दशाश्वमेध घाट पर 1100 दीपों से सजी ‘वेलकम पुतिन’ आरती, भारत-रूस मैत्री को मिला नया आयाम
- by Priyanka Tiwari
- 2025-12-05 16:23:00
India News Live,Digital Desk : वाराणसी के दशाश्वमेध घाट पर शुक्रवार की शाम गंगा आरती का दृश्य बेहद अनोखा रहा। इस बार आरती के दौरान भारत–रूस की दोस्ती को समर्पित एक विशेष अनुष्ठान आयोजित किया गया, जिसने सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। घाट पर 1100 दीपों की रोशनी से “वेलकम पुतिन” लिखा गया, जिसके जरिए रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का भव्य स्वागत किया गया और उनके उत्तम स्वास्थ्य की कामना भी की गई।
यह विशेष आयोजन गंगा सेवा निधि द्वारा किया गया, जो रोजाना होने वाली विश्वप्रसिद्ध गंगा आरती का संचालन करती है। गंगा सेवा निधि के अध्यक्ष सुशांत मिश्रा ने बताया कि इस अनुष्ठान का उद्देश्य भारत और रूस के संबंधों को सांस्कृतिक स्तर पर और मजबूत करना है। उनके अनुसार, इस प्रकार के कार्यक्रम दोनों देशों के बीच आपसी विश्वास और मित्रता को नई दिशा देते हैं।
काशी में हर साल बड़ी संख्या में विदेशी पर्यटक आते हैं, जिनमें रूस से आने वाले श्रद्धालु भी शामिल हैं। गंगा आरती उनके लिए आध्यात्मिक अनुभव होने के साथ-साथ भारत की सांस्कृतिक धरोहर से परिचित होने का अवसर भी देती है।
इस खास अनुष्ठान के दौरान घाट पर हजारों की संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे। गंगा सेवा निधि के अध्यक्ष सुशांत मिश्रा, कोषाध्यक्ष आशीष तिवारी और सचिव हनुमान यादव सहित कई गणमान्य लोग भी कार्यक्रम का हिस्सा बने।
गंगा के तट पर इस कार्यक्रम ने यह संदेश स्पष्ट किया कि सांस्कृतिक संवाद किसी भी देश के रिश्तों को मजबूत बनाने की सबसे प्रभावशाली कड़ी है। दीपों की चमक और गंगा आरती की भव्यता के बीच भारत–रूस मैत्री का संदेश दूर-दूर तक फैलता दिखाई दिया।
यह आयोजन इस बात का भी प्रतीक है कि आध्यात्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम न केवल भावनात्मक जुड़ाव मजबूत करते हैं, बल्कि दो देशों के बीच विश्वास और सहयोग को भी नई मजबूती देते हैं।