ईरान के दुष्ट साम्राज्य को खत्म करना जरूरी, ट्रंप की ललकार के बाद तेहरान की खौफनाक धमकी- 'तेल और गैस में लगा देंगे आग'..

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India News Live,Digital Desk : पश्चिम एशिया (Midit East) में जारी तनाव अब एक ऐसे मोड़ पर पहुंच गया है जहां से पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था तबाह हो सकती है। ईरान ने अमेरिका को खुली चुनौती देते हुए सीधे तौर पर चेतावनी दी है कि वह सुपरपावर को 'पछताने पर मजबूर' कर देगा। तेहरान ने साफ कर दिया है कि वह सामरिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) पर अपना शिकंजा और कसने जा रहा है। ईरान के इस कड़े रुख के बाद वैश्विक बाजार में तेल की कीमतों में भारी उछाल आने की आशंका गहरा गई है, जिससे दुनिया भर में हाहाकार मच सकता है।

ट्रंप का दोटूक जवाब: 'कीमतें नहीं, दुश्मन का खात्मा जरूरी'

इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी (IEA) ने इस स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए चेतावनी दी है कि मिडिल ईस्ट में जारी यह संघर्ष तेल उद्योग के इतिहास में आपूर्ति की सबसे बड़ी बाधा बन सकता है। हालांकि, दुनिया की इस चिंता के उलट अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपने रुख पर अडिग हैं। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर बेहद आक्रामक पोस्ट साझा करते हुए लिखा कि 'ईरान के दुष्ट साम्राज्य को हराना कच्चे तेल की कीमतों से कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण है।' ट्रंप के इस बयान ने साफ कर दिया है कि अमेरिका पीछे हटने के मूड में नहीं है, भले ही इसके लिए तेल की कीमतों का जोखिम उठाना पड़े।

समुद्र में बिछाई गईं माइंस, गैस-तेल के टैंकरों को फूंकने की धमकी

खुफिया रिपोर्टों ने दुनिया की धड़कनें और बढ़ा दी हैं। सीएनएन (CNN) की एक रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी खुफिया सूत्रों ने दावा किया है कि ईरान ने होर्मुज जलमार्ग में घातक समुद्री माइंस बिछाना शुरू कर दिया है। यह वही रास्ता है जहां से दुनिया के तेल व्यापार का एक बड़ा हिस्सा गुजरता है। ईरान ने सीधे शब्दों में अमेरिका और उसके सहयोगियों को धमकी दी है कि यदि स्थिति और बिगड़ी, तो वह इस जलमार्ग से गुजरने वाले गैस और तेल के टैंकरों में आग लगा देगा। ईरान की इस 'आत्मघाती' रणनीति से अंतरराष्ट्रीय समुदाय में दहशत का माहौल है।

इतिहास के सबसे बड़े ऊर्जा संकट की आहट

IEA की मानें तो अगर होर्मुज का रास्ता बंद होता है या वहां तेल के जहाजों को निशाना बनाया जाता है, तो यह आधुनिक इतिहास का सबसे बड़ा ऊर्जा संकट होगा। ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि तेल की कीमतें उस स्तर पर पहुंच सकती हैं जिसका अंदाजा लगाना भी मुश्किल है। वर्तमान में ईरान और अमेरिका के बीच जारी यह 'जुबानी जंग' अब जमीनी स्तर पर एक भीषण टकराव में बदलती दिख रही है। भारत समेत उन तमाम देशों की नजरें इस इलाके पर टिकी हैं जो अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए इस समुद्री मार्ग पर निर्भर हैं।