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September 15 2026 08:09 pm

'पहले पिछले वादे निभाओ, UCC फिर बाद में लाओ': अमित शाह के बयान पर अखिलेश यादव का तीखा पलटवार

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केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) शासित सभी 21 राज्यों में साल 2029 से पहले समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने के ऐलान के बाद देश की सियासत में बड़ा उबाल आ गया है। इस बयान पर विपक्षी दलों ने तीखी प्रतिक्रियाएं व्यक्त की हैं, जिसमें समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और कन्नौज से सांसद अखिलेश यादव का पलटवार सबसे ज्यादा चर्चा में है।

अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक विस्तृत और तुकबंदी भरे अंदाज में पोस्ट साझा करते हुए केंद्र सरकार और भाजपा की मंशा पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने जनता का हवाला देते हुए यूसीसी का एक नया फुलफॉर्म गढ़ा और कहा कि सरकार को नए जुमले लाने के बजाय पहले अपने पुराने वादों का हिसाब जनता को देना चाहिए।

UCC का नया फुलफॉर्म: 'Underground Communal Conspiracy'

सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने अपने बयान में भाजपा के इस कदम को सीधे तौर पर सांप्रदायिक ध्रुवीकरण की रणनीति करार दिया। उन्होंने लिखा कि देश की जनता अब भाजपा की रणनीति को भली-भांति समझ चुकी है।

अखिलेश ने पोस्ट में लिखा, "जनता समझ रही है भाजपा जिस यूसीसी की बात कर रही है, दरअसल उसकी Full Form कुछ और है : UCC = Underground Communal Conspiracy (भूमिगत सांप्रदायिक साजिश)।" उन्होंने आरोप लगाया कि जब भी वास्तविक जनमुद्दों, महंगाई, बेरोजगारी और प्रशासनिक विफलताओं पर बात होती है, तब ध्यान भटकाने के लिए ऐसे संवेदनशील और विभाजनकारी मुद्दों को आगे कर दिया जाता है।

'पहले पिछले वादे निभाओ, यूसीसी फिर बाद में लाओ'

सपा अध्यक्ष ने केंद्र सरकार को उसके पुराने चुनावी संकल्पों और आश्वासनों की याद दिलाते हुए एक के बाद एक कई तीखे तंज कसे। उन्होंने लिखा कि हम तो बस इतना कहेंगे:

पहले पिछले वादे निभाओ, यूसीसी फिर बाद में लाओ!

नया जुमला न लेकर आओ और न जनता को बहकाओ!

15 लाख खाते में पहुँचाओ, यूसीसी फिर बाद में लाओ!

2 करोड़ नौकरी दिलवाओ, यूसीसी फिर बाद में लाओ!

सबका साथ कर दिखाओ, यूसीसी फिर बाद में लाओ!

सबका विकास ढूंढ़ दिखाओ, यूसीसी फिर बाद में लाओ!

स्कूलों को बंदी से बचाओ, यूसीसी फिर बाद में लाओ!

बेटी को दहशत से बचाओ, यूसीसी फिर बाद में लाओ!

माता को अपमान से बचाओ, यूसीसी फिर बाद में लाओ!

युवाओं को काम दिलाओ, यूसीसी फिर बाद में लाओ!

अखिलेश यादव ने स्पष्ट किया कि जब तक देश के नौजवानों को रोजगार, महिलाओं को वास्तविक सुरक्षा और आम नागरिकों को बुनियादी सुविधाएं नहीं मिल जातीं, तब तक ऐसे भावनात्मक मुद्दों के जरिए जनता को गुमराह करने की कोशिशें सफल नहीं होंगी।

अमित शाह ने क्या दिया था बयान?

दरअसल, मुंबई में एक संबोधन के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने समान नागरिक संहिता को लेकर एक बड़ा रणनीतिक बयान दिया था। शाह ने कहा था कि उत्तराखंड में यूसीसी कानून पहले ही सफलतापूर्वक लागू हो चुका है और भाजपा-एनडीए शासित सभी 21 राज्यों में 2029 के आम चुनावों से पहले समान नागरिक संहिता को पूरी तरह लागू कर दिया जाएगा।

गृह मंत्री के इस बयान के बाद जहां असम, गुजरात और उत्तर प्रदेश जैसे भाजपा शासित राज्यों में इसे लेकर सकारात्मक बयानबाजी तेज हो गई, वहीं एनडीए के भीतर भी हलचल मच गई। बिहार में सत्तारूढ़ जनता दल यूनाइटेड (JDU) ने राज्य स्तर पर इसे बिना व्यापक आम सहमति के लागू करने से साफ इनकार कर दिया, जिसके चलते यह मुद्दा अब राष्ट्रीय स्तर पर पक्ष और विपक्ष के बीच एक बड़े सियासी घमासान का रूप ले चुका है।