700 किलो का 'डोनाल्ड ट्रंप' भैंसा: माथे पर सुनहरे बाल और वीआईपी स्वैग, सेल्फी लेने के लिए उमड़ी भीड़, जानें क्यों है चर्चा में
India News Live,Digital Desk : बांग्लादेश में इन दिनों एक अजीबोगरीब नजारा देखने को मिल रहा है, जहां एक 700 किलो वजनी भैंसा सोशल मीडिया पर रातों-रात सेलिब्रिटी बन गया है। इस भैंसे को देखने के लिए लोगों की लंबी कतारें लग रही हैं और इसके साथ सेल्फी लेने की होड़ मची है। दरअसल, इस भैंसे का नाम और उसका लुक सीधे अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मिलता-जुलता है। बकरीद के करीब आते ही यह दुर्लभ 'एल्बिनो' भैंसा चर्चा का केंद्र बना हुआ है।
डोनाल्ड ट्रंप जैसा हेयरस्टाइल और अनोखा लुक
राजधानी ढाका के पास स्थित नारायणगंज जिले के एक फार्म में पले इस भैंसे का रंग क्रीम है और नाक गुलाबी है। लेकिन जो चीज इसे बाकी भैंसों से अलग और खास बनाती है, वो है इसके माथे पर मौजूद सुनहरे बालों का गुच्छा। यह हेयरस्टाइल बिल्कुल पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की याद दिलाता है। इसी अजीबोगरीब समानता के कारण फार्म के मालिक ने प्यार से इसका नाम 'डोनाल्ड ट्रंप' रख दिया है। दूर-दराज के इलाकों से लोग इस 'सेलिब्रिटी' भैंसे को एक नजर देखने के लिए पहुंच रहे हैं।
शांत स्वभाव और वीआईपी केयर का राज
अमूमन भैंसों को उनके गुस्सैल मिजाज के लिए जाना जाता है, लेकिन यह 'डोनाल्ड ट्रंप' भैंसा बेहद शांत स्वभाव का है। फार्म मालिक जियाउद्दीन मृधा के अनुसार, यह एल्बिनो प्रजाति का जानवर है और बेहद सौम्य है। बकरीद के चलते इस भैंसे की मेहमाननवाजी में कोई कसर नहीं छोड़ी गई। इसे दिन में चार बार नहलाया जाता था और इसकी डाइट भी बेहद खास थी। हालांकि, यह चमक-धमक कुछ ही दिनों की है, क्योंकि आगामी 28 मई, गुरुवार को बकरीद के मौके पर इस भैंसे की कुर्बानी तय है।
सामान्य भैंसों से कितना अलग है ये 'सेलिब्रिटी'?
इस भैंसे की लोकप्रियता का अंदाजा इसके आंकड़ों से लगाया जा सकता है। जहां सामान्य भैंसों का वजन 400 से 500 किलो के बीच होता है, वहीं यह दानवाकार भैंसा 700 किलो (करीब 1,540 पाउंड) का है। इसकी दुर्लभता और इसके खास लुक्स ही इसे आम भैंसों से बिल्कुल अलग खड़ा करते हैं। सोशल मीडिया पर इसके वीडियोज को लाखों में व्यूज मिल रहे हैं, जिससे साफ है कि बांग्लादेश में 'ट्रंप' भैंसे का क्रेज सिर चढ़कर बोल रहा है।
बांग्लादेश में क्यों है अनोखे जानवरों का ट्रेंड?
बांग्लादेश में ईद-उल-अजहा के दौरान जानवरों की मार्केटिंग का तरीका तेजी से बदला है। अब खरीदार सामान्य जानवरों के बजाय ऐसे विशालकाय या अनोखे दिखने वाले जानवरों की तलाश में रहते हैं, जो चर्चा का विषय बन सकें। फार्म मालिक भी मार्केटिंग के लिए जानवरों के नाम फिल्मी सितारों, खिलाड़ियों या बड़े राजनेताओं के नाम पर रख रहे हैं, ताकि सोशल मीडिया पर वे तुरंत वायरल हो जाएं और अच्छी कीमत मिल सके।