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July 14 2026 04:51 am

Trump's 'Trade War' 2.0: भारत-चीन समेत 16 देशों पर गिरेगी 'धारा 301' की गाज, भारी टैरिफ लगाने की तैयारी

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India News Live,Digital Desk : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वैश्विक व्यापार जगत में एक बड़ा धमाका कर दिया है। ट्रंप प्रशासन ने भारत, चीन और बांग्लादेश सहित 16 प्रमुख व्यापारिक साझेदारों के खिलाफ एक व्यापक जांच शुरू की है। यह जांच अमेरिकी व्यापार अधिनियम 1974 की कुख्यात 'धारा 301' (Section 301) के तहत की जा रही है। इस कदम का सीधा मतलब यह है कि अगर जांच में व्यापारिक अनियमितताएं पाई गईं, तो अमेरिका इन देशों से आने वाले सामानों पर भारी आयात शुल्क (Tariff) लगा सकता है।

सुप्रीम कोर्ट के झटके के बाद ट्रंप का नया दांव

यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब पिछले महीने ही अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप प्रशासन द्वारा लगाए गए कुछ पुराने टैरिफ को 'अवैध' बताते हुए रद्द कर दिया था। अब ट्रंप सरकार ने नई कानूनी रणनीति अपनाते हुए 'धारा 301' का सहारा लिया है। अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (USTR) जैमीसन ग्रीर ने स्पष्ट किया है कि जिन देशों की उत्पादन क्षमता जरूरत से ज्यादा है या जो अमेरिका के साथ बड़े 'व्यापार अधिशेष' (Trade Surplus) का आनंद ले रहे हैं, उन्हें अब अमेरिकी घरेलू उद्योगों को नुकसान पहुंचाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

निशाने पर भारत और चीन: यहां देखें 16 देशों की पूरी सूची

इस जांच के दायरे में आने वाले देशों की सूची काफी लंबी है और इसमें अमेरिका के सबसे बड़े व्यापारिक साझेदार शामिल हैं। हालांकि, आश्चर्यजनक रूप से कनाडा को इस सूची से बाहर रखा गया है।

प्रमुख देश: भारत, चीन, यूरोपीय संघ (EU), जापान, दक्षिण कोरिया, मैक्सिको।

एशियाई और अन्य देश: ताइवान, वियतनाम, थाईलैंड, मलेशिया, कंबोडिया, सिंगापुर, इंडोनेशिया, बांग्लादेश, स्विट्जरलैंड और नॉर्वे।

इसके अलावा, अमेरिका 60 से अधिक देशों के उन उत्पादों की भी अलग से जांच कर रहा है जो दबाव या अनुचित प्रतिस्पर्धा के तहत तैयार किए जा रहे हैं।

जुलाई तक पूरी होगी जांच, भारत पर क्या होगा असर?

ट्रंप प्रशासन ने इस पूरी प्रक्रिया के लिए बेहद कम समय सीमा तय की है:

15 अप्रैल 2026: जनता और व्यापारिक संगठनों से टिप्पणियां मांगी गई हैं।

5 मई 2026: इस मामले पर सार्वजनिक सुनवाई होगी।

जुलाई 2026: जांच पूरी कर अंतिम रिपोर्ट और टैरिफ की घोषणा की जा सकती है।

भारत के लिए यह चिंता का विषय है क्योंकि अमेरिका भारत के सबसे बड़े निर्यात गंतव्यों में से एक है। अगर आईटी सेवाओं या विनिर्मित उत्पादों पर शुल्क बढ़ता है, तो भारतीय अर्थव्यवस्था पर इसका सीधा असर पड़ सकता है।

क्या है 'धारा 301' और यह इतनी घातक क्यों है?

धारा 301 अमेरिकी सरकार को एकतरफा शक्ति प्रदान करती है। जब अमेरिका को लगता है कि कोई दूसरा देश 'अनुचित या अन्यायपूर्ण' व्यापार नीतियां अपना रहा है, जिससे अमेरिकी वाणिज्य को नुकसान हो रहा है, तो USTR जांच शुरू करता है।