देश के कई राज्यों में आंधी-तूफान के साथ ओलावृष्टि का अलर्ट, भीषण गर्मी के बीच बरसेंगे बादल

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India News Live,Digital Desk : इस साल अप्रैल की शुरुआत उम्मीद से कहीं ज्यादा सुहावनी रही है। जहां आमतौर पर लोग चिलचिलाती धूप से परेशान रहते थे, वहीं इस बार पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) और चक्रवाती परिसंचरण की सक्रियता ने मौसम का रुख पूरी तरह बदल दिया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 7 अप्रैल 2026 के लिए देश के कई हिस्सों में भारी बारिश, गरज-चमक और ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की है, जिससे उत्तर से लेकर दक्षिण भारत तक तापमान में बड़ी गिरावट आने की उम्मीद है।

पश्चिमी विक्षोभ का असर: उत्तर भारत में फिर लौटेगी ठंडक

मौसम विभाग के अनुसार, जम्मू-कश्मीर के ऊपर एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ बना हुआ है, जिसका प्रभाव पूरे उत्तर भारत पर दिखाई देगा। जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ हिमपात (Snowfall) की संभावना है। वहीं, मैदानी इलाकों जैसे पंजाब और हरियाणा में ओलावृष्टि का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि 11 अप्रैल से एक और नया विक्षोभ सक्रिय होगा, जो ठिठुरन को और बढ़ा सकता है।

दिल्ली-एनसीआर: बारिश और ठंडी हवाओं से मिली राहत

दिल्ली और आसपास के इलाकों (NCR) में आज मौसम का मिजाज बदला-बदला रहेगा। दिन भर आसमान में बादल छाए रहेंगे और गरज के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इस बदलाव से दिल्ली के तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की जा सकती है, जिससे न्यूनतम तापमान 16 से 18 डिग्री के आसपास रहेगा। तेज हवाओं के चलने से न केवल गर्मी से राहत मिलेगी, बल्कि वायु गुणवत्ता (AQI) में भी सुधार होने की उम्मीद है।

गुजरात से दक्षिण भारत तक आंधी-बारिश का साया

देश के मध्य और दक्षिणी हिस्सों में भी मौसम प्रणालियां काफी सक्रिय हैं:

गुजरात: राज्य के कई हिस्सों में हल्की बारिश और गरज के साथ धूल भरी आंधी चलने की संभावना है।

दक्षिण भारत: तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और कर्नाटक में मध्यम बारिश के साथ 30 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।

केरल: तटीय क्षेत्रों में कुछ स्थानों पर भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।

पूर्वोत्तर: असम और मेघालय समेत पूर्वोत्तर राज्यों में अगले 24 घंटों में भारी बारिश का अनुमान है।

किसानों और पर्यटकों के लिए सावधानी जरूरी

मौसम में अचानक आ रहे इस बदलाव को देखते हुए आईएमडी ने किसानों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है, क्योंकि कटाई के समय ओलावृष्टि फसलों को नुकसान पहुंचा सकती है। पहाड़ों की यात्रा करने वाले पर्यटकों को भी अचानक होने वाले हिमपात और भूस्खलन के प्रति सतर्क रहने को कहा गया है। मौसम प्रणालियों के कारण कई क्षेत्रों में हवा की गति 60 से 70 किमी प्रति घंटा तक भी पहुंच सकती है, जो कमजोर निर्माणों के लिए जोखिम पैदा कर सकती है।