ड्रग तस्करी केस में बड़ी कार्रवाई, हुमायूं कबीर के समधी-दामाद की 18 करोड़ की संपत्ति जब्त, TMC में मचा सियासी घमासान
India News Live,Digital Desk :पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में ड्रग तस्करी से जुड़े एक मामले में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 18 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की है। यह कार्रवाई निलंबित तृणमूल कांग्रेस विधायक हुमायूं कबीर के समधी-दामाद से जुड़ी बताई जा रही है। मामला सामने आते ही राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है और सत्तारूढ़ दल पर विपक्ष के हमले और तेज हो गए हैं।
किसके खिलाफ हुई कार्रवाई
सूत्रों के अनुसार, जब्त की गई संपत्तियां हुमायूं कबीर के पारिवारिक संबंधों से जुड़े व्यक्ति के नाम पर हैं, जिन पर ड्रग तस्करी नेटवर्क से जुड़े होने का आरोप है। जांच एजेंसियों का दावा है कि यह संपत्ति कथित तौर पर अवैध गतिविधियों से अर्जित की गई थी। कार्रवाई के दौरान जमीन, मकान और अन्य कीमती परिसंपत्तियां शामिल बताई जा रही हैं।
ड्रग तस्करी केस से जुड़ाव का दावा
जांच एजेंसियों का कहना है कि यह मामला अंतरराज्यीय ड्रग तस्करी नेटवर्क से जुड़ा हुआ है। इसी सिलसिले में जब वित्तीय लेन-देन और संपत्ति के स्रोतों की जांच की गई, तो बड़ी मात्रा में संदिग्ध निवेश सामने आया। इसके बाद कानून के तहत संपत्ति जब्ती की प्रक्रिया शुरू की गई।
हुमायूं कबीर पहले से विवादों में
निलंबित टीएमसी विधायक हुमायूं कबीर पहले भी विभिन्न विवादों को लेकर चर्चा में रहे हैं। हालांकि, इस मामले में उनका नाम सीधे तौर पर आरोपी के रूप में शामिल नहीं किया गया है, लेकिन पारिवारिक संबंध सामने आने के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। विपक्ष इसे सत्तारूढ़ दल की कार्यप्रणाली से जोड़कर देख रहा है।
राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज
संपत्ति जब्ती की खबर सामने आने के बाद बीजेपी समेत विपक्षी दलों ने टीएमसी पर निशाना साधा है। विपक्ष का कहना है कि राज्य में अपराध और राजनीति का गठजोड़ साफ नजर आ रहा है। वहीं, टीएमसी की ओर से कहा गया है कि कानून अपना काम कर रहा है और किसी को भी दोषी ठहराने से पहले जांच पूरी होने का इंतजार किया जाना चाहिए।
जांच अभी जारी
प्रशासन और जांच एजेंसियों ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई शुरुआती चरण का हिस्सा है और मामले की गहराई से जांच की जा रही है। आने वाले दिनों में पूछताछ और अन्य संपत्तियों की जांच भी हो सकती है। इस पूरे प्रकरण पर अब सबकी नजरें जांच के नतीजों पर टिकी हैं।