'कोई मुस्लिम या लोअर कास्ट नहीं...': 'पंचायत' सीरीज पर क्यों भड़के 'मसान' के डायरेक्टर नीरज घायवान? सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस
नई दिल्ली/सिनेमा डेस्क: भारत की सबसे लोकप्रिय और पसंदीदा ग्रामीण ड्रामा वेब सीरीज 'पंचायत' (Panchayat) इन दिनों एक नए विवाद के कारण सुर्खियों में आ गई है. 'मसान' (Masaan) और 'होमबाउंड' (Homebound) जैसी राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सराही गई फिल्में बनाने वाले मशहूर डायरेक्टर नीरज घायवान (Neeraj Ghaywan) ने 'पंचायत' सीरीज के मेकर्स पर अपना गुस्सा जाहिर किया है. उन्होंने सीरीज में दिखाए गए गांव के सामाजिक ताने-बाने पर तीखे सवाल उठाते हुए जातिगत और धार्मिक प्रतिनिधित्व (Representation) की कमी को लेकर अपनी कड़ी नाराजगी जताई है.
'पूरा गांव सिर्फ अपर कास्ट का कैसे हो सकता है?' — नीरज घायवान
एक मीडिया संस्थान (युवा) से बातचीत के दौरान नीरज घायवान ने 'द वायरल फीवर' (TVF) के कंटेंट की तारीफ तो की, लेकिन साथ ही उनकी विचार प्रक्रिया पर बड़ा हमला भी बोला. उन्होंने कहा:
"TVF बहुत अच्छा काम कर रहा है और उनके शोज वाकई बेहतरीन होते हैं. लेकिन खासकर इसी वजह से मुझे उनसे दिक्कत और शिकायत भी है. इन शोज को आईआईटी (IIT) से पढ़े-लिखे देश के सबसे समझदार और जागरूक लोग बना रहे हैं. इसके बावजूद उनके शोज (जैसे पंचायत) में सिर्फ अपर कास्ट (उच्च जाति) के किरदारों को ही लीड में दिखाया जाता है. कहानी में कोई लोअर कास्ट (पिछड़ी जाति) या मुस्लिम किरदार प्रमुखता से नजर नहीं आता. आप एक पढ़े-लिखे इंसान के तौर पर अपनी इस सामाजिक जिम्मेदारी से पीछे नहीं हट सकते."
घायवान ने आगे तर्क दिया कि अगर कोई पुराने जमाने का या कम पढ़ा-लिखा व्यक्ति ऐसी फिल्म या शो बनाता, तो बात समझ आती. लेकिन जिन्होंने चार साल आईआईटी में इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है, उन्हें यह अच्छी तरह समझ आना चाहिए कि भारतीय समाज या किसी भी गांव की वास्तविक तस्वीर को पर्दे पर दिखाने का यह सही तरीका नहीं है. किसी भी भारतीय गांव में केवल एक ही वर्ग के लोग नहीं रहते, वहां विविधता होती है.
'पंचायत' की सफलता और दर्शकों का प्यार
आपको बता दें कि वेब सीरीज 'पंचायत' साल 2020 में कोरोना महामारी के लॉकडाउन के दौरान रिलीज हुई थी.
9/10 की IMDb रेटिंग: चंदन कुमार और दीपक कुमार मिश्रा द्वारा निर्मित इस शो को भारत का सबसे पसंदीदा शो माना जाता है, जिसकी आईएमडीबी (IMDb) रेटिंग 9 है.
4 ब्लॉकबस्टर सीजन: अब तक इसके चार सीजन आ चुके हैं और सभी सुपरहिट रहे हैं. सीरीज में जितेंद्र कुमार (सचिव जी), रघुबीर यादव (प्रधान पति), नीना गुप्ता, फैसल मलिक, चंदन रॉय और दुर्गेश कुमार (बनराकस) जैसे कलाकारों ने अपनी अदाकारी से दर्शकों का दिल जीता है. बहुत से दर्शक इसे भारतीय गांवों की सबसे सच्ची और वास्तविक कहानी मानते हैं, जिसपर अब नीरज घायवान ने सवाल खड़े किए हैं.
कौन हैं डायरेक्टर नीरज घायवान?
नीरज घायवान भारतीय सिनेमा का एक बेहद प्रतिष्ठित नाम हैं. उन्होंने अपने फिल्मी सफर की शुरुआत मशहूर फिल्म निर्माता अनुराग कश्यप को 'गैंग्स ऑफ वासेपुर' में असिस्ट करके की थी.
मसान (2015): बतौर डायरेक्टर उनकी पहली ही फिल्म 'मसान' (विक्की कौशल और ऋचा चड्ढा स्टारर) को कान्स फिल्म फेस्टिवल सहित देश-विदेश में कई प्रतिष्ठित पुरस्कार मिले.
होमबाउंड (2025): पिछले साल रिलीज हुई उनकी फिल्म 'होमबाउंड' को भारत की तरफ से ऑस्कर्स 2026 के लिए आधिकारिक प्रविष्टि (Official Entry) के तौर पर भेजा गया था, जहां यह बेस्ट इंटरनेशनल फीचर फिल्म की कैटेगरी में शॉर्टलिस्ट भी हुई थी.
नीरज घायवान के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर 'पंचायत' के फैंस और सिनेमा विश्लेषकों के बीच प्रतिनिधित्व और यथार्थवाद (Realism in Cinema) को लेकर एक नई और गंभीर बहस छिड़ गई है.