BREAKING:
July 14 2026 07:37 pm

खुलते ही चंद मिनटों में फुल हुआ यह धमाकेदार IPO, ग्रे मार्केट में 90% प्रीमियम पर पहुंचा शेयर

Post

मिलवर्क्स टेक्नोलॉजीज आईपीओ: भारतीय प्राइमरी शेयर बाजार (IPO Market) में इन दिनों जबरदस्त बूम देखने को मिल रहा है। इसी कड़ी में मंगलवार 14 जुलाई 2026 को खुला मिलवर्क्स टेक्नोलॉजीज लिमिटेड का आईपीओ (Millworks Technologies IPO) निवेशकों के लिए आकर्षण का केंद्र बन गया है। इस आईपीओ पर निवेशक इस कदर टूट पड़े हैं कि सब्सक्रिप्शन शुरू होने के पहले 1 घंटे के भीतर ही यह पूरी तरह (1.74 गुना) सब्सक्राइब होकर फुल हो गया। आम निवेशकों से लेकर बड़े संस्थागत निवेशकों के बीच इस प्रिसिशन इंजीनियरिंग कंपनी के शेयरों को खरीदने की होड़ मची हुई है।

331 रुपये का शेयर और 300 रुपये पहुंचा ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP)

मार्केट विश्लेषक और बिजनेस एडिटर Vishnu Soni की रिपोर्ट के अनुसार, मिलवर्क्स टेक्नोलॉजीज के आईपीओ का कुल साइज 160 करोड़ रुपये का है। कंपनी ने अपने शेयरों का प्राइस बैंड 331 रुपये प्रति शेयर निर्धारित किया है।

प्राइमरी मार्केट के साथ-साथ ग्रे मार्केट में भी कंपनी के शेयरों का परफॉर्मेंस बेहद शानदार और तूफानी बना हुआ है। वर्तमान में कंपनी के शेयर ग्रे मार्केट में 300 रुपये के बंपर प्रीमियम (GMP) के साथ ट्रेड कर रहे हैं, जो कि इसके मूल प्राइस बैंड से लगभग 90 प्रतिशत अधिक है। यदि लिस्टिंग के दिन तक यही ट्रेंड बरकरार रहता है, तो मिलवर्क्स टेक्नोलॉजीज के शेयर बाजार में 631 रुपये (331 + 300) के करीब लिस्ट हो सकते हैं। इसका सीधा मतलब यह है कि ग्रे मार्केट के मौजूदा संकेतों के हिसाब से निवेशकों को पहले ही दिन छप्परफाड़ लिस्टिंग गेन (मुनाफा) मिल सकता है।

पहले ही घंटे में आम निवेशकों ने लगाया बंपर दांव

मंगलवार सुबह 11 बजे तक के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, आईपीओ को निवेशकों की तरफ से ब्लॉकबस्टर रिस्पॉन्स मिला है:

रिटेल कोटा (Retail Investors): आम निवेशकों के लिए आरक्षित हिस्सा शुरुआती एक घंटे में ही 2.37 गुना सब्सक्राइब हो गया।

एनआईआई कोटा (NII Category): गैर-संस्थागत निवेशकों (Non-Institutional Investors) की कैटेगरी में सबसे ज्यादा उत्साह देखा गया और यह हिस्सा 2.59 गुना सब्सक्राइब हुआ।

निवेश की सीमा: इस आईपीओ में कोई भी व्यक्तिगत या आम निवेशक अधिकतम सिर्फ 2 लॉट के लिए ही दांव लगा सकता है। आईपीओ के इन 2 लॉट्स में कुल 800 शेयर शामिल हैं।

यह आईपीओ दांव लगाने के लिए 16 जुलाई 2026 तक खुला रहेगा। इसके बाद, शेयरों का अलॉटमेंट 17 जुलाई को फाइनल किया जा सकता है और सफल आवेदकों के डीमैट खाते में शेयर ट्रांसफर होने के बाद, 21 जुलाई 2026 को कंपनी के शेयर शेयर बाजार (NSE/BSE) में लिस्ट हो जाएंगे।

क्या करती है मिलवर्क्स टेक्नोलॉजीज? जानिए प्रमोटर्स और बिजनेस मॉडल

नवंबर 2021 में शुरू हुई मिलवर्क्स टेक्नोलॉजीज लिमिटेड एक प्रिसिशन इंजीनियरिंग और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की तेजी से उभरती हुई कंपनी है। यह कंपनी देश के कई महत्वपूर्ण और हाई-टेक सेक्टर्स जैसे—रेलवे, एयरोस्पेस, डिफेंस (रक्षा), मेट्रो रेल, ड्रोन और सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री के लिए हाई-प्रिसिशन कंपोनेंट्स और एडवांस असेंबलीज के डिजाइन, डेवलपमेंट और प्रोडक्शन का काम करती है।

कंपनी के मुख्य उत्पादों में रेलवे कोच कंपोनेंट्स, ट्रेनों के ब्रेकिंग सिस्टम, अत्याधुनिक डोर मैकेनिज्म, मेट्रो कप्लर्स, एयरोनॉटिकल कंपोनेंट्स, ड्रोन के पार्ट्स और सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग के लिए जरूरी प्रिसिशन इक्विपमेंट्स शामिल हैं। श्रीधर आचार्य, एच के मधु, सौम्या मधु और रश्मि श्रीधर आचार्य कंपनी के मुख्य प्रमोटर्स हैं। आईपीओ के आने से पहले कंपनी में प्रमोटर्स की कुल हिस्सेदारी 65.08 फीसदी थी। आईपीओ के जरिए जुटाए गए 160 करोड़ रुपये का इस्तेमाल कंपनी अपने मैन्युफैक्चरिंग प्लांट के लिए नई मशीनरी खरीदने, वर्किंग कैपिटल (कार्यशील पूंजी) की जरूरतों को पूरा करने और सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए करेगी।