76 दिनों तक सरकार ने झेला बोझ, आखिर क्यों अलग-अलग राज्यों में पेट्रोल-डीजल के दाम? जानें पूरी सच्चाई

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India News Live,Digital Desk : देश में ईंधन की कीमतों में हो रही लगातार बढ़ोतरी आम आदमी की जेब पर भारी पड़ रही है। शनिवार, 23 मई को ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने एक बार फिर पेट्रोल में 0.87 रुपये और डीजल में 0.91 रुपये प्रति लीटर का इजाफा किया है। पिछले 10 दिनों में यह तीसरी बार है जब कीमतों में वृद्धि की गई है, जिससे ईंधन करीब 5 रुपये प्रति लीटर महंगा हो चुका है। देश के कई राज्यों में तो पेट्रोल की कीमतें अब 112 रुपये प्रति लीटर के आंकड़े को भी पार कर गई हैं।

76 दिनों तक सरकार ने सहा कच्चा तेल का बोझ

लगातार बढ़ती कीमतों के बीच केंद्र सरकार का स्पष्ट कहना है कि यह बढ़ोतरी वैश्विक परिस्थितियों का परिणाम है। सरकार के अनुसार, जब युद्ध के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतें आसमान छू रही थीं, तब भी भारत सरकार ने पिछले 76 दिनों तक इस बोझ को खुद उठाया और जनता पर इसका सीधा असर नहीं पड़ने दिया। सरकार का तर्क है कि हालिया बढ़ोतरी के बावजूद, अन्य वैश्विक देशों की तुलना में भारत में पेट्रोल और डीजल के दाम अभी भी काफी नियंत्रण में हैं। इसके अलावा, 27 मार्च 2026 को केंद्र ने एक्साइज ड्यूटी में भी 10-10 रुपये की कटौती की थी, ताकि जनता को राहत मिल सके।

हर राज्य में अलग क्यों हैं पेट्रोल-डीजल के रेट?

अक्सर लोग इस बात को लेकर भ्रमित रहते हैं कि एक ही देश में पेट्रोल-डीजल की कीमतें अलग-अलग क्यों होती हैं। इसका मुख्य कारण VAT (वैल्यू एडेड टैक्स) है। केंद्र सरकार का कहना है कि पूरे देश में 'एक्साइज ड्यूटी' तो एक समान रहती है, लेकिन पेट्रोल पंप तक पहुंचते-पहुंचते ईंधन की कीमत में जो अंतर आता है, वह राज्य सरकारों द्वारा लगाए गए वैट के कारण होता है।

सरकार के मुताबिक, कुछ राज्य ईंधन पर 30 प्रतिशत या उससे अधिक VAT वसूलते हैं और साथ ही अतिरिक्त 'इंफ्रास्ट्रक्चर सेस' भी लगाते हैं। वहीं, इसके विपरीत कई अन्य राज्य केवल 20 प्रतिशत के आसपास ही वैट लेते हैं और कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं वसूलते, जिससे वहां पेट्रोल-डीजल सस्ता मिलता है।

इन राज्यों में 112 रुपये के पार पहुंची कीमतें

आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और केरल जैसे राज्यों में वैट की दरें अधिक होने के कारण पेट्रोल 112 रुपये प्रति लीटर के स्तर को पार कर चुका है। उदाहरण के तौर पर, आंध्र प्रदेश में 31% VAT और 4 रुपये प्रति लीटर का रोड डेवलपमेंट सेस लगाने के कारण प्रभावी वैट लगभग 35 प्रतिशत तक पहुंच जाता है, वहीं तेलंगाना में पेट्रोल की कीमत 116 रुपये प्रति लीटर तक दर्ज की गई है।

कहाँ मिल रहा है राहत?

जिन राज्यों में वैट की दरें कम हैं, वहां आम आदमी को थोड़ी राहत जरूर है। गुजरात, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, गोवा और असम जैसे राज्यों में पेट्रोल का दाम अभी भी 102 रुपये प्रति लीटर या उससे कम के स्तर पर बना हुआ है।