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July 17 2026 06:03 pm

रिलायंस में प्रमोटर्स ने खरीदे ₹9000 करोड़ के शेयर, हिस्सेदारी बढ़कर 50.48% हुई; रिटेल निवेशक गदगद

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देश की सबसे मूल्यवान कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) के शेयरधारकों और रिटेल निवेशकों के लिए एक बेहद सकारात्मक खबर सामने आई है। मुकेश अंबानी के नेतृत्व वाले प्रमोटर ग्रुप ने अप्रैल-जून 2026 तिमाही के दौरान खुले बाजार से लगभग ₹8,500 करोड़ से ₹9,000 करोड़ के शेयर खरीदकर कंपनी में अपनी हिस्सेदारी 0.48% बढ़ा ली है।

इस बड़ी ब्लॉक डील की खबर आते ही शेयर बाजार में रिलायंस के स्टॉक में तूफानी तेजी देखी गई और शेयर का भाव 3 फीसदी तक के उछाल के साथ ₹1,324.50 के स्तर पर जा पहुंचा।

सेबी के नियमों के तहत बढ़ी हिस्सेदारी

नवीनतम शेयरहोल्डिंग पैटर्न (Shareholding Pattern) के मुताबिक, रिलायंस में प्रमोटर और प्रमोटर समूह की कुल हिस्सेदारी बढ़कर अब 50.48 प्रतिशत हो गई है, जो पिछली जनवरी-मार्च तिमाही में ठीक 50 प्रतिशत पर थी। प्रमोटर ग्रुप द्वारा की गई यह ताजा खरीदारी भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) के 'क्रीपिंग एक्विजिशन' (Creeping Acquisition) नियमों के तहत की गई है। इन नियमों के तहत प्रमोटर्स को बिना किसी अनिवार्य ओपन ऑफर (खुली पेशकश) के बाजार से धीरे-धीरे अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने की कानूनी अनुमति होती है।

मुकेश अंबानी और परिवार के पास कितनी हिस्सेदारी?

कंपनी द्वारा जारी ताजा शेयरहोल्डिंग आंकड़ों के अनुसार, अंबानी परिवार के सदस्यों के पास व्यक्तिगत रूप से निम्नलिखित शेयर और हिस्सेदारी मौजूद है:

मुकेश अंबानी और बच्चे: रिलायंस के चेयरमैन मुकेश अंबानी, उनकी पत्नी नीता अंबानी और उनके तीनों बच्चों (ईशा, आकाश और अनंत अंबानी) के पास व्यक्तिगत रूप से 1.61-1.61 करोड़ शेयर हैं। यह प्रत्येक सदस्य के लिए 0.12 प्रतिशत की हिस्सेदारी के बराबर है।

कोकिलाबेन अंबानी: मुकेश अंबानी की मां के. डी. अंबानी के पास कंपनी के 3.14 करोड़ शेयर हैं, जो कुल 0.24 प्रतिशत हिस्सेदारी के बराबर है।

प्रमोटर ग्रुप की अन्य इकाइयां: शेष प्रमोटर हिस्सेदारी विभिन्न एलएलपी (LLPs) के पास है, जिसमें श्रीचक्र कमर्शियल्स एलएलपी की हिस्सेदारी सबसे ज्यादा 10.93% है। इसके अलावा देवर्षि कमर्शियल्स, करुणा कमर्शियल और तत्त्वम एंटरप्राइजेज एलएलपी में से प्रत्येक की हिस्सेदारी 8.06-8.06 प्रतिशत है।

क्या कहते हैं मार्केट एक्सपर्ट?

बाजार विश्लेषकों (Market Analysts) का मानना है कि प्रमोटर्स द्वारा अपनी ही कंपनी के शेयर खरीदना हमेशा एक बेहद सकारात्मक संकेत होता है:

मैनेजमेंट का भरोसा: यह कदम दर्शाता है कि कंपनी के शीर्ष प्रबंधन और प्रमोटर्स को रिलायंस की लॉन्ग-टर्म (लंबी अवधि) ग्रोथ और भविष्य की संभावनाओं पर पूरा भरोसा है।

शेयरों का आकर्षक मूल्य: एक्सपर्ट्स के अनुसार, जब प्रमोटर बाजार से शेयर उठाते हैं, तो इसका सीधा मतलब होता है कि उनके नजरिए से मौजूदा भाव पर शेयर का वैल्यूएशन काफी आकर्षक है।

माइनॉरिटी इन्वेस्टर्स के लिए बूस्टर: इस खरीदारी का कंपनी के रोजमर्रा के कामकाज (Operations) पर कोई सीधा असर नहीं पड़ेगा, लेकिन यह रिटेल और अल्पसंख्यक निवेशकों के सेंटिमेंट को मजबूत करने के लिए एक बड़ा बूस्टर साबित होगा।