पंजाब में भाजपा नेता रवनीत सिंह बिट्टू के काफिले पर हमला: अंडे-टमाटर फेंके, गाड़ियों के शीशे तोड़
पंजाब की सियासत में उस वक्त भारी तनाव फैल गया जब पूर्व केंद्रीय मंत्री और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता रवनीत सिंह बिट्टू के काफिले पर शुक्रवार को हिंसक हमला होने का मामला सामने आया। यह घटना उस समय घटी जब बिट्टू अमृतसर से पठानकोट की ओर जा रहे थे, जहां उन्हें भाजपा की राज्यव्यापी 'नशा मुक्त पंजाब यात्रा' के शुभारंभ कार्यक्रम में हिस्सा लेना था।
गुरदासपुर जिले में बटाला के पास घसीटपुर गांव के समीप कथित तौर पर भारी भीड़ ने उनके काफिले को घेर लिया, वाहनों पर अंडे और टमाटर फेंके तथा गाड़ियों के शीशे तोड़ दिए। बिट्टू के सुरक्षा दस्ते ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मौके से तीन संदिग्धों को दबोच लिया। भाजपा नेताओं का दावा है कि पकड़े गए तीनों हमलावर सत्ताधारी आम आदमी पार्टी (AAP) से जुड़े कार्यकर्ता हैं।
लंगर की आड़ में भीड़ ने घेरी गाड़ियां, लगाए उग्र नारे
घटना के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए रवनीत सिंह बिट्टू ने आरोप लगाया कि यह हमला पूरी तरह सुनियोजित था।
लंगर की आड़ में साजिश: बिट्टू के अनुसार, हाईवे किनारे लंगर लगाने के बहाने सड़क पर करीब 400 से 500 लोग जमा किए गए थे। जैसे ही उनका काफिला वहां पहुंचा, भीड़ ने अचानक गाड़ियों को चारों तरफ से घेर लिया।
हथियारों से लैस होने का आरोप: भाजपा नेता ने दावा किया कि हमलावरों के पास लाठी-डंडे और कुछ हथियार भी थे। भीड़ 'मारो-काटो' जैसे भड़काऊ नारे लगा रही थी और गाड़ियों पर पथराव शुरू कर दिया गया, जिससे एस्कॉर्ट वाहनों के शीशे टूट गए।
घर में ली शरण: जेड-प्लस (Z-Plus) सुरक्षा प्राप्त बिट्टू को सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत घेरे में लेकर सड़क किनारे स्थित एक स्थानीय ग्रामीण के घर में सुरक्षित पहुंचाया ताकि कोई अनहोनी न हो सके।
'स्थानीय आप विधायक के इशारे पर हुआ हमला' — बिट्टू का सीधा आरोप
रवनीत सिंह बिट्टू और उनके कार्यालय ने खुले तौर पर आम आदमी पार्टी और स्थानीय प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं:
विधायक पर साजिश का आरोप: बिट्टू ने आरोप लगाया कि फतेहगढ़ चूड़ियां से आम आदमी पार्टी के स्थानीय विधायक और हलका प्रभारी के इशारे पर इन लोगों को भेजा गया था ताकि भाजपा की नशा विरोधी यात्रा को बाधित किया जा सके।
सीएम और डीजीपी पर जिम्मेदारी: बिट्टू के मीडिया सलाहकार और कार्यालय ने कड़ा बयान जारी करते हुए कहा कि "यदि रवनीत सिंह बिट्टू की सुरक्षा को कोई भी आंच आती है, तो इसके लिए सीधे तौर पर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और पंजाब पुलिस के डीजीपी जिम्मेदार होंगे। यह लोकतंत्र और राजनीतिक नेताओं की सुरक्षा पर खुला हमला है। "
केंद्रीय गृह मंत्री को जानकारी: बिट्टू ने बताया कि उन्होंने घटना और सुरक्षा में हुई गंभीर चूक के संबंध में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और पंजाब के डीजीपी को औपचारिक रूप से अवगत करा दिया है।
सुरक्षा टीम ने तीन को पकड़ा, पुलिस पर ढिलाई का आरोप
काफिले पर हमले के दौरान केंद्रीय सुरक्षा बलों और बिट्टू के कमांडो दस्ते ने मुस्तैदी दिखाते हुए भीड़ में से तीन प्रमुख उपद्रवियों को मौके पर ही धर दबोचा।
पकड़े गए तीनों आरोपियों को स्थानीय पुलिस के हवाले कर दिया गया है।
बिट्टू ने स्थानीय पुलिस प्रशासन पर ढिलाई का आरोप लगाते हुए कहा कि घटना के घंटों बाद तक वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) मौके पर नहीं पहुंचे और एफआईआर दर्ज करने में हीलाहवाली की जाती रही।
'नशा मुक्त पंजाब यात्रा' को लेकर गर्माई राजनीति
भाजपा द्वारा राज्य के सभी 117 विधानसभा क्षेत्रों में 4,000 किलोमीटर लंबी 'नशा मुक्त पंजाब यात्रा' शुरू की जा रही है, जिसका समापन 30 सितंबर को जालंधर में एक विशाल रैली के साथ होना है। भाजपा नेताओं का आरोप है कि पंजाब में ड्रग्स और कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर सरकार अपनी विफलता छुपाने के लिए विपक्ष के कार्यक्रमों पर हिंसक हमले करवा रही है।
वहीं, इस पूरे घटनाक्रम पर आम आदमी पार्टी की ओर से अभी तक आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताते हुए जांच की बात कही गई है। पंजाब पुलिस के अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की वीडियोग्राफी और सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है और कानून का उल्लंघन करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।