा है कि ये जहाज उस समुद्री रूट से गुजर रहे थे जहां पहले से बारूदी सुरंगें (Underwater Mines) बिछी हुई हैं।

इंटेलिजेंस पर आरोप: ईरान के सरकारी टीवी चैनल IRIB की रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिकी खुफिया एजेंसियों ने जानबूझकर इन कमर्शियल जहाजों को गलत रूट नेविगेट किया।

चेतावनी को किया नजरअंदाज: IRGC के कमांडरों के अनुसार, धमाके से ठीक एक घंटे पहले दोनों तेल टैंकरों को चेतावनी जारी की गई थी कि वे माइनफील्ड (Minefield) वाले प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रवेश न करें। लेकिन अमेरिकी नौसेना के इशारे पर जहाजों ने ईरान के अलर्ट को नजरअंदाज कर दिया और इस बड़े हादसे का शिकार हो गए।

हालांकि, स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षकों या प्रभावित जहाजों के मूल देशों की ओर से ईरान के इस 'माइनफील्ड' वाले दावे की अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

"होर्मुज से नहीं जाने देंगे एक बूंद भी तेल" – ईरान की खुली धमकी

अमेरिका द्वारा ईरान के ठिकानों पर की जा रही लगातार बमबारी के जवाब में ईरान ने अब वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को ठप करने की धमकी दी है। ईरान की नौसेना ने आधिकारिक रूप से घोषणा की है कि उसने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को पूरी तरह ब्लॉक कर दिया है।

ईरानी सेना का कड़ा रुख: "जब तक मासूमों की जान लेने वाली अमेरिकी सेना इस क्षेत्र में अपने हवाई और समुद्री हमले बंद नहीं करती, तब तक होर्मुज के रास्ते दुनिया के किसी भी कोने में एक बूंद भी तेल या गैस की आवाजाही नहीं होने दी जाएगी। अगर किसी को अपनी जान प्यारी है, तो वह इस समुद्री रास्ते की तरफ न आए।"

गौरतलब है कि अमेरिकी वायुसेना और नौसेना पिछले लगातार सात दिनों से ईरान के रणनीतिक ठिकानों पर भीषण बमबारी कर रही है। हाल ही में अमेरिका ने भारत के व्यापारिक हितों से जुड़े चाबहार क्षेत्र के पास स्थित ईरान के एक बेहद अहम सर्विलांस टॉवर (Surveillance Tower) को पूरी तरह मलबे में तब्दील कर दिया था, जिसके बाद से ईरान बौखलाया हुआ है।

खाड़ी देशों में मची खलबली, बज रहे हैं युद्ध के सायरन

इस तनाव का सीधा असर खाड़ी के अन्य अमीर देशों पर भी दिखने लगा है, जहां अमेरिकी सैन्य ठिकाने मौजूद हैं। पूरे क्षेत्र में हाई-अलर्ट घोषित कर दिया गया है:

कुवैत (Kuwait): कुवैती रक्षा मंत्रालय के अनुसार, उनकी वायुसेना ईरान की ओर से आने वाले आत्मघाती ड्रोनों (Kamikaze Drones) को हवा में ही मार गिराने के लिए लगातार सॉर्टीज़ (Sorties) कर रही है।

बहरीन (Bahrain): शुक्रवार की पूरी रात बहरीन में हवाई हमलों के सायरन गूंजते रहे, जिससे स्थानीय नागरिकों और विदेशी दूतावासों में हड़कंप मच गया।

सऊदी अरब (Saudi Arabia): सऊदी सरकार ने अपने नागरिकों और तेल रिफाइनरियों के सुरक्षा बलों को अत्यधिक सावधान रहने और किसी भी आपातकालीन स्थिति के लिए तैयार रहने की एडवाइजरी जारी की है।

होर्मुज के साथ-साथ बाब-अल-मंदाब (Bab-al-Mandab) के भी प्रभावित होने से वैश्विक बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में भारी उछाल आने की आशंका पैदा हो गई है, जिसका सीधा असर भारत समेत पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है।