June 17 2026 05:05 pm

जब जूनियर आर्टिस्ट ने उड़ाया नवाजुद्दीन के लुक का मजाक, एक्टर ने ऑन-कैमरा थप्पड़ मारकर लिया था बदला

Post

भारतीय सिनेमा के इतिहास में निर्देशक अनुराग कश्यप की फिल्म 'गैंग्स ऑफ वासेपुर' (Gangs of Wasseypur) को एक मील का पत्थर माना जाता है। साल 2012 में आई इस कल्ट क्लासिक फिल्म ने बॉलीवुड को कई बेहतरीन सितारे दिए, जिनमें से सबसे चमकीला नाम नवाजुद्दीन सिद्दीकी का है। इस फिल्म से पहले नवाज ने कई फिल्मों में छोटे-मोटे और कड़े संघर्ष वाले रोल किए थे, लेकिन 'फैजल खान' के लीड किरदार ने रातों-रात उनकी किस्मत बदल दी।

इस फिल्म के जितने धांसू डायलॉग्स और सीन्स थे, उतने ही मजेदार इसके बिहाइंड द सीन्स (शूटिंग के पीछे के किस्से) भी हैं। ऐसा ही एक बेहद दिलचस्प और मजेदार किस्सा है, जब सेट पर एक लड़के ने नवाजुद्दीन के लुक को देखकर उनकी बेइज्जती कर दी थी और नवाज ने फिल्म के एक सीन के दौरान लाइव कैमरे के सामने उसे जोरदार थप्पड़ जड़कर अपना बदला पूरा किया था।

'गैंग्स ऑफ वासेपुर' के राइटर जीशान कादरी ने खोला राज

इस मजेदार वाकये का खुलासा किसी और ने नहीं, बल्कि फिल्म 'गैंग्स ऑफ वासेपुर' की कहानी और धांसू पटकथा लिखने वाले राइटर व एक्टर जीशान कादरी (जिन्होंने फिल्म में 'डेफिनेट' का किरदार भी निभाया था) ने एक इंटरव्यू के दौरान किया था। जीशान ने बताया कि वासेपुर की शूटिंग के दौरान नवाजुद्दीन सिद्दीकी ने एक जूनियर आर्टिस्ट से कुछ इस अंदाज में बदला लिया कि वह सीन हमेशा-हमेशा के लिए सिनेमा के इतिहास में दर्ज हो गया।

जब लड़के ने सिर से पांव तक देखा और पूछा— "तुम हीरो हो?"

जीशान कादरी ने किस्सा सुनाते हुए बताया कि शूटिंग के दौरान एक दिन वह और नवाजुद्दीन सिद्दीकी सेट पर एक जगह साथ बैठे हुए थे। तभी स्थानीय लड़कों का एक ग्रुप (करीब 7-8 लड़के) काफी देर से दूर खड़े होकर उन दोनों को निहार रहा था। कुछ देर बाद उनमें से एक लड़का हिम्मत करके उनके पास आया।

लड़के ने आते ही जीशान कादरी से सीधे लहजे में पूछा— "पिक्चर चल रहा है क्या?" जीशान उस समय किसी सोच में डूबे थे, इसलिए उन्होंने उस लड़के को ज्यादा भाव नहीं दिया और शांत रहे। लेकिन पास ही बैठे नवाजुद्दीन सिद्दीकी ने शराफत दिखाते हुए लड़के को जवाब दिया— "हां-हां, फिल्म की शूटिंग चल रही है।"

इसके बाद उस लड़के ने अगला सवाल दागा— "अच्छा, तो इस फिल्म का हीरो कौन है?" नवाजुद्दीन ने गर्व से मुस्कुराते हुए अपनी छाती पर हाथ रखा और कहा— "हम हैं इस फिल्म के हीरो।"

नवाज का यह जवाब सुनते ही उस लड़के ने उन्हें सिर से लेकर पांव तक बड़े अजीब अंदाज में देखा। नवाज के साधारण और दुबले-पतले लुक को देखकर लड़के के चेहरे पर एक व्यंग्यात्मक मुस्कान आ गई, उसने नवाज की तरफ हाथ दिखाकर जोर का ठहाका लगाया, उनका मजाक उड़ाया और वहां से चला गया। यह बात नवाजुद्दीन सिद्दीकी के दिल पर लग गई और उन्हें अपनी यह बेइज्जती बर्दाश्त नहीं हुई।

नवाज का मास्टरप्लान: कैमरे के सामने गूंजा थप्पड़

नवाजुद्दीन सिद्दीकी ने ठान लिया था कि वे इस लड़के को उसकी इस गुस्ताखी का सबक जरूर सिखाएंगे। बाद में जब उन्होंने पता किया, तो मालूम चला कि वह लड़का और उसके दोस्त उसी फिल्म में एक सीन के लिए जूनियर आर्टिस्ट के तौर पर शामिल हुए हैं। नवाज को अपने बदले के लिए बिल्कुल सही मौका मिल चुका था।

वो आइकॉनिक सीन: फिल्म में एक बेहद पॉपुलर सीन है, जब 'फैजल खान' (नवाजुद्दीन) अपने दुश्मन शमशाद को मारने के लिए उसके ठिकाने पर हथियार लेकर अचानक घुस जाता है। जैसे ही फैजल वहां जाकर अंधाधुंध गोलियां चलाना शुरू करता है, वहां मौजूद सारे गुर्गे और लड़के अपनी जान बचाकर बदहवास होकर कमरे से बाहर भागने लगते हैं।

जीशान कादरी ने बताया कि स्क्रिप्ट के अनुसार नवाज को सिर्फ गोलियां चलानी थीं और बाकी लड़कों को भागना था। लेकिन जैसे ही डायरेक्टर ने 'एक्शन' बोला और लड़के भागने लगे, नवाजुद्दीन ने भागते हुए लड़कों की भीड़ में से ठीक उसी लड़के को कॉलर से पकड़ा जिसने उनका मजाक उड़ाया था, और कैमरे के सामने ही उसे एक करारा चांटा (थप्पड़) जड़ दिया।

डायरेक्टर ने नहीं काटा सीन, बन गया फिल्म का हिस्सा

अचानक हुए इस थप्पड़ से वह जूनियर आर्टिस्ट पूरी तरह सन्न रह गया, लेकिन नवाज के खूंखार 'फैजल खान' वाले लुक को देखकर वह कुछ बोल नहीं पाया और डर के मारे रोनी सूरत बनाकर वहां से भाग निकला। सेट पर मौजूद डायरेक्टर अनुराग कश्यप को नवाज का यह रीयल-टाइम इंप्रोवाइजेशन (बदलाव) इतना स्वाभाविक और दमदार लगा कि उन्होंने सीन को बीच में नहीं काटा और 'कट' नहीं बोला। नतीजतन, नवाज का वह असली बदला लाइव कैमरे में रिकॉर्ड हो गया और आज भी जब आप फिल्म देखेंगे, तो वह सीन आपको फिल्म का हिस्सा दिखाई देगा।