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September 13 2026 05:23 pm

पवन सिंह पर कोर्ट का बड़ा एक्शन: आरा फैमिली कोर्ट ने लगाया जुर्माना

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भोजपुरी सिनेमा के 'पावर स्टार' और राजनीतिक मंचों पर अपनी मौजूदगी दर्ज कराने वाले गायक-अभिनेता पवन सिंह की कानूनी मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। बिहार के भोजपुर जिले की आरा फैमिली कोर्ट में चल रहे तलाक और भरण-पोषण (मेंटेनेंस) के बहुचर्चित मुकदमे में अदालत ने पवन सिंह के खिलाफ सख्त रुख अख्तियार किया है। लगातार तारीखों पर अदालत के समक्ष व्यक्तिगत रूप से उपस्थित न होने और कानूनी प्रक्रिया में देरी करने के कारण अदालत ने पवन सिंह पर आर्थिक जुर्माना लगा दिया है। इस फैसले के बाद भोजपुरी गलियारों से लेकर कानूनी हलकों तक यह मामला फिर से सुर्खियों में आ गया है।

अदालत ने क्यों लगाया जुर्माना? पेशी से गैरहाजिरी बनी वजह

आरा की फैमिली कोर्ट में पवन सिंह और उनकी पत्नी ज्योति सिंह के बीच विवाह विच्छेद (तलाक) और गुजारा भत्ते को लेकर लंबे समय से सुनवाई चल रही है। अदालत ने मामले की गंभीरता और दोनों पक्षों की सुलह या अंतिम बहस के लिए पवन सिंह को व्यक्तिगत रूप से कोर्ट रूम में मौजूद रहने के स्पष्ट निर्देश दिए थे। हालांकि, कई पिछली तारीखों की तरह इस बार भी पवन सिंह अदालत के समक्ष हाजिर नहीं हुए। उनके वकीलों की ओर से व्यस्तता और अन्य कारणों का हवाला देते हुए समय की मांग की गई।

ज्योति सिंह के कानूनी पक्ष ने इसका कड़ा विरोध करते हुए तर्क दिया कि पवन सिंह जानबूझकर न्यायिक प्रक्रिया को लंबा खींचने की कोशिश कर रहे हैं, ताकि मामले का निपटारा न हो सके। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने पवन सिंह की अनुपस्थिति पर गहरी नाराजगी व्यक्त की और अदालती समय को बर्बाद करने व निर्देशों की अवहेलना करने के एवज में उन पर जुर्माना ठोक दिया। साथ ही, अदालत ने चेतावनी दी कि अगली निर्धारित तिथि पर उनका पेश होना अनिवार्य है, अन्यथा कानून सम्मत और भी कड़े कदम उठाए जा सकते हैं।

ज्योति सिंह ने क्यों मांगा 10 करोड़ रुपये का मेंटेनेंस और एक फ्लैट?

पवन सिंह और ज्योति सिंह के इस कानूनी विवाद का सबसे अहम और चर्चित पहलू है गुजारा भत्ते की भारी-भरकम मांग। पवन सिंह की दूसरी पत्नी ज्योति सिंह ने अदालत में भरण-पोषण याचिका (Section 125 CrPC) दाखिल करते हुए पवन सिंह से एकमुश्त 10 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता और मुंबई या लखनऊ में रहने के लिए एक आलीशान फ्लैट की मांग की है।

ज्योति सिंह के वकीलों का तर्क है कि पवन सिंह भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री के सबसे महंगे और संपन्न अभिनेता हैं। उनकी सालाना कमाई करोड़ों में है और वे एक बेहद विलासितापूर्ण जीवन शैली जीते हैं। कानून के अनुसार, पत्नी को भी पति के सामाजिक और आर्थिक स्तर के अनुरूप सम्मानजनक जीवन जीने का पूरा अधिकार है। अलग रहने की स्थिति में ज्योति सिंह के पास आय का कोई स्वतंत्र साधन नहीं है, इसलिए उन्होंने अपने भविष्य की सुरक्षा और रहन-सहन के खर्च के लिए 10 करोड़ रुपये के स्थायी भरण-पोषण की मांग अदालत के सामने रखी है।

रिश्ते में कैसे आई दरार? मानसिक प्रताड़ना और गर्भपात के गंभीर आरोप

पवन सिंह और बलिया (उत्तर प्रदेश) की रहने वाली ज्योति सिंह का विवाह साल 2018 में हिंदू रीति-रिवाज के साथ बड़ी धूमधाम से हुआ था। यह पवन सिंह की दूसरी शादी थी, क्योंकि उनकी पहली पत्नी नीलम ने शादी के कुछ समय बाद ही आत्महत्या कर ली थी। हालांकि, ज्योति सिंह के साथ भी पवन सिंह का वैवाहिक जीवन ज्यादा दिनों तक सुचारू रूप से नहीं चल सका और शादी के कुछ ही महीनों बाद दोनों के बीच दूरियां बढ़ने लगीं।

ज्योति सिंह ने पवन सिंह और उनके परिवार पर बेहद संगीन आरोप लगाए हैं। ज्योति का आरोप है कि शादी के बाद से ही उन्हें मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जाने लगा। उन्होंने यह भी दावा किया कि पवन सिंह का व्यवहार उनके प्रति बेहद अपमानजनक था और उन पर जबरन गर्भपात कराने का दबाव बनाया गया। इसके अलावा, ज्योति सिंह ने पवन सिंह के अन्य महिलाओं और सह-कलाकारों के साथ रिश्तों को लेकर भी कई सार्वजनिक और कानूनी बयान दिए, जिसके चलते यह रिश्ता पूरी तरह टूट की कगार पर पहुंच गया। अंततः पवन सिंह ने खुद आरा कोर्ट में तलाक की अर्जी दाखिल कर दी थी, जिसके जवाब में ज्योति सिंह ने मेंटेनेंस का केस दर्ज कराया।

समझौते की कोशिशें नाकाम, कानूनी दांव-पेच में उलझा मामला

अदालत ने दोनों पक्षों के बीच सुलह कराने के उद्देश्य से कई बार मध्यस्थता (Counseling) की प्रक्रिया भी अपनाई। एक-दो मौकों पर पवन सिंह और ज्योति सिंह अदालत में आमने-सामने भी बैठे, लेकिन गिले-शिकवे इतने गहरे थे कि बातचीत किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी। ज्योति सिंह का साफ कहना है कि अगर पवन सिंह उनके साथ सम्मानपूर्वक जीवन नहीं बिता सकते, तो उन्हें उनका कानूनी हक और सम्मानजनक गुजारा भत्ता देना ही होगा। दूसरी ओर, पवन सिंह के वकीलों का कहना है कि लगाए गए आरोप बेबुनियाद हैं और मेंटेनेंस की मांगी गई रकम अत्यधिक व अवास्तविक है।

अदालत द्वारा जुर्माना लगाए जाने के बाद अब सबकी नजरें अगली सुनवाई पर टिकी हैं। क्या पवन सिंह अगली तारीख पर अदालत में खुद उपस्थित होकर अपनी दलीलें रखेंगे, या फिर यह कानूनी जंग और लंबी खिंचेगी—यह देखना भोजपुरी सिनेमा और उनके लाखों समर्थकों के लिए काफी अहम होगा।