आर्थिक चुनौतियों के बीच GST कलेक्शन में 14% की बंपर उछाल, महाराष्ट्र ने फिर भरा देश का सबसे बड़ा खजाना
नई दिल्ली ब्यूरो: वैश्विक अनिश्चितताओं और तमाम आर्थिक चुनौतियों के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था के मोर्चे से एक बेहद शानदार और मजबूत करने वाली खबर आई है। जून 2026 के महीने में माल एवं सेवा कर (GST) का कुल ग्रॉस कलेक्शन 14 प्रतिशत की जोरदार बढ़त के साथ करीब 1.95 लाख करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया है। यह आंकड़ा दर्शाता है कि देश की आंतरिक आर्थिक गतिविधियां बेहद मजबूत स्थिति में हैं और टैक्स कलेक्शन अब हर महीने ₹2 लाख करोड़ के ऐतिहासिक आंकड़े को छूने के बेहद करीब खड़ा है।
डोमेस्टिक ट्रांजैक्शन और इंपोर्ट ड्यूटी में आई भारी तेजी
आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, जून महीने में घरेलू लेन-देन (Domestic Transactions) से होने वाला ग्रॉस टैक्स कलेक्शन 6.5 प्रतिशत बढ़कर लगभग 1.35 लाख करोड़ रुपये रहा। इस कुल कलेक्शन में अलग-अलग घटकों की हिस्सेदारी इस प्रकार रही:
केंद्रीय जीएसटी (CGST): 37,376 करोड़ रुपये
राज्य जीएसटी (SGST): 45,116 करोड़ रुपये
एकीकृत जीएसटी (IGST): 52,282 करोड़ रुपये
इसके अलावा, विदेशी व्यापार के मोर्चे पर भी बड़ी सफलता मिली है। जून में आयात (Import) से प्राप्त होने वाला जीएसटी राजस्व 34.6 प्रतिशत की भारी-भरकम छलांग लगाकर 60,038 करोड़ रुपये पर पहुंच गया, जो वैश्विक मंदी की आहट के बीच भारतीय बाजारों की मांग को प्रदर्शित करता है।
रिफंड में 29% की बढ़ोतरी, नेट कलेक्शन भी हुआ मजबूत
इस बार सरकार ने टैक्सपेयर्स को रिफंड जारी करने में भी तेजी दिखाई है। जून महीने में कुल जीएसटी रिफंड 29.1 प्रतिशत बढ़कर 32,436 करोड़ रुपये रहा। एक्सपर्ट्स का मानना है कि रिफंड में यह बढ़ोतरी उद्योगों के लिए वर्किंग कैपिटल (कार्यशील पूंजी) को मुक्त करने की सरकार की प्रतिबद्धता को दिखाती है। रिफंड की इस बड़ी राशि को घटाने के बाद भी जून का नेट (Net) जीएसटी कलेक्शन 11.2 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 1.62 लाख करोड़ रुपये से अधिक दर्ज किया गया है।
राज्यों का रिपोर्ट कार्ड: महाराष्ट्र फिर बना टैक्स किंग, कर्नाटक-गुजरात भी आगे
टैक्स जमा करने के मामले में देश के राज्यों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा देखने को मिली, जिसमें औद्योगिक रूप से उन्नत राज्यों ने बाजी मारी:
| राज्य का नाम | जून 2026 का GST कलेक्शन |
|---|---|
| महाराष्ट्र | ₹30,714 करोड़ |
| कर्नाटक | ₹12,937 करोड़ |
| गुजरात | ₹11,743 करोड़ |
चालू वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) की बात करें तो कुल ग्रॉस कलेक्शन 8.4 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ लगभग 6.32 लाख करोड़ रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर जा पहुंचा है।
क्या कहते हैं आर्थिक विशेषज्ञ?
जीएसटी के इन आंकड़ों पर टिप्पणी करते हुए 'डेलॉयट इंडिया' के पार्टनर एम.एस. मणि ने कहा कि पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) संकट के कारण पैदा हुए लॉजिस्टिक्स व्यवधानों के बावजूद जीएसटी राजस्व का दो लाख करोड़ के पास पहुंचना भारत की मजबूत आर्थिक नींव को साबित करता है। वहीं, 'एकेएम ग्लोबल' के टैक्स हेड इकेश नागपाल ने विश्लेषण करते हुए बताया कि मई 2026 की तुलना में जून का कलेक्शन स्थिर रहा है, जो यह संकेत देता है कि भारत का टैक्स रेवेन्यू अब किसी एकबारगी उछाल के बजाय एक ऊंचे और स्थायी स्तर पर स्थिर हो चुका है, जो सरकार के बजट अनुमानों के लिए बेहद अच्छी खबर है।