आईडीबीआई बैंक में हिस्सेदारी खरीदेगी विदेशी कंपनियां! खबर आते ही शेयर 4% उछला, दौड़ में यह कनाडाई अरबपति सबसे आगे
आईडीबीआई बैंक हिस्सेदारी बिक्री: केंद्र सरकार द्वारा आईडीबीआई बैंक (IDBI Bank) के निजीकरण और हिस्सेदारी बेचने की कवायद अब अपने अंतिम चरण में पहुंचती नजर आ रही है। मंगलवार 14 जुलाई 2026 को शेयर बाजार में चौतरफा गिरावट के बावजूद आईडीबीआई बैंक के शेयरों में 4 प्रतिशत तक की तूफानी तेजी दर्ज की गई। यह बड़ा उछाल उन मीडिया रिपोर्ट्स के बाद देखने को मिला है, जिसमें दावा किया गया है कि सरकार को बैंक में बहुमत हिस्सेदारी खरीदने के लिए दो दिग्गज विदेशी वित्तीय कंपनियों की तरफ से नई संशोधित बोलियां (Revised Bids) प्राप्त हो चुकी हैं।
कनाडा और दुबई की इन 2 बड़ी कंपनियों ने लगाई अंतिम बोली
रॉयटर्स की विशेष रिपोर्ट के अनुसार, आईडीबीआई बैंक को खरीदने की इस रेस में दो विदेशी दिग्गज कंपनियां सबसे आगे चल रही हैं:
फेयरफैक्स फाइनेंशियल (Fairfax Financial): कनाडा की इस नामी कंपनी के संस्थापक भारतीय मूल के कनाडाई अरबपति प्रेम वत्सा हैं। बाजार सूत्रों के मुताबिक, फेयरफैक्स इस समय रेस में सबसे आगे है और सरकार उनके प्रस्ताव को स्वीकार करने के बेहद करीब पहुंच चुकी है।
एमिरेट्स एनबीडी (Emirates NBD): दुबई की इस प्रमुख बैंकिंग ग्रुप ने भी आईडीबीआई बैंक को अपने नियंत्रण में लेने के लिए संशोधित बोली जमा की है।
इस मेगा डील के तहत भारत सरकार और भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) मिलकर आईडीबीआई बैंक में अपनी कुल 60.7 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने जा रहे हैं। वर्तमान में इस बैंक में केंद्र सरकार के पास 45.48 फीसदी और एलआईसी के पास 49.24 फीसदी की हिस्सेदारी मौजूद है। यदि यह विनिवेश सौदा सफलतापूर्वक संपन्न हो जाता है, तो यह भारतीय बैंकिंग इतिहास में सरकार द्वारा किसी बैंक में बहुमत हिस्सेदारी बेचने के अब तक के सबसे बड़े सौदों में से एक गिना जाएगा।
खबर आते ही शेयर ने छुआ ₹87.63 का हाई; जानिए कैसा रहा रिटर्न
मार्केट विश्लेषक Drigraj Madheshia की रिपोर्ट के मुताबिक, सोमवार को यह शेयर 84.07 रुपये पर बंद हुआ था, जो मंगलवार को बढ़त के साथ 85 रुपये पर खुला और देखते ही देखते दिन के कारोबार में 87.63 रुपये के हाई लेवल पर पहुंच गया।
| समयावधि | शेयर का प्रदर्शन / रिटर्न |
|---|---|
| पिछले 1 हफ्ते में | 3.35% की बढ़त |
| पिछले 1 महीने में | 14.27% की शानदार रिकवरी |
| साल 2026 की शुरुआत से अब तक | 17% की गिरावट |
| पिछले 3 सालों में | 51% का मजबूत मुनाफा |
| पिछले 5 सालों में | 128% का छप्परफाड़ रिटर्न |
फेयरफैक्स की संशोधित बोली और आरबीआई (RBI) की मंजूरी का नियम
ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट में बताया गया है कि इससे पहले फेयरफैक्स फाइनेंशियल ने जो वैल्यूएशन (मूल्यांकन) सरकार के सामने पेश किया था, वह सरकार द्वारा तय की गई मिनिमम रिजर्व प्राइस (आरक्षित मूल्य) से काफी कम था, जिसके कारण शुरुआती बातचीत अटक गई थी। लेकिन अब कंपनी अपनी संशोधित बोली में प्रति शेयर की कीमत कुछ रुपये बढ़ाने पर सहमत हो गई है, जिससे सौदे की उम्मीदें दोबारा जिंदा हो गई हैं। फेयरफैक्स इस संभावित डील के लिए पहले ही भारत में भारी-भरकम विदेशी पूंजी ला चुकी है। इस विनिवेश प्रक्रिया को अंतिम रूप देने और मालिकाना हक ट्रांसफर करने के लिए अब केवल केंद्रीय कैबिनेट और भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की अंतिम मंजूरी मिलना बाकी है।