June 27 2026 04:17 pm

बंगाल में भाजपा का पहला मुख्यमंत्री कौन? शुभेंदु अधिकारी रेस में सबसे आगे, पर इन 5 दिग्गजों के नाम भी चर्चा में

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India News Live, Digital Desk: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भाजपा की ऐतिहासिक जीत के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि 9 अक्टूबर को होने वाले शपथ ग्रहण समारोह में मुख्यमंत्री पद की शपथ कौन लेगा? नंदीग्राम और भवानीपुर दोनों ही सीटों पर शानदार जीत दर्ज करने वाले शुभेंदु अधिकारी का नाम इस समय सबसे ऊपर चल रहा है। हालांकि, दिल्ली के गलियारों में चर्चा है कि पार्टी किसी ऐसे चेहरे को भी चुन सकती है जिसने संगठन को जमीनी स्तर पर सींचा हो। आइए जानते हैं उन चेहरों के बारे में जो इस समय सीएम की रेस में शामिल हैं।

1. शुभेंदु अधिकारी: सबसे प्रबल दावेदार

शुभेंदु अधिकारी ने न केवल अपनी दो कठिन सीटों पर जीत हासिल की, बल्कि टीएमसी के खिलाफ पूरे बंगाल में भाजपा के नैरेटिव को लीड किया। वे पिछले कई सालों से बंगाल में भाजपा का मुख्य चेहरा बने हुए हैं। प्रशासन पर उनकी मजबूत पकड़ और ममता बनर्जी के राजनीतिक दांव-पेंचों की उनकी गहरी समझ उन्हें सबसे मजबूत उम्मीदवार बनाती है।

2. दिलीप घोष: आक्रामक छवि और संगठन का अनुभव

'दिलीप दा' के नाम से मशहूर दिलीप घोष को बंगाल में भाजपा की नींव मजबूत करने का श्रेय दिया जाता है। 2019 लोकसभा चुनाव और 2021 विधानसभा चुनाव में उनकी सक्रियता ने भाजपा को मुख्य विपक्षी दल बनाया था। खड़गपुर सदर से अपनी जीत के साथ उन्होंने फिर साबित किया है कि वे जमीनी नेता हैं। अमित शाह के भरोसेमंद दिलीप घोष अपने आक्रामक तेवरों और कार्यकर्ताओं में जोश भरने के लिए जाने जाते हैं।

3. सुकांत मजूमदार: केंद्र और राज्य के बीच की कड़ी

वर्तमान में केंद्रीय मंत्री और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुकांत मजूमदार एक शिक्षित और सुलझे हुए नेता माने जाते हैं। चुनाव के दौरान उनकी सक्रियता और सांगठनिक कौशल ने पार्टी को काफी मजबूती दी। यदि आलाकमान किसी ऐसे चेहरे की तलाश करता है जो केंद्र के साथ बेहतर तालमेल बिठा सके, तो सुकांत मजूमदार एक बेहतर विकल्प हो सकते हैं।

4. समिक भट्टाचार्य: मृदुभाषी और अनुशासन प्रिय

वर्तमान प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य विवादों से दूर रहकर काम करने के लिए जाने जाते हैं। उनकी सबसे बड़ी खासियत कार्यकर्ताओं के साथ उनका सीधा जुड़ाव और संयमित भाषा है। हाल ही में टीएमसी दफ्तरों में हुई तोड़फोड़ की खबरों पर उन्होंने जिस तरह खेद जताया और अनुशासन की बात कही, उसने उनकी छवि एक 'स्टेट्समैन' जैसी बना दी है।

5. महिला नेतृत्व: रूपा गांगुली और अग्निमित्रा पॉल

यदि भाजपा बंगाल में 'महिला मुख्यमंत्री' का कार्ड खेलती है, तो दो नाम प्रमुखता से उभरते हैं:

रूपा गांगुली: सोनारपुर दक्षिण सीट से 37 हजार से ज्यादा वोटों से जीतने वाली पूर्व राज्यसभा सांसद और अभिनेत्री रूपा गांगुली की लोकप्रियता किसी से छिपी नहीं है।

अग्निमित्रा पॉल: भाजपा की एक और फायरब्रांड महिला नेता अग्निमित्रा पॉल भी इस रेस में शामिल मानी जा रही हैं।

9 अक्टूबर को होगा ऐतिहासिक शपथ ग्रहण

भाजपा ने साफ कर दिया है कि बंगाल की पहली भाजपा सरकार का शपथ ग्रहण समारोह 9 अक्टूबर को होगा। पार्टी पर्यवेक्षक अमित शाह जल्द ही नवनिर्वाचित विधायकों के साथ बैठक करेंगे, जिसके बाद मुख्यमंत्री के नाम पर अंतिम मुहर लगेगी। यह देखना दिलचस्प होगा कि पार्टी अनुभव को प्राथमिकता देती है या फिर किसी नए चेहरे के साथ 'सरप्राइज' देती है।