'सड़क पर नमाज पर आपत्ति तो अन्य जुलूसों पर भी हो रोक': असदुद्दीन ओवैसी का सरकार पर तीखा हमला
India News Live,Digital Desk : ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने सड़कों पर नमाज और मुस्लिम त्योहारों पर की जा रही आपत्तियों को लेकर केंद्र और राज्य सरकारों पर कड़ा प्रहार किया है। ओवैसी ने इसे मुसलमानों के प्रति सरकार के दोहरे रवैये और नफरत का प्रतीक करार दिया है।
ओवैसी के बयानों के मुख्य बिंदु:
धार्मिक स्वतंत्रता और समान व्यवहार: ओवैसी ने कहा कि यदि सड़क पर नमाज पढ़ना गलत है, तो देश में सभी धर्मों द्वारा सड़कों पर निकाले जाने वाले जुलूसों पर भी प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए। उन्होंने कांवड़ यात्रा का उदाहरण देते हुए कहा कि यात्रा के दौरान सड़कों का बंद होना और टेंट लगना किसी को समस्या नहीं देता, लेकिन ईद या नमाज पर सवाल उठाए जाते हैं।
सेकंड क्लास सिटीजन का आरोप: सरकार पर निशाना साधते हुए ओवैसी ने आरोप लगाया कि प्रशासन मुसलमानों को 'सेकंड क्लास सिटीजन' (द्वितीय श्रेणी का नागरिक) बनाना चाहता है। उन्होंने कहा कि संविधान का अनुच्छेद 25 सभी को धार्मिक स्वतंत्रता का अधिकार देता है।
दोहरा मापदंड: उन्होंने सवाल किया कि हिंदुओं के त्योहारों के दौरान मांस, अंडे और चिकन की दुकानों को बंद कराने का कानून किस आधार पर लागू किया जाता है? उन्होंने कहा कि सरकार को केवल अजान और नमाज से समस्या है, लेकिन प्रधानमंत्री के भाषणों पर कोई आपत्ति नहीं है।
इतिहास और देशप्रेम: ओवैसी ने भारत के स्वतंत्रता संग्राम में मुसलमानों के योगदान को याद करते हुए कहा कि मुसलमान इस देश का अभिन्न हिस्सा हैं और वे कहीं जाने वाले नहीं हैं। उन्होंने तुर्कमान गेट और हशिमपुरा जैसी घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि मुसलमानों ने तमाम नरसंहारों के बावजूद अपना अस्तित्व बचाए रखा है।
सरकार की नीति पर सवाल:
ओवैसी ने योगी आदित्यनाथ के उस बयान पर भी तीखी प्रतिक्रिया दी जिसमें उन्होंने कहा था कि 'नमाज सड़क पर नहीं होनी चाहिए और न मानने पर प्रशासन कार्रवाई करेगा'। ओवैसी ने पूछा कि क्या केवल सरकार से सवाल करने वाले को ही 'पाकिस्तानी' करार दे दिया जाता है? क्या सरकार या पीएम की आलोचना करना देशद्रोह है?
मुद्दों से ध्यान भटकाने का आरोप:
ओवैसी ने आरोप लगाया कि देश में बढ़ती महंगाई, पेट्रोल-डीजल की कीमतों और बेरोजगारी जैसे गंभीर मुद्दों से जनता का ध्यान भटकाने के लिए सरकार जानबूझकर अजान और नमाज जैसे विषयों को तूल देती है। उन्होंने रूस से खरीदे जा रहे तेल के लाभ का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार को इन आर्थिक वास्तविकताओं पर चर्चा करनी चाहिए, न कि केवल नफरत फैलाने वाले विषयों पर।