A flood of faith surges in Sawan हजारों साल पुराना नानकेश्वर महादेव मंदिर बना श्रद्धा का केंद्र
India News Live,Digital Desk : सावन का महीना आते ही शिवभक्तों की आस्था का रंग चढ़ जाता है। पूरे देश में शिवालयों में श्रद्धालुओं की भीड़ देखने को मिलती है, लेकिन रबूपुरा क्षेत्र के भाईपुर ब्राह्मण गांव में स्थित नानकेश्वर महादेव मंदिर में सावन की शुरुआत के साथ ही एक अलग ही भक्तिमय माहौल देखने को मिलता है।
शिवभक्ति की गूंज से गूंजता है मंदिर परिसर
यह ऐतिहासिक शिवमंदिर करीब 1000 साल पुराना है और यमुना नदी के किनारे स्थित है। 1984 में इसका पुनर्निर्माण किया गया था। 15 एकड़ में फैले मंदिर परिसर में स्कूल और गौशाला भी संचालित होती है, जो इसे एक सामाजिक केंद्र भी बनाती है। यहां शिवलिंग स्वयंभू (प्राकृतिक रूप से स्थापित) है और महादेव कटे सिर वाले नंदी के साथ विराजमान हैं, जो इस मंदिर को और भी विशेष बनाता है।
सावन में लाखों श्रद्धालु करते हैं दर्शन
सावन में हर सोमवार को भक्त सुबह से लेकर शाम तक जल और दूध से अभिषेक करते हैं। शिवरात्रि और सावन में तो यहां लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं। 20 जुलाई से 23 जुलाई तक कांवड़ मेला आयोजित किया जाएगा, जिसमें देश भर से शिवभक्त भाग लेंगे। साल में दो बार कांवड़ मेला लगाया जाता है, जो मंदिर की महत्ता को और बढ़ाता है।
यात्रा अब और आसान
अब इस प्राचीन मंदिर को यमुना एक्सप्रेसवे से जोड़ा जा चुका है, जिससे फलैदा कट से मंदिर की दूरी सिर्फ 2 किलोमीटर रह गई है। मंदिर तक पहुंचने के लिए हर समय वाहन सुविधा उपलब्ध है।
भक्ति से पूरी होती हैं मनोकामनाएं
मंदिर के महंत आचार्य रामकुमार मिश्र बताते हैं कि जो भी भक्त सच्चे मन से मन्नत लेकर यहां आता है, उसकी इच्छाएं पूरी होती हैं। मेला समिति के अध्यक्ष राजेंद्र प्रधान के अनुसार, इस बार बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने की संभावना है और सभी के लिए सुविधाएं बेहतर की गई हैं।