बीपीसीएलने वाराणसी मेंकी सीएसआर परियोजनाओंके लिए किए समझौते
बीपीसीएलने वाराणसी मेंकी सीएसआर परियोजनाओंके लिए किए समझौते
119 सार्वजनिक पार्कोंका पुनर्विकास, सारनाथऔर मैदागिन मेंफूड स्ट्रीट हबतथा प्रमुख विरासतक्षेत्रों का सौंदर्यीकरण
वाराणसी, 7 सितंबर 2026: भारत पेट्रोलियमकॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल ), फॉर्च्यूनग्लोबल 500 कंपनी औरमहारत्न सार्वजनिक उपक्रम, ने आज वाराणसीमें कॉरपोरेट सामाजिकउत्तरदायित्व (सीएसआर ) के तहत दो प्रमुखपरियोजनाओं के लिएसमझौता ज्ञापन परहस्ताक्षर किए। इनदोनों परियोजनाओं केलिए कुल ।
इनपरियोजनाओं का उद्देश्यशहर में सार्वजनिकसुविधाओं को बेहतरबनाना, हरित क्षेत्रोंका विकास करना, पर्यटन सुविधाओं कोमजबूत करना और वाराणसी की समृद्धसांस्कृतिक एवं स्थापत्यविरासत को संरक्षितकरना है।
एमओयूपर हस्ताक्षर समारोहवाराणसी में वाराणसीमंडल के आयुक्तश्री एस. राजलिंगमऔर बीपीसीएल केचेयरमैन एवं प्रबंधनिदेशक तथा निदेशक (रिफाइनरीज) (अतिरिक्त प्रभार) श्रीसंजय खन्ना कीउपस्थिति में आयोजितकिया गया।
इसअवसर पर बीपीसीएलके कार्यकारी निदेशक (एचआरएस ) श्री डी. पार्थसारथी, वाराणसी के नगर आयुक्त एवंवाराणसी स्मार्ट सिटीलिमिटेड (वीएससीएल) के प्रतिनिधिश्री हिमांशु नागपाल, वाराणसी विकास प्राधिकरण (वीडीए ) के उपाध्यक्षश्री पूर्ण बोरा, काशी इंटीग्रेटेड पार्किंगएंड रिक्रिएशनल फाउंडेशन (KIPRF) के निदेशक श्रीअमरेंद्र तिवारी, बीपीसीएल केमहाप्रबंधक (प्रशासनिक सेवाएं, सुविधाएंएवं सीएसआर ) श्रीमिलिंद एम. लभाने, हेड रिटेल नॉर्थश्री त्रेहन अचमन, उप महाप्रबंधक (सीएसआर ) श्री संजय यादव, वाराणसी के टेरिटरीमैनेजर रिटेल श्रीसौरभ शर्मा औरचेयरमैन कार्यालय कीचीफ मैनेजर HR सुश्रीअग्रणी बोस भी उपस्थित थीं।
119 पार्कों कापुनर्विकास और दोफूड स्ट्रीट हब
पहलेएमओयू के तहत बीपीसीएल 119 सार्वजनिक पार्कोंके पुनर्विकास एवंसौंदर्यीकरण और सारनाथतथा मैदागिन मेंफूड स्ट्रीट हबविकसित करने के लिए कासीएसआर योगदान देगा।यह परियोजना बीपीसीएल , काशी इंटीग्रेटेड पार्किंगएंड रिक्रिएशनल फाउंडेशन (KIPRF) और वाराणसी स्मार्ट सिटीलिमिटेड (वीएससीएल ) के सहयोगसे पूरी की जाएगी।
परियोजनाके तहत वाराणसीके 119 सार्वजनिक पार्कोंका पुनर्विकास औरसौंदर्यीकरण किया जाएगा।इसमें लैंडस्केपिंग, पैदलचलने के लिए रास्ते, बैठने कीव्यवस्था, बच्चों केखेलने के उपकरण, ओपन जिम, प्रकाशव्यवस्था, बागवानी, जल निकासीऔर अन्य नागरिकसुविधाओं को बेहतरबनाया जाएगा।
इसकेअलावा, सारनाथ औरमैदागिन में आधुनिकफूड स्ट्रीट हबविकसित किए जाएंगे।इनमें व्यवस्थित वेंडिंगकी सुविधा, पानीऔर स्वच्छता कीव्यवस्था, सीसीटीवी निगरानी, सौरऊर्जा आधारित प्रकाशव्यवस्था और आगंतुकोंके लिए बेहतरसुविधाएं उपलब्ध कराईजाएंगी।
विरासतक्षेत्रों का होगासौंदर्यीकरण
दूसरेएमओयू के तहत कीपरियोजना के लिएवाराणसी विकास प्राधिकरण (वीडीए ) के साथसमझौता किया गयाहै। इस परियोजनाका उद्देश्य वाराणसीकी विरासत वालीगलियों और क्षेत्रोंका सौंदर्यीकरण करनाहै।
इसमेंठठेरी हेरिटेज गलीसे काल भैरवमंदिर तक का मार्ग, गोदौलियाचौराहे से मैदागिनचौराहे तक इमारतोंके बाहरी हिस्सों (फसाड) का सौंदर्यीकरणतथा मणिकर्णिका घाटस्थित मणिकर्णिकेश्वर मंदिरकी ओर जाने वाली गलीका पुनर्विकास औरसौंदर्यीकरण शामिल है।
इनक्षेत्रों में विरासतके अनुरूप सड़कऔर आसपास केक्षेत्र का विकास, पत्थरों से सड़क निर्माण, इमारतों केबाहरी हिस्सों कासौंदर्यीकरण, प्रकाश व्यवस्था, संकेतक, स्ट्रीट फर्नीचर, भित्तिचित्र, सार्वजनिक कला, जल निकासी व्यवस्थाऔर पैदल यात्रियोंके लिए बेहतरसुविधाएं विकसित कीजाएंगी।
इनकार्यों का उद्देश्यवाराणसी के ऐतिहासिकक्षेत्रों की विशिष्टसांस्कृतिक पहचान कोबनाए रखते हुएस्थानीय निवासियों, श्रद्धालुओंऔर पर्यटकों केअनुभव को बेहतरबनाना है।
दोनोंपरियोजनाओं के पूराहोने से वाराणसीमें सार्वजनिक स्थानोंऔर शहरी सुविधाओंमें सुधार होगा।साथ ही, विरासतऔर पर्यटन सेजुड़ी सुविधाओं कोमजबूती मिलेगी तथास्थानीय समुदायों औरविक्रेताओं के लिएबेहतर सुविधाएं उपलब्धहोंगी। विकसित कीगई सुविधाओं सेस्थानीय निवासियों, श्रद्धालुओंऔर पर्यटकों कोलाभ मिलेगा औरवाराणसी को एक प्रमुख सांस्कृतिकएवं आध्यात्मिक पर्यटनस्थल के रूप में विकसितकरने में मदद मिलेगी।
इसअवसर पर बीपीसीएलके नेतृत्व नेदेशभर में सीएसआरपहलों के माध्यमसे टिकाऊ सामुदायिकपरिसंपत्तियां विकसित करनेऔर विकास सेजुड़ी महत्वपूर्ण परियोजनाओंको सहयोग देनेकी कंपनी कीप्रतिबद्धता दोहराई। ये परियोजनाएंलोगों के जीवन की गुणवत्तासुधारने, शहरी बुनियादीढांचे को मजबूतकरने और भारत की सांस्कृतिकविरासत को आने वाली पीढ़ियोंके लिए संरक्षितकरने की दिशा में बीपीसीएलके प्रयासों कोमजबूत करती हैं।
परियोजना कीमुख्य बातें
वाराणसीमें 119 सार्वजनिक पार्कोंका पुनर्विकास औरसौंदर्यीकरण
सारनाथऔर मैदागिन में 2 फूड स्ट्रीट हबका विकास
3 प्रमुखविरासत मार्गों/क्षेत्रोंका विकास औरसौंदर्यीकरण
स्थानीय निवासियों, श्रद्धालुओं, पर्यटकोंऔर स्थानीय विक्रेताओंके लिए बेहतरसुविधाएं
परियोजना की अवधि: 36 महीने