Transit of Mars in Libra : ऊर्जा और साहस में बढ़ोतरी, किन राशियों को सतर्क रहना चाहिए

Post

India News Live,Digital Desk : ज्योतिष में मंगल को साहस और ऊर्जा का कारक माना जाता है। मेष और वृश्चिक राशि का स्वामी होने के कारण यह सभी ग्रहों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। जब मंगल तुला राशि में प्रवेश करता है, तो इसका प्रभाव सभी राशियों पर अलग-अलग रूप से पड़ता है। खासतौर पर सिंह, कन्या, तुला और वृश्चिक राशि के जातकों को सतर्क रहने की जरूरत है।

नीचे हम हर राशि के लिए गोचर का असर और सरल उपाय बता रहे हैं।

सिंह राशि

सिंह राशि में मंगल नवम और चतुर्थ भाव का स्वामी है। तुला राशि के तृतीय भाव में मंगल का गोचर आपके साहस, संचार और यात्रा के अवसर बढ़ाएगा। करियर में सफलता मिलने की संभावना है। हालांकि, सरकारी कर्मचारियों को वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मतभेद हो सकते हैं।

उपाय: प्रत्येक शनिवार की शाम पीपल के पेड़ के नीचे घी का दीपक जलाएं।

कन्या राशि

कन्या राशि के लिए मंगल अष्टम और तृतीय भाव का स्वामी है। द्वितीय भाव में मंगल का गोचर आपके वाणी, धन और परिवार को प्रभावित करेगा। स्वास्थ्य संबंधी परेशानियाँ हो सकती हैं और परिवार के सदस्यों के साथ मतभेद की संभावना भी बढ़ सकती है।

उपाय: मंगलवार को पीले और लाल वस्त्र दान करें।

तुला राशि

तुला राशि के लिए मंगल सप्तम और द्वितीय भाव का स्वामी है। प्रथम भाव में मंगल का गोचर आपकी महत्वाकांक्षा और ऊर्जा में वृद्धि करेगा। लेकिन जल्दबाजी और गुस्सा नुकसान पहुँचा सकते हैं। निवेश करते समय सावधानी रखें और परिवार या करीबी संबंधियों के साथ रिश्तों पर ध्यान दें।

उपाय: मंगलवार का व्रत रखें और प्रतिदिन 'ॐ मंगलाय नमः' मंत्र का जाप करें।

वृश्चिक राशि

वृश्चिक राशि के लिए मंगल लग्न और षष्ठ भाव का स्वामी है। द्वादश भाव में मंगल का गोचर आपके अप्रत्याशित खर्चों में वृद्धि कर सकता है। कुछ योजनाएँ या सपने असफल हो सकते हैं। परिवार के सदस्यों के साथ मतभेद की संभावना भी रहेगी।

उपाय: हनुमानजी को सिंदूर चढ़ाएं और 'हनुमान बाहुक' का पाठ करें।