EPFO Alert: क्या आपने अपना सैलरी अकाउंट बदला है? पीएफ निकासी में फंस सकता है आपका पैसा, आज ही निपटा लें यह जरूरी काम
India News Live,Digital Desk : अक्सर नौकरी बदलने या बेहतर बैंकिंग सुविधाओं के लिए हम अपना सैलरी अकाउंट (Salary Account) तो बदल लेते हैं, लेकिन ईपीएफओ (EPFO) पोर्टल पर इसकी जानकारी अपडेट करना भूल जाते हैं। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन के नियमों के अनुसार, यदि आपके पीएफ खाते से जुड़ा बैंक खाता बंद या निष्क्रिय है, तो आपकी पीएफ निकासी का आवेदन (Claim) रद्द किया जा सकता है।
यहाँ जानें कि बैंक खाता बदलना आपके लिए क्यों जरूरी है और इसे घर बैठे कैसे अपडेट कर सकते हैं।
खाता अपडेट न होने पर क्या होगी समस्या?
जब आप नया बैंक खाता खोलते हैं, तो नियोक्ता (Employer) आपके वेतन रिकॉर्ड को तो अपडेट कर देता है, लेकिन UAN (यूनिवर्सल अकाउंट नंबर) से जुड़ी बैंक डिटेल्स अपने आप नहीं बदलतीं।
दावा रद्द होना: यदि आप पुराने या बंद खाते के विवरण के साथ पीएफ निकालने की कोशिश करते हैं, तो आपका ट्रांजैक्शन फेल हो जाएगा और पूरी प्रक्रिया दोबारा शुरू करनी पड़ेगी।
आपातकालीन स्थिति में देरी: अक्सर लोगों को इसकी जानकारी तब होती है जब उन्हें पैसों की सख्त जरूरत होती है और उनका क्लेम रिजेक्ट हो जाता है।
EPFO पोर्टल पर बैंक खाता बदलने की आसान प्रक्रिया:
आप खुद ऑनलाइन माध्यम से कुछ ही मिनटों में अपना नया बैंक खाता अपडेट कर सकते हैं:
पोर्टल पर जाएं: सबसे पहले ईपीएफओ के 'यूनिफाइड मेंबर पोर्टल' (Unified Member Portal) पर लॉगिन करें।
KYC विकल्प: ऊपर दिए गए 'Manage' सेक्शन में जाएं और 'KYC' विकल्प पर क्लिक करें।
विवरण दर्ज करें: 'Bank' विकल्प चुनें और अपना नया बैंक खाता नंबर और IFSC कोड दर्ज करें।
डॉक्यूमेंट अपलोड: वेरिफिकेशन के लिए आपको अपने नए खाते के 'कैंसिल चेक' (Cancelled Check) या पासबुक की साफ फोटो अपलोड करनी पड़ सकती है।
सबमिट करें: जानकारी भरने के बाद उसे सेव करें। अब यह अनुरोध सत्यापन के लिए आपके नियोक्ता (Employer) के पास जाएगा।
नियोक्ता की मंजूरी है अनिवार्य
ध्यान रहे कि आपके द्वारा अपडेट की गई जानकारी तब तक प्रभावी नहीं होगी जब तक आपका नियोक्ता उसे डिजिटल रूप से अप्रूव नहीं कर देता। यदि अप्रूवल में देरी हो रही है, तो आप अपनी कंपनी के एचआर (HR) विभाग से संपर्क कर सकते हैं।
इन 4 बातों का रखें खास ख्याल:
सत्यापन: सुनिश्चित करें कि आपका आधार और पैन कार्ड ईपीएफओ पोर्टल पर पहले से सत्यापित (Verified) हैं।
नाम का मिलान: आपके बैंक रिकॉर्ड, आधार और पीएफ खाते में नाम की स्पेलिंग बिल्कुल एक जैसी होनी चाहिए। मामूली अंतर भी क्लेम रिजेक्ट होने का कारण बन सकता है।
सक्रिय खाता: ईपीएफओ एक समय में एक ही UAN के तहत केवल एक सक्रिय बैंक खाते की अनुमति देता है।
IFSC कोड: बैंक मर्जर के कारण कई बैंकों के IFSC कोड बदल गए हैं, उन्हें भी पोर्टल पर अपडेट कर लें।