‘कॉकरोच’ विवाद के बाद CJI सूर्यकांत की एक और सख्त टिप्पणी: साइबर अपराधियों को बताया ‘परजीवी’
देश के मुख्य न्यायाधीश (CJI) जस्टिस सूर्यकांत अपने कड़े रुख और तीखी टिप्पणियों को लेकर एक बार फिर सुर्खियों में हैं। कथित तौर पर बेरोजगार युवाओं को 'कॉकरोच' कहने के बाद देश भर में हुए भारी बवाल के शांत होने से पहले ही, सीजेआई ने एक और कड़ा शब्द इस्तेमाल किया है। सुप्रीम कोर्ट में एक मामले की सुनवाई के दौरान सीजेआई सूर्यकांत ने अपराधियों को 'परजीवी' (Parasites) बताते हुए कहा कि ऐसे लोगों का जेल में ही रहना समाज के हित में है।
साइबर फ्रॉड मामले में भड़के मुख्य न्यायाधीश
यह पूरा मामला सुप्रीम कोर्ट में चल रहे साइबर धोखाधड़ी (Cyber Fraud) से जुड़ा है। आरोपी की जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए सीजेआई सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने उसे बेल देने से साफ इनकार कर दिया। याचिका को खारिज करते हुए बेंच ने बेहद कड़ा रुख अपनाया और कहा कि साइबर अपराधी समाज के लिए परजीवी की तरह हैं, जो मासूम लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी करते हैं और जिन्हें पकड़ना भी सुरक्षा एजेंसियों के लिए आसान नहीं होता।
"तुम लोग तमिलनाडु में ठगी कर जम्मू भाग जाते हो" — CJI
सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने आरोपी को कड़ी फटकार लगाते हुए अदालत में कहा:
"तुम लोग परजीवी हो जो सीधे-साधे निवेशकों से करोड़ों रुपये ठगते हो। साइबर अपराधियों के प्रति हमें अब बहुत ज्यादा सख्त होना ही पड़ेगा। तुम लोग किसी एक राज्य तक सीमित नहीं रहते; तमिलनाडु में किसी के साथ धोखाधड़ी करते हो और फिर वहां से कानून से बचने के लिए सीधे जम्मू चले जाते हो। समाज का हित इसी में है कि तुम जैसे लोग सलाखों के पीछे (जेल के अंदर) ही रहें।"
क्या था 'कॉकरोच' वाला पुराना बयान, जिस पर हुआ था बवाल?
जस्टिस सूर्यकांत का यह 'परजीवी' वाला बयान इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि हाल ही में उनके एक और बयान पर देशव्यापी विवाद खड़ा हो गया था। बीते महीने एक याचिका की सुनवाई के दौरान सीजेआई ने कथित तौर पर बेरोजगार युवाओं की तुलना 'कॉकरोच' से कर दी थी। उन्होंने कहा था कि देश के बेरोजगार युवा आगे चलकर सोशल मीडिया, मीडिया और आरटीआई (RTI) कार्यकर्ता बन जाते हैं और फिर एक्टिविस्ट का चोला ओढ़कर पूरे सिस्टम पर हमला करना शुरू कर देते हैं।
विवाद के बाद CJI को देनी पड़ी थी सफाई
मुख्य न्यायाधीश द्वारा युवाओं के लिए 'कॉकरोच' जैसे शब्द का इस्तेमाल किए जाने पर देश भर के युवाओं और विपक्ष ने तीखी प्रतिक्रिया दी थी। विवाद को बढ़ता देख सीजेआई सूर्यकांत ने बाद में इस पर आधिकारिक सफाई पेश की थी। उन्होंने कहा था:
"मुझे यह देखकर बेहद दुख हुआ कि मीडिया के एक वर्ग ने एक मामले की सुनवाई के दौरान मेरे द्वारा की गई मौखिक टिप्पणी को गलत संदर्भ में पेश किया है। मेरा वह बयान आम बेरोजगार युवाओं के लिए नहीं था, बल्कि उन लोगों के लिए था जो 'नकली और फर्जी डिग्रियों' के सहारे वकालत या कानूनी पेशे में घुसने की कोशिश कर रहे हैं।"
विरोध में खड़ी हुई 'कॉकरोच जनता पार्टी'
हालांकि सीजेआई की सफाई के बाद भी युवाओं का गुस्सा पूरी तरह शांत नहीं हुआ है। इस बयान से नाराज युवाओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने विरोध दर्ज कराने के लिए बाकायदा एक नई राजनीतिक/सामाजिक इकाई का गठन किया है, जिसे 'कॉकरोच जनता पार्टी' का नाम दिया गया है। इस ग्रुप से जुड़े लोग अब इसे एक बड़े देशव्यापी आंदोलन में बदलने की रणनीति तैयार कर रहे हैं। ऐसे माहौल में सीजेआई का साइबर अपराधियों को 'परजीवी' कहना एक बार फिर कानूनी और सामाजिक गलियारों में बहस का विषय बन गया है।