Laddu Mar Holi 2026: जब ब्रज में रंगों से पहले बरसे लड्डू; जानें बरसाना की इस अनोखी परंपरा का दिलचस्प इतिहास
India News Live,Digital Desk : ब्रज की होली पूरी दुनिया में अपनी दिव्यता और अनूठेपन के लिए मशहूर है। यहां केवल गुलाल नहीं उड़ता, बल्कि कहीं लाठियां चलती हैं तो कहीं फूलों की वर्षा होती है। लेकिन इन सबसे पहले राधा रानी की नगरी बरसाना में एक ऐसी होली खेली जाती है, जहां आसमान से रंग नहीं बल्कि मीठे लड्डू बरसते हैं। इसे 'लड्डू मार होली' (Laddu Mar Holi) कहा जाता है। आइए जानते हैं आखिर इस परंपरा की शुरुआत कैसे हुई और इस साल ब्रज में होली का पूरा शेड्यूल क्या है।
कैसे हुई लड्डू मार होली की शुरुआत? पौराणिक कथा
लड्डू मार होली की परंपरा द्वापर युग की एक बेहद रोचक घटना से जुड़ी है। पौराणिक कथा के अनुसार, माता राधा के पिता वृषभानु जी ने नंदगांव में भगवान श्रीकृष्ण के घर होली खेलने का निमंत्रण भेजा था। जब कान्हा के पिता नंद बाबा ने इस निमंत्रण को स्वीकार कर लिया, तो उन्होंने इसकी सूचना देने के लिए एक 'पंडा' (पुरोहित) को बरसाना भेजा।
जब पंडा जी बरसाना पहुंचे और खुशखबरी सुनाई कि कान्हा होली खेलने आ रहे हैं, तो वहां की गोपियां खुशी से झूम उठीं। उन्होंने आनंद और लाड़ में आकर पंडा जी पर गुलाल की जगह लड्डू फेंकना शुरू कर दिया। पंडा जी ने भी उसी मस्ती में गोपियों पर वापस लड्डू फेंके। बस, तभी से खुशियां बांटने और एक-दूसरे को मीठा खिलाने की यह परंपरा 'लड्डू मार होली' के रूप में प्रसिद्ध हो गई।
कब है लड्डू मार होली? (Laddu Mar Holi 2026 Date)
इस साल 25 फरवरी 2026 को बरसाना के लाड़ली जी (श्री राधा रानी) मंदिर में लड्डू मार होली का भव्य आयोजन होगा। इस दिन मंदिर परिसर में चारों ओर लड्डू ही लड्डू नजर आते हैं। भक्त इसे राधा-कृष्ण के आशीर्वाद के रूप में ग्रहण करते हैं। इसके अगले ही दिन यानी 26 फरवरी को विश्व प्रसिद्ध लठमार होली खेली जाएगी।
लठमार होली: जब गोपियां बरसाती हैं लाठियां
लड्डू मार उत्सव के बाद बारी आती है लठमार होली की। इसमें नंदगांव के ग्वाले ढाल लेकर बरसाना आते हैं और वहां की गोपियां उन पर प्रेमपूर्वक लाठियां बरसाती हैं। ग्वाले उन लाठियों से अपना बचाव करते हैं और हंसी-ठिठोली का यह दौर पूरे ब्रज को भक्ति के रस में सराबोर कर देता है।
ब्रज होली 2026: पूरा कैलेंडर (Braj Holi Schedule 2026)
यदि आप भी इस बार ब्रज की होली का हिस्सा बनना चाहते हैं, तो इन तारीखों को नोट कर लें:
| तिथि | उत्सव का नाम | स्थान |
|---|---|---|
| 25 फरवरी | लड्डू मार होली | बरसाना (श्री राधा रानी मंदिर) |
| 26 फरवरी | लठमार होली | बरसाना |
| 27 फरवरी | लठमार होली | नंदगांव |
| 28 फरवरी | फूलों की होली | वृन्दावन (बांके बिहारी मंदिर) |
| 01 मार्च | छड़ी मार होली | गोकुल |
| 02 मार्च | होली उत्सव | गोकुल |
| 03 मार्च | होलिका दहन | देशभर में |
| 04 मार्च | धुलेंडी (रंग वाली होली) | मुख्य होली |