8th Pay Commission: 8वें वेतन आयोग की रिपोर्ट पर आया सबसे बड़ा अपडेट, जानें कब लागू होगी नई सैलरी और कितना बढ़ेगा फिटमेंट फैक्टर
केंद्र सरकार के लगभग 50 लाख कर्मचारियों और करीब 70 लाख पेंशनभोगियों के लिए 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) से जुड़ी एक बेहद महत्वपूर्ण खबर सामने आ रही है। आयोग के गठन को करीब 9 महीने पूरे हो चुके हैं और अब यह चर्चा तेज हो गई है कि वेतन आयोग अपनी अंतिम सिफारिशें कब तक मोदी सरकार को सौंपेगा और कर्मचारियों की सैलरी में कितना बंपर उछाल आने वाला है।
2027 के मध्य तक रिपोर्ट सौंपेगा वेतन आयोग
वेतन आयोग के टाइमलाइन के विश्लेषण के मुताबिक, आयोग 2027 के मध्य तक अपनी अंतिम रिपोर्ट केंद्र सरकार को सौंप सकता है। रिपोर्ट मिलने के बाद सरकार इन सिफारिशों की गहनता से जांच करेगी।
क्या सरकार सिफारिशें मानने के लिए बाध्य है?
ध्यान देने वाली बात यह है कि केंद्र सरकार वेतन आयोग की सिफारिशों को अक्षरशः (हूबहू) लागू करने के लिए कानूनी रूप से बाध्य नहीं है। अंतिम फैसला देश के सरकारी खजाने की स्थिति और वित्तीय बोझ के आकलन के आधार पर ही लिया जाएगा।
1 जनवरी 2026 से लागू करने की मांग
वर्तमान में केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स को पूरी उम्मीद है कि 8वें वेतन आयोग की सिफारिशों को बैकडेट (पिछली तारीख) में जाकर 1 जनवरी 2026 से प्रभावी ढंग से लागू किया जाएगा। हालांकि, सरकार इस पर अंतिम मुहर कब लगाएगी, यह देखना बाकी है।
देशभर में ताबड़तोड़ बैठकों का दौर जारी
अपनी रिपोर्ट को अंतिम रूप देने के लिए वेतन आयोग काफी सक्रियता से काम कर रहा है:
अप्रैल 2026 से शुरू हुए बैठकों के दौर के तहत आयोग ने अलग-अलग राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में स्टेकहोल्डर्स (हितधारकों) के साथ 9 दौर की बातचीत पूरी कर ली है।
इस वार्ता का आखिरी दौर 9 और 10 जुलाई 2026 को कोलकाता में संपन्न हुआ।
इन बैठकों के जरिए आयोग कर्मचारियों के संगठनों से मिलकर वेतन विसंगतियों, पेंशन सुधार, भत्ते और अन्य वित्तीय मामलों पर अहम सुझाव ले रहा है।
3 नवंबर 2025 को हुआ था आयोग का गठन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट ने जनवरी 2025 में ही 8वें वेतन आयोग को मंजूरी दे दी थी, जिसके बाद 3 नवंबर 2025 को आधिकारिक रूप से इसका गठन किया गया। आयोग को अपनी रिपोर्ट तैयार करने के लिए कुल 18 महीने का समय दिया गया था। इस अवधि में से लगभग 9 महीने बीत चुके हैं और अब 10 महीने से कम का समय शेष रह गया है।
3.83 फिटमेंट फैक्टर की मांग: ₹18,000 से सीधे ₹69,000 होगी बेसिक सैलरी!
विभिन्न केंद्रीय कर्मचारी यूनियनों द्वारा सरकार के सामने प्रमुखता से तीन बड़ी मांगें रखी जा रही हैं:
फिटमेंट फैक्टर में बढ़ोतरी: कर्मचारी यूनियन 3.83 गुना फिटमेंट फैक्टर की पुरजोर मांग कर रहे हैं।
पुरानी पेंशन योजना (OPS): एनपीएस के स्थान पर पुरानी पेंशन योजना को दोबारा बहाल करने का दबाव है।
हाउस रेंट अलाउंस (HRA): महंगाई को देखते हुए एचआरए में भी बढ़ोतरी की मांग की जा रही है।
सैलरी पर क्या होगा असर?
अगर वेतन आयोग 3.83 गुना फिटमेंट फैक्टर की सिफारिश करता है और सरकार इसे मंजूरी दे देती है, तो कर्मचारियों की न्यूनतम बेसिक सैलरी मौजूदा ₹18,000 से बढ़कर सीधे ₹69,000 प्रति माह हो जाएगी। यह न्यूनतम वेतनमान में सीधे 283 प्रतिशत की ऐतिहासिक वृद्धि होगी।