नौकरी जाने पर क्या होगा आपके पीएफ का? जानिए पूरी सच्चाई, पैसा डूबेगा नहीं

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India News Live,Digital Desk : आजकल रोज़गार की दुनिया बड़ी चुनौतियों का सामना कर रही है। कभी कोई कंपनी बंद हो जाती है, कभी नौकरी चली जाती है, और कभी किसी वजह से हमें नौकरी छोड़ने पर मजबूर होना पड़ता है। ऐसे में सबसे बड़ा डर यही होता है कि हमारे पीएफ खाते का क्या होगा? क्या हम सालों से अपनी सैलरी से कट रहे पैसे खो देंगे? अगर आपके मन में भी ऐसे ही सवाल हैं, तो आइए आज हम आपको बताते हैं कि अगर आपकी नौकरी चली जाती है या आप खुद नौकरी छोड़ देते हैं, तो आपके पीएफ खाते और उसमें जमा पैसों का क्या होगा।

क्या आपके पीएफ खाते की राशि डूब गई है?
अगर आपकी नौकरी चली गई है और आपके ईपीएफ खाते में कोई नया मासिक योगदान नहीं आ रहा है, तो चिंता करने की कोई बात नहीं है। आपका पैसा पूरी तरह सुरक्षित है। ईपीएफओ की नीति है कि अगर एक निश्चित अवधि तक खाते में अंशदान जमा नहीं किया जाता है, तब भी जमा राशि वहीं रहती है, न गायब होती है और न ही नष्ट होती है। अगर आप नौकरी छोड़ भी देते हैं और कोई नया अंशदान नहीं मिलता है, तब भी आपको पहले तीन वर्षों तक अपनी पुरानी राशि पर ब्याज मिलता रहता है।

पीएफ खाता कब निष्क्रिय हो जाता है? 
अगर लगातार तीन साल तक खाते में कोई नया योगदान नहीं होता है, तो ईपीएफओ उस खाते को निष्क्रिय मान लेता है। इसका मतलब है कि उस पर अब ब्याज नहीं मिलेगा, लेकिन आपका मूलधन और उससे अर्जित सारा ब्याज सुरक्षित रहेगा। आप जब चाहें पैसा निकाल सकते हैं। इसके अलावा, ईपीएफ नियमों के अनुसार, अगर आप दो महीने से ज़्यादा बेरोज़गार रहते हैं, तो आप अपने खाते से पैसा निकालने के हकदार हैं। आप चाहें तो आंशिक या पूरा पैसा निकाल सकते हैं।

अपना केवाईसी और आधार हमेशा अपडेट रखें। 
बहुत से लोग अपने पुराने खातों में केवाईसी अपडेट नहीं कराते, जिससे बाद में धनराशि निकालना मुश्किल हो जाता है। इसलिए, अपने ईपीएफ खाते में अपना आधार नंबर, बैंक खाता, पैन कार्ड और मोबाइल नंबर हमेशा अपडेट रखें। अगर आपके कई पीएफ खाते हैं, तो उन्हें एक में मिला दें। आप ईपीएफओ की वेबसाइट या उमंग ऐप के ज़रिए आसानी से ऐसा कर सकते हैं। इससे न सिर्फ़ ब्याज और बैलेंस पर नज़र रखना आसान होगा, बल्कि भविष्य में किसी भी तरह के क्लेम की ज़रूरत भी कम होगी।