अमावस्या-पूर्णिमा पर श्रद्धालुओं को बड़ा तोहफा, अलीगढ़-राजघाट नरौरा स्पेशल ट्रेन शुरू; कई ट्रेनों में बढ़ेंगे कोच
पवित्र गंगा घाटों पर अमावस्या और पूर्णिमा के अवसर पर उमड़ने वाली भारी भीड़ और श्रद्धालुओं की आस्था को ध्यान में रखते हुए भारतीय रेलवे ने एक अहम सौगात दी है। उत्तर मध्य रेलवे प्रशासन ने धार्मिक स्नान पर्वों पर यात्रियों की सुविधा और सुगम आवागमन को सुनिश्चित करने के लिए अलीगढ़ जंक्शन से राजघाट नरौरा के बीच विशेष मेला स्पेशल ट्रेन चलाने का निर्णय लिया है।
अमावस्या और पूर्णिमा के पावन दिनों में अलीगढ़, हाथरस, बुलंदशहर और आसपास के जनपदों से लाखों की संख्या में श्रद्धालु गंगा स्नान, पूजा-अर्चना और दीपदान के लिए नरौरा राजघाट पहुंचते हैं। इस दौरान नियमित ट्रेनों और बसों में भारी मारामारी देखने को मिलती है, जिससे बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को गंभीर दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। रेलवे के इस फैसले से श्रद्धालुओं को भीड़भाड़ से राहत मिलेगी और वे सुरक्षित व समय पर घाटों तक पहुंच सकेंगे।
टाइम-टेबल और रूट: श्रद्धालुओं के अनुकूल तय किया गया समय
रेलवे द्वारा जारी समय-सारिणी के अनुसार, यह स्पेशल ट्रेन अमावस्या और पूर्णिमा स्नान पर्वों पर संचालित की जाएगी। ट्रेन को इस तरह से शेड्यूल किया गया है कि श्रद्धालु सुबह तड़के अलीगढ़ से रवाना होकर समय पर घाट पहुंचकर स्नान कर सकें और शाम को गंगा आरती के बाद आसानी से अपने घर वापस लौट सकें।
यह स्पेशल ट्रेन अलीगढ़ जंक्शन से सुबह समयबद्ध तरीके से रवाना होकर महरावल, कुलवा, सोमना, दादों, अतरौली रोड, गोधा और डिबाई होते हुए राजघाट नरौरा स्टेशन पहुंचेगी। वापसी में भी यह ट्रेन शाम को राजघाट नरौरा से चलकर इन्हीं स्टेशनों पर ठहराव लेते हुए देर शाम तक अलीगढ़ जंक्शन लौटेगी। सभी प्रमुख छोटे-बड़े स्टेशनों पर ठहराव दिए जाने से ग्रामीण अंचल के श्रद्धालुओं को काफी सहूलियत होगी।
भीड़ नियंत्रण के लिए कई नियमित ट्रेनों में जोड़े गए अतिरिक्त कोच
स्पेशल ट्रेन चलाने के अलावा रेलवे प्रशासन ने इस रूट और आसपास के रेलखंडों पर चलने वाली कई नियमित पैसेंजर और एक्सप्रेस ट्रेनों में भी अतिरिक्त डिब्बे (कोच) बढ़ाने का आदेश दिया है।
अक्सर पर्वों के दौरान ट्रेनों में 'नो रूम' की स्थिति बन जाती है और यात्री पायदानों व दरवाजों पर लटककर जान जोखिम में डालकर यात्रा करने को मजबूर होते हैं। इसे देखते हुए संबंधित रेल मंडल ने नियमित यात्री ट्रेनों में सामान्य द्वितीय श्रेणी (General Class) के दो से तीन अतिरिक्त कोच स्थायी और अस्थायी रूप से जोड़ने का फैसला किया है। इससे न केवल सीट मिलने की संभावना बढ़ेगी, बल्कि आरपीएफ और जीआरपी को भी प्लेटफॉर्म व डिब्बों के भीतर भीड़ प्रबंधन में बड़ी मदद मिलेगी।
स्टेशनों पर सुरक्षा के कड़े प्रबंध: अतिरिक्त टिकट काउंटर और चेकिंग
स्नान पर्वों के मद्देनजर अलीगढ़ जंक्शन, अतरौली रोड, डिबाई और राजघाट नरौरा रेलवे स्टेशनों पर सुरक्षा और व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं।
यात्रियों की लंबी कतारों को देखते हुए स्टेशनों पर अतिरिक्त अनारक्षित टिकट काउंटर (UTS Counters) खोले जाएंगे, ताकि यात्रियों को टिकट लेने के लिए लंबा इंतजार न करना पड़े। इसके साथ ही मोबाइल ऐप से टिकट बुकिंग (UTS on Mobile) को बढ़ावा देने के लिए स्टेशनों पर हेल्प डेस्क भी सक्रिय रहेंगे। आरपीएफ (RPF) और जीआरपी (GRP) के जवानों की विशेष तैनाती की गई है, जो संदिग्ध व्यक्तियों, जेबकतरों और असामाजिक तत्वों पर पैनी नजर रखेंगे। महिलाओं और बुजुर्गों की सुरक्षा के लिए प्लेटफॉर्म्स और ट्रेनों में महिला सुरक्षा बलों को भी तैनात किया जा रहा है।
श्रद्धालुओं में खुशी की लहर: राहत भरी होगी धार्मिक यात्रा
रेलवे के इस कदम का स्थानीय निवासियों, धार्मिक संगठनों और तीर्थयात्रियों ने खुले दिल से स्वागत किया है। लंबे समय से स्थानीय स्तर पर पर्वों के दौरान इस रूट पर सीधी और सस्ती ट्रेन चलाने की मांग उठाई जा रही थी। सड़क मार्ग से यात्रा करने पर जहां जाम और अधिक किराए की मार झेलनी पड़ती थी, वहीं अब मात्र कुछ रुपयों के टिकट पर श्रद्धालु बिना किसी परेशानी के मां गंगा के पावन तट तक पहुंच सकेंगे।