Liquor scam: जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा पर AAP के सवाल, सौरभ भारद्वाज बोले "BJP को कैसे पता कि पिक्चर अभी बाकी"

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India News Live,Digital Desk : दिल्ली के कथित शराब घोटाले (Excise Policy Case) में अरविंद केजरीवाल को ट्रायल कोर्ट से मिली क्लीनचिट के बाद अब कानूनी लड़ाई हाई कोर्ट पहुंच गई है। इस मामले की सुनवाई कर रही जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) ने तीखे सवाल खड़े किए हैं। 'आप' के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जज की निष्पक्षता और भाजपा के साथ उनके कथित कनेक्शन पर सवाल उठाए हैं।

विवाद की जड़: भाजपा नेताओं के बयान

दरअसल, 27 फरवरी 2026 को ट्रायल कोर्ट ने अरविंद केजरीवाल समेत सभी 23 आरोपियों को आरोपमुक्त (Discharge) कर दिया था। सीबीआई (CBI) ने इस फैसले को हाई कोर्ट में चुनौती दी है।

भाजपा की प्रतिक्रिया: हाई कोर्ट में सुनवाई शुरू होते ही दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने कहा कि "निश्चित सजा मिलेगी" और भाजपा नेता कपिल मिश्रा ने ट्वीट किया— "पिक्चर अभी बाकी है।"

AAP का तर्क: सौरभ भारद्वाज ने सवाल किया कि जो बात अभी जज साहिबा को भी नहीं पता, वह भाजपा नेताओं को कैसे पता है? क्या उन्हें पहले से पता है कि हाई कोर्ट का फैसला क्या होने वाला है?

सौरभ भारद्वाज के गंभीर आरोप

सौरभ भारद्वाज ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कई तल्ख सवाल पूछे:

रिश्ते पर सवाल: "जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा का भाजपा से क्या रिश्ता है? भाजपा नेता जिस विश्वास के साथ 'पिक्चर बाकी है' कह रहे हैं, क्या वे यह संदेश देना चाहते हैं कि वे अपनी मर्जी का फैसला करा लेंगे?"

जज ट्रांसफर का जिक्र: भारद्वाज ने आरोप लगाया कि कपिल मिश्रा का प्रभाव इतना है कि एक बार जब हाई कोर्ट के एक जज ने उनके खिलाफ एफआईआर का आदेश दिया था, तो रातों-रात उनका ट्रांसफर कर दिया गया था।

न्यायपालिका पर दबाव: 'आप' नेता ने कहा कि भाजपा नेताओं के बयान सीधे तौर पर न्यायपालिका को प्रभावित करने और यह जताने की कोशिश हैं कि जांच एजेंसियां और अदालतें उनके इशारे पर काम कर रही हैं।

क्या है कानूनी स्थिति?

ट्रायल कोर्ट का फैसला: कोर्ट ने माना था कि केजरीवाल और अन्य के खिलाफ पुख्ता सबूत नहीं हैं।

हाई कोर्ट की सुनवाई: सीबीआई की याचिका पर जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा की बेंच सुनवाई कर रही है। सोमवार को कोर्ट ने सीबीआई को शुरुआती राहत देते हुए मामले पर विचार करने की बात कही थी।

जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा के चर्चित मामले

जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा दिल्ली हाई कोर्ट की एक वरिष्ठ जज हैं और उन्होंने पहले भी केजरीवाल से जुड़े कई महत्वपूर्ण मामलों (जैसे उनकी गिरफ्तारी को चुनौती देने वाली याचिका) की सुनवाई की है। आम आदमी पार्टी पहले भी अदालतों के कुछ फैसलों पर अपनी असहमति जताती रही है, लेकिन जज के साथ सीधे तौर पर भाजपा का 'रिश्ता' पूछना इस विवाद को एक नए राजनीतिक मोड़ पर ले आया है।