NSE IPO Update: एनएसई के मेगा आईपीओ से पहले बाजार में हड़कंप, दिग्गज ब्रोकरेज हाउस ने दी शेयर बेचने की सलाह
ट्रेडिंग वॉल्यूम के लिहाज से दुनिया के सबसे बड़े डेरिवेटिव्स एक्सचेंज—नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE)—के आगामी आईपीओ का इंतजार कर रहे निवेशकों के लिए अनलिस्टेड मार्केट से एक चौंकाने वाली खबर आई है। सेबी (SEBI) की मंजूरी और सितंबर 2026 में संभावित लिस्टिंग की तैयारियों के बीच, एक प्रमुख घरेलू ब्रोकरेज हाउस ने एनएसई के शेयरों पर 'सेल' (Sell) रेटिंग जारी कर निवेशकों को तगड़ा झटका दिया है।
दौलत कैपिटल ने 'सेल' रेटिंग के साथ शुरू किया कवरेज
घरेलू ब्रोकरेज हाउस दौलत कैपिटल मार्केट प्राइवेट लिमिटेड ने देश के सबसे बड़े स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर अपनी पहली कवरेज रिपोर्ट जारी की है। ब्रोकरेज ने बेहद बेयरिश (मंदी का) रुख अपनाते हुए एक्सचेंज के शेयरों को तुरंत बेचने की सलाह दी है।
ब्रोकरेज हाउस का मानना है कि भारतीय इक्विटी डेरिवेटिव्स (F&O) मार्केट पर रेगुलेटर द्वारा लगाए जा रहे सख्त नियमों के कारण आने वाले समय में ट्रेडिंग वॉल्यूम पर भारी असर पड़ेगा, जिससे एक्सचेंज के मार्केट शेयर में गिरावट आ सकती है।
करेंट प्राइस से 26% नीचे का दिया टारगेट प्राइस
दौलत कैपिटल का टारगेट: ब्रोकरेज हाउस ने एनएसई के शेयर के लिए ₹1,550 का टारगेट प्राइस तय किया है।
अनलिस्टेड मार्केट का हाल: वर्तमान में अनलिस्टेड (प्राइवेट) ट्रेडिंग मार्केट में एनएसई के शेयर का भाव करीब ₹2,085 चल रहा है।
भारी डिस्काउंट: ब्रोकरेज द्वारा दिया गया टारगेट प्राइस इसके मौजूदा अनलिस्टेड भाव से लगभग 26 प्रतिशत के भारी डिस्काउंट (नीचे) पर है।
अनलिस्टेड शेयर-ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म unlistedzone.com के मुताबिक, पिछले 12 महीनों में अनलिस्टेड मार्केट में एनएसई के शेयरों में पहले ही 3% की गिरावट देखी जा चुकी है, जबकि एक्सचेंज की मौजूदा मार्केट वैल्यू ₹5.2 ट्रिलियन (5.2 लाख करोड़ रुपये) आंकी गई है।
क्यों आई 'सेल' रेटिंग? ब्रोकरेज ने बताए ये 3 बड़े कारण
दौलत कैपिटल ने अपनी रिपोर्ट में एनएसई के शेयरों को बेचने के पीछे निम्नलिखित तर्कों को सामने रखा है:
वैश्विक स्तर पर महंगे वैल्यूएशंस: अनलिस्टेड मार्केट में एनएसई के मौजूदा वैल्यूएशंस इसके वैश्विक प्रतिस्पर्धियों (Global Peers) के मुकाबले काफी ज्यादा हैं, जबकि इसकी प्रॉफिट ग्रोथ उस रफ्तार से नहीं बढ़ रही है।
ऑप्शंस ट्रेडिंग में गिरावट का अनुमान: ब्रोकरेज का अनुमान है कि सख्त रेगुलेटरी नियमों, रिटेल निवेशकों की कम होती भागीदारी और कमजोर मार्केट साइकल के चलते वित्त वर्ष 2026 से 2029 के बीच एनएसई का ऑप्शंस ट्रेडिंग टर्नओवर 4% के सालाना रेट (CAGR) से घट सकता है।
अन्य एक्सचेंजों पर भी मंदी का रुख: दौलत कैपिटल ने केवल एनएसई ही नहीं, बल्कि बीएसई लिमिटेड (BSE) और मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर भी अपनी कवरेज शुरू करते हुए उन्हें भी 'सेल' रेटिंग दी है।
सितंबर 2026 में लिस्टिंग का है प्लान
मार्केट में चल रही इस उठापटक के बीच एनएसई अपने आईपीओ की तैयारियों को अंतिम रूप दे रहा है। एक्सचेंज ने सेबी के पास अपने ड्राफ्ट पेपर्स (DRHP) पहले ही फाइल कर दिए हैं और उसका लक्ष्य सितंबर 2026 तक बाजार में लिस्ट होना है। हालांकि, बाजार के पंडितों का मानना है कि इस ताजा निगेटिव रिपोर्ट के बाद अनलिस्टेड मार्केट के सेंटिमेंट्स पर कुछ दबाव जरूर देखने को मिल सकता है।