June 17 2026 06:05 pm

अमेरिकी विवाद खत्म होते ही एक्शन में अडानी समूह: ₹8,300 करोड़ से ज्यादा का विदेशी लोन जुटाएगी 'अडानी ग्रीन'

Post

शॉर्ट-सेलर विवाद और अमेरिकी जांच के चक्रव्यूह से पूरी तरह बाहर आने के बाद उद्योगपति गौतम अडानी की अगुवाई वाला अडानी समूह (Adani Group) एक बार फिर वैश्विक वित्तीय बाजारों में अपना दबदबा बनाने की तैयारी में है। समूह की प्रमुख रिन्यूएबल एनर्जी कंपनी 'अडानी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड' (Adani Green Energy Ltd) अब अंतरराष्ट्रीय बैंकों और वित्तीय संस्थानों से 1 अरब डॉलर (1 Billion Dollars) तक का विदेशी लोन (फॉरेन करेंसी लोन) जुटाने की बड़ी योजना पर काम कर रही है।

'ब्लूमबर्ग' की एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी कानूनी पचड़ों और विनियामक संकटों से राहत मिलने के बाद अडानी समूह का वैश्विक स्तर पर धन जुटाने का यह पहला सबसे बड़ा और रणनीतिक प्रयास होगा।

अगले 3 महीनों में दो किस्तों में आएगा फंड

मामले से जुड़े आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, अडानी ग्रीन एनर्जी इस डॉलर-डेnominटेड (Dollar-denominated) लोन को अंतिम रूप देने के लिए विभिन्न वैश्विक लेंडर्स (ऋणदाताओं) और वित्तीय सलाहकारों (Advisors) के साथ शुरुआती दौर की बातचीत कर रही है। योजना के अनुसार, इस 1 अरब डॉलर के फंड को अगले तीन महीनों के भीतर दो अलग-अलग किस्तों (Tranches) में प्राप्त किया जाएगा।

5 साल की अवधि और SOFR बेंचमार्क पर मिलेगा लोन

लोन की अवधि: अडानी ग्रीन द्वारा लिया जा रहा यह विदेशी लोन कुल 5 साल की मैच्योरिटी अवधि का होगा।

ब्याज दर का पैमाना: इस लोन पर दी जाने वाली ब्याज दर को वैश्विक वित्तीय बेंचमार्क SOFR (सिक्योर्ड ओवरनाइट फाइनेंसिंग रेट) के ऊपर एक निश्चित प्रीमियम जोड़कर तय किया जाएगा।

फंड का उपयोग: कंपनी इस भारी-भरकम राशि का इस्तेमाल अपने आगामी कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capex) की जरूरतों को पूरा करने और देश भर में चल रही मेगा रिन्यूएबल एनर्जी (सौर और पवन ऊर्जा) परियोजनाओं के विस्तार में करेगी।

क्या था अमेरिकी विवाद, जिससे मिली बड़ी राहत?

पिछले महीने ही गौतम अडानी और उनके भतीजे सागर अडानी ने अमेरिकी विनियामक 'यूएस सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन' (US SEC) के आरोपों को आपसी समझौते के तहत निपटाने के लिए 1.8 करोड़ डॉलर (करीब ₹150 करोड़) का जुर्माना/भुगतान करने पर सहमति जताई थी। SEC का आरोप था कि कंपनी ने पूर्व में विदेशी निवेशकों को अडानी ग्रीन के संबंध में कुछ भ्रामक और गलत जानकारियां दी थीं। अब अमेरिकी अभियोजकों द्वारा आरोप हटाने और निपटारे के बाद समूह के ऊपर से वैश्विक दबाव पूरी तरह खत्म हो गया है।

ग्लोबल ब्रोकरेज बर्नस्टीन (Bernstein) का बड़ा दावा

मशहूर ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म बर्नस्टीन ने अडानी समूह की चार प्रमुख कंपनियों— अडानी पोर्ट्स, अडानी ग्रीन, अडानी पावर और अंबुजा सीमेंट का वित्तीय विश्लेषण किया है। बर्नस्टीन की रिपोर्ट के मुताबिक:

"साल 2023 के शॉर्ट-सेलर विवाद और अमेरिकी जांच के चलते कई बड़े वैश्विक फंड्स और विदेशी निवेशकों ने अडानी समूह से दूरी बना ली थी। लेकिन अब SEC मामले के समाधान और अमेरिकी कोर्ट से क्लीन चिट मिलने के बाद विदेशी निवेशकों का भरोसा अडानी समूह पर तेजी से लौट रहा है, जिससे समूह के शेयरों पर बना बड़ा दबाव पूरी तरह कम हो गया है।"

अडानी ग्रीन के शेयरों का हाल

यदि अडानी ग्रीन एनर्जी के शेयर की बात करें, तो बुधवार को बाजार बंद होने तक इसमें करीब 1% की मामूली गिरावट देखी गई और यह ₹1470 के नीचे ट्रेड करता नजर आया। हालांकि, यदि इसके पिछले रिकॉर्ड पर नजर डालें, तो 23 जनवरी 2026 को यह शेयर ₹767 के अपने 52-हफ्ते के निचले स्तर (Low) पर चला गया था, जहां से शानदार रिकवरी करते हुए यह 9 जून 2026 को ₹1,544.70 के अपने ऑल-टाइम हाई (52-Week High) के स्तर पर पहुंच गया।