Tulsi Vastu Tips: घर में इस दिन लगाएं तुलसी का पौधा, खिंची चली आएंगी मां लक्ष्मी; जानें सही दिशा और जरूरी नियम

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India News Live,Digital Desk : हिंदू धर्म में तुलसी के पौधे को केवल एक पौधा नहीं, बल्कि 'समीधा' और साक्षात देवी लक्ष्मी का रूप माना गया है। मान्यता है कि जिस घर के आंगन में तुलसी हरी-भरी रहती है, वहां कभी दरिद्रता और अशांति प्रवेश नहीं करती। लेकिन अक्सर लोग अनजाने में किसी भी दिन या गलत दिशा में तुलसी लगा देते हैं, जिससे लाभ की जगह वास्तु दोष उत्पन्न हो जाता है। आइए जानते हैं तुलसी (Tulsi Vastu Tips) लगाने का सबसे शुभ मुहूर्त, दिन और वह दिशा जो आपकी खाली तिजोरी को खुशियों से भर सकती है।

तुलसी लगाने के लिए कौन से दिन हैं सबसे श्रेष्ठ?

वास्तु शास्त्र और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, तुलसी का पौधा लगाने के लिए कुछ खास दिन और महीने तय किए गए हैं:

गुरुवार (Thursday): यह दिन भगवान विष्णु को समर्पित है और तुलसी श्री हरि को अत्यंत प्रिय हैं। गुरुवार को तुलसी लगाने से घर में सुख-समृद्धि और विष्णु जी की असीम कृपा बनी रहती है।

शुक्रवार (Friday): मां लक्ष्मी की कृपा पाने के लिए शुक्रवार को तुलसी लगाना बेहद शुभ होता है। इससे आर्थिक तंगी दूर होती है और धन के नए मार्ग खुलते हैं।

कार्तिक माह (Kartik Month): पूरे साल में कार्तिक का महीना तुलसी रोपण के लिए सर्वोत्तम माना गया है। इस महीने में तुलसी लगाने और पूजन करने से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है।

भूलकर भी दक्षिण में न रखें, यह है देवताओं की दिशा

तुलसी के पौधे का पूर्ण फल तभी मिलता है जब वह सही दिशा में हो:

उत्तर या उत्तर-पूर्व (ईशान कोण): इस दिशा को देवताओं का स्थान माना जाता है। यहां तुलसी लगाने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

पूर्व दिशा: यदि उत्तर में जगह न हो, तो पूर्व दिशा भी एक अच्छा विकल्प है। यह मान-सम्मान और आरोग्य में वृद्धि करती है।

सावधानी: तुलसी को कभी भी दक्षिण दिशा में नहीं रखना चाहिए। इसे पितरों या यम की दिशा माना जाता है, जिससे घर में वास्तु दोष और भारी नुकसान हो सकता है।

इन नियमों का पालन करना है अनिवार्य

तुलसी की पवित्रता बनाए रखने के लिए इन बातों का विशेष ध्यान रखें:

साफ-सफाई: तुलसी के गमले के पास कभी भी कूड़ा, झाड़ू या जूते-चप्पल न रखें।

दीपक जलाएं: रोजाना शाम को तुलसी के पास घी का दीपक जलाना सौभाग्य लेकर आता है।

स्पर्श के नियम: कभी भी गंदे हाथों या बिना स्नान किए तुलसी को न छुएं।

जल अर्पण: रविवार और एकादशी के दिन तुलसी को जल न चढ़ाएं और न ही इसके पत्ते तोड़ें।