बेटी की करतूत ने तोड़ा परिवार का सहारा, बदनामी से टूटे मां-बाप ने घर बेचकर शहर छोड़ने का फैसला किया

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India News Live,Digital Desk : मुस्कान की घिनौनी हरकत ने उसके पूरे परिवार को शर्म और बदनामी की ऐसी आग में झोंक दिया है, जिससे निकलना अब उनके लिए नामुमकिन सा हो गया है। मुस्कान और उसके प्रेमी साहिल भले ही जेल में अपने अपराध की सजा काट रहे हों, लेकिन उनके बुज़ुर्ग माता-पिता के सामने अब जीवनयापन तक की समस्या खड़ी हो गई है। रिश्तेदार, पड़ोसी और पुराने जानकार—सबने उनसे दूरी बना ली है।

मुस्कान पहले ट्यूशन पढ़ाकर परिवार की आर्थिक मदद करती थी, लेकिन घटना के बाद किसी ने अपने बच्चों को उसके पास भेजना ही बंद कर दिया है। उधर पिता की घर से चलने वाली सर्राफा दुकान पर भी अब ग्राहक आना बंद हो गए हैं। हर तरफ तिरस्कार और ताने सुनकर परिवार आर्थिक तंगी में बुरी तरह फंस गया है।

इसी बदनामी से छुटकारा पाने के लिए मुस्कान के माता-पिता ने मेरठ छोड़ने का मन बना लिया है। उन्होंने गुरुवार को एक बार फिर अपने घर के दरवाजे पर “मकान बिकाऊ है” के पोस्टर चिपका दिए। वे चाहते हैं कि घर बिक जाए और वे किसी ऐसी जगह जाकर बस जाएं, जहां उन्हें मुस्कान के माता-पिता के नाम से कोई न जाने और न ही बेटी की करतूत की छाया उनके जीवन पर पड़े।

गौरतलब है कि 3 मार्च को मुस्कान ने अपने प्रेमी साहिल के साथ मिलकर अपने पति सौरभ की बेरहमी से हत्या कर दी थी। दोनों ने शव को कई टुकड़ों में काटकर नीले ड्रम में सीमेंट में दबा दिया था और हत्या के बाद हिमाचल घूमने भी चले गए थे। 17 मार्च को लौटने पर मुस्कान ने 18 मार्च को अपनी मां को घटना की जानकारी दी थी। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।

घटना के बाद परिवार पूरी तरह टूट गया है। जिन लोगों पर मुस्कान के पिता की उधारी थी, वे भी अब पैसे लौटाने से कतराने लगे हैं। कुछ समय पहले भी उन्होंने मकान बेचने के पोस्टर लगाए थे, लेकिन पड़ोसियों और पुलिस के समझाने पर हटा दिए। इस बार वे अपने फैसले पर अडिग हैं। उनका कहना है कि बदनामी, तिरस्कार और बेरोजगारी ने जीना दूभर कर दिया है।

उधर सौरभ के भाई राहुल का कहना है कि मकान बनाने में सौरभ का भी योगदान था, लेकिन कानूनी रूप से इसे बेचना मुस्कान के माता-पिता का अधिकार है। इस मामले में पुलिस का कोई दखल नहीं हो सकता।

पूरे दिन यह मामला इलाके और सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना रहा, लेकिन ब्रह्मपुरी पुलिस ने इसमें किसी जानकारी से इंकार कर दिया।