"योगी सरकार से दुखी होकर 'PDA' का हिस्सा बने शंकराचार्य", एटा में अखिलेश यादव का बड़ा सियासी दावा
उत्तर प्रदेश के एटा जनपद में समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सरकार पर अब तक का सबसे तीखा हमला बोला है। एक निजी कार्यक्रम में शोक संवेदना व्यक्त करने पहुंचे सपा मुखिया ने मीडिया से रूबरू होते हुए दावा किया कि मौजूदा सरकार की नीतियों से समाज का हर वर्ग त्रस्त है। अखिलेश यादव ने एक कदम आगे बढ़ते हुए कहा कि इस सरकार से आम जनता तो दूर, खुद शंकराचार्य भी बेहद दुखी हैं और इसी वजह से वे भी अब अप्रत्यक्ष रूप से 'PDA' (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) आंदोलन का हिस्सा बन चुके हैं। इसके साथ ही उन्होंने प्रदेश में गहराते बिजली संकट, महंगाई और गोवंश की दुर्दशा को लेकर योगी सरकार को आड़े हाथों लिया।
"महंगाई से निकला डबल इंजन का धुआं, एटा में बिजलीघर समाजवादियों की देन"
एटा के सिविल लाइंस इलाके में अमित यादव के आवास पर शोक संवेदना प्रकट करने के बाद अखिलेश यादव ने कहा कि आज देश और प्रदेश में महंगाई आसमान छू रही है। उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा, "अबतक चाय लगातार महंगी होती जा रही है और इस बेतहाशा महंगाई की वजह से भाजपा की डबल इंजन सरकार का धुआं निकल गया है।"
सपा मुखिया ने स्थानीय विकास का मुद्दा उठाते हुए एटा की जनता से अपील की कि वे खुद सोचें कि एटा में जो विशाल बिजली का कारखाना (पावर प्लांट) बना है, वह समाजवादियों की देन है। उन्होंने चुनौती दी कि भाजपा सरकार बताए कि उसने एटा में इससे बड़ा कोई एक भी विकास कार्य किया हो? जनता बिजली संकट और स्मार्ट मीटरों की धांधली से इतनी परेशान हो चुकी है कि उसने स्मार्ट मीटरों को उखाड़ फेंका है।
"गाय देखकर रोना आता है, बीजेपी वालों के घर में एक भी गाय नहीं मिलेगी"
अखिलेश यादव ने भाजपा के कोर एजेंडे पर प्रहार करते हुए गोवंश की स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा, "आज सड़कों और अस्थाई गोशालाओं में गायों की जो दुर्दशा हो रही है, उसे देखकर सचमुच रोना आता है। भारत में हर कालखंड से गाय की सेवा की परंपरा रही है, लेकिन भाजपा ने इसे सिर्फ राजनीति का जरिया बनाया है।"
उन्होंने खुली चुनौती देते हुए कहा कि बीजेपी के बड़े से बड़े नेताओं के घर जाकर देख लो, किसी के भी घर में आपको गाय बंधी हुई नहीं मिलेगी, जबकि हम समाजवादियों के घरों में आज भी गाय की सेवा की जाती है। उन्होंने आगे कहा कि जनता भ्रष्टाचार और महंगाई से बुरी तरह टूट चुकी है और इन्हीं दो मुद्दों के दम पर समाजवादी पार्टी साल 2027 के यूपी विधानसभा चुनाव में प्रचंड बहुमत से वापसी करेगी। उन्होंने अयोध्या के राम मंदिर के चढ़ावे का जिक्र करते हुए कहा कि प्रभु श्री राम सब देख रहे हैं और वहां हो रहे खुलासे सबके सामने हैं।
"सपा सरकार बनते ही एटा और कासगंज को मिलेगी 24 घंटे बिजली"
एटा, मैनपुरी, फर्रुखाबाद और बदायूं से अपने पुराने पारिवारिक और राजनीतिक जुड़ाव को याद करते हुए सपा मुखिया ने एटा की जनता को एक बड़ा चुनावी भरोसा दिया। उन्होंने एलान किया कि उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार बनते ही एटा और कासगंज जिलों को बिना किसी कटौती के 24 घंटे बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। एटा में बने बिजलीघर से ही इन दोनों जनपदों को जोड़ा जाएगा और पूरे प्रदेश की जनता को सबसे सस्ती बिजली मुहैया कराई जाएगी। इस दौरान सपा के पूर्व सांसद देवेंद्र सिंह यादव ने भी नेताजी मुलायम सिंह यादव के साथ अपने पुराने रिश्तों को याद करते हुए कहा कि उन्होंने समाजवाद का पाठ नेताजी से ही सीखा है।
"बिहार-बंगाल जैसी बेईमानी यूपी में हुई, तो भविष्य में चुनाव नहीं होंगे"
चुनावी निष्पक्षता पर बड़ा सवाल खड़े करते हुए अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा ने बिहार और पश्चिम बंगाल के चुनावों में बड़े पैमाने पर प्रशासनिक बेईमानी की है। उन्होंने आगाह करते हुए कहा, "अगर ऐसी ही चुनावी बेईमानी और धांधली उत्तर प्रदेश में भी दोहराई गई, तो देश के लोकतंत्र से जनता का भरोसा उठ जाएगा और भविष्य में चुनाव होना ही मुश्किल हो जाएगा।"
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा महिलाओं के आरक्षण (Women Reservation) के संवेदनशील मुद्दे पर भी केवल अपनी गंदी राजनीति चमका रही है और वह देश की लोकसभा की संरचना को अपने निजी राजनीतिक हितों के अनुरूप ढालना चाहती है, जिसे देश के जागरूक नागरिक कभी सफल नहीं होने देंगे।