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September 26 2026 10:12 pm

जब मुश्ताक खान ने अमिताभ बच्चन से करवाई थी नई नवेली पत्नी की मुलाकात: बिग बी के एक नेक कदम ने ऐसे संवार दी दोनों की जिंदगी

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हिंदी सिनेमा में चरित्र अभिनेताओं के योगदान और बड़े सितारों के साथ उनके आत्मीय रिश्तों के कई ऐसे अनसुने किस्से हैं, जो पर्दे के पीछे की मानवीय संवेदनाओं को उजागर करते हैं। 'वेलकम', 'हेरा फेरी', 'अग्निपथ' और 'दिल है कि मानता नहीं' जैसी अनगिनत यादगार फिल्मों में अपने अभिनय की छाप छोड़ने वाले वरिष्ठ अभिनेता मुश्ताक खान ने अपने लंबे फिल्मी सफर में कई महानायकों के साथ काम किया। सदी के महानायक अमिताभ बच्चन के साथ उनकी ऑन-स्क्रीन केमिस्ट्री जितनी सधी हुई थी, ऑफ-स्क्रीन रिश्ता भी उतना ही गहरा और सम्मानजनक रहा। मुश्ताक खान ने एक साक्षात्कार के दौरान अपनी शादी के शुरुआती दिनों और अमिताभ बच्चन से अपनी नई नवेली बेगम की पहली मुलाकात का एक ऐसा भावुक संस्मरण बयां किया था, जिसने यह साबित कर दिया कि अमिताभ बच्चन सिर्फ पर्दे के ही 'शहंशाह' नहीं हैं, बल्कि असल जिंदगी में भी उनका दिल उतना ही बड़ा और दरियादिल है।

मुश्ताक खान के अनुसार, वह दौर उनके जीवन में पारिवारिक जिम्मेदारियों और करियर के संघर्ष का मिला-जुला समय था। निकाह के बाद जब वे अपनी पत्नी को पहली बार मुंबई लेकर आए, तो उनकी सबसे बड़ी तमन्ना अपनी बेगम की मुलाकात सदी के सबसे बड़े सुपरस्टार अमिताभ बच्चन से करवाने की थी।

फिल्म के सेट पर जब धड़कते दिल के साथ पहुंचे मुश्ताक खान

मुश्ताक खान ने याद करते हुए बताया कि वे अमिताभ बच्चन के साथ उस वक्त एक बड़े प्रोजेक्ट की शूटिंग कर रहे थे। उस दौर में बिग बी का स्टारडम अपने चरम पर था और उनके आस-पास प्रशंसकों, सुरक्षाकर्मियों और फिल्म यूनिट का भारी हुजूम रहता था। किसी भी जूनियर या चरित्र अभिनेता के लिए अपने परिवार को सेट पर ले जाना और इतने बड़े सुपरस्टार से मिलवाना आसान काम नहीं था।

मुश्ताक खान थोड़े संकोच और झिझक में थे कि कहीं उनके इस कदम से अमिताभ बच्चन का समय न खराब हो या वे असहज न महसूस करें। लेकिन अपनी पत्नी की बिग बी को देखने की दिली हसरत को पूरा करने के लिए उन्होंने हिम्मत जुटाई और एक दिन पैक-अप के नजदीक अपनी नई नवेली पत्नी को सेट पर ले आए।

बिग बी का वो बड़प्पन और गर्मजोशी से भरा स्वागत

जैसे ही शूटिंग का शॉट खत्म हुआ, मुश्ताक खान ने बेहद अदब के साथ अमिताभ बच्चन के पास जाकर धीरे से कहा, "अमित जी, मेरा हाल ही में निकाह हुआ है और मेरी अहलिया (पत्नी) आपसे मिलना चाहती हैं।" यह सुनते ही अमिताभ बच्चन के चेहरे पर एक आत्मीय मुस्कान खिल उठी। बिग बी ने किसी भी तरह की औपचारिकता या स्टारडम का पर्दा बीच में नहीं आने दिया।

वे तुरंत अपनी कुर्सी से उठे और मुश्ताक खान की पत्नी के पास पहुंचे। अमिताभ बच्चन ने न केवल हाथ जोड़कर उनका अभिवादन किया, बल्कि एक बड़े भाई और बुजुर्ग की तरह दोनों को दांपत्य जीवन की ढेरों शुभकामनाएं और दुआएं दीं। बिग बी ने बेहद आत्मीयता से मुश्ताक खान की पत्नी से उनके गृहनगर, परिवार और मुंबई के माहौल के बारे में बात की, जिससे मुश्ताक खान की बेगम की सारी झिझक पल भर में दूर हो गई।

आशीर्वाद, मार्गदर्शन और वो सीख जिसने संवार दी जिंदगी

मुश्ताक खान ने बताया कि अमिताभ बच्चन से वह मुलाकात सिर्फ दो मिनट की शिष्टाचार भेंट बनकर नहीं रह गई। बिग बी ने मुश्ताक और उनकी पत्नी को बैठाकर जीवन के कुछ ऐसे अनमोल अनुभव और व्यावहारिक नसीहतें दीं, जो किसी भी नए वैवाहिक जोड़े के लिए सबसे बड़ी पूंजी होती हैं।

अमिताभ बच्चन ने मुश्ताक खान की पत्नी से कहा कि मुंबई की इस चकाचौंध और फिल्म इंडस्ट्री की व्यस्त जिंदगी में एक अभिनेता की पत्नी होना बड़े धैर्य और समझदारी का काम है। उन्होंने मुश्ताक की पीठ थपथपाते हुए कहा कि वे एक बेहद मेहनती और सच्चे कलाकार हैं, और परिवार का साथ ही एक कलाकार को जमीन से जोड़े रखता है। बिग बी ने मुश्ताक खान के करियर, आगे की राह और आर्थिक स्थिरता को लेकर भी कुछ बेहद सकारात्मक और व्यावहारिक सुझाव दिए, जिसने मुश्ताक के भीतर एक नया आत्मविश्वास भर दिया।

जिंदगी भर उस लम्हे के कर्जदार रहे मुश्ताक खान

मुश्ताक खान ने भावुक होते हुए कहा था कि उस दिन सेट से जब वे दोनों घर लौटे, तो उनकी पत्नी की आंखों में जो गर्व और खुशी थी, वह शब्दों में बयां नहीं की जा सकती। अमिताभ बच्चन जैसे विश्वविख्यात कलाकार द्वारा दिया गया वह सम्मान और स्नेह उन दोनों के वैवाहिक जीवन के लिए सबसे बड़ा शगुन और संबल साबित हुआ।

मुश्ताक खान हमेशा यह मानते रहे कि बिग बी के उस आशीर्वाद और मार्गदर्शन ने न केवल उनके परिवार को एक नई ऊर्जा दी, बल्कि उनके करियर को भी सही दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। सिनेमा जगत में भले ही मुश्ताक खान आज हमारे बीच अपनी अनगिनत यादें छोड़ गए हों, लेकिन अमिताभ बच्चन के साथ बीता यह आत्मीय किस्सा आज भी कलाकारों के बीच परस्पर सम्मान और अपनत्व की सबसे खूबसूरत मिसाल माना जाता है।