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July 10 2026 11:36 pm

इस दिग्गज क्रूज़ कंपनी ने किया 1:10 स्टॉक स्प्लिट का एलान, 1 शेयर के बदले मिलेंगे 10 शेयर

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भारतीय शेयर बाजार (Share Market) में हाल ही में कदम रखने वाली और देश की जानी-मानी क्रूज़ ऑपरेटर कंपनी वॉटरवेज लीजर टूरिज्म लिमिटेड यानी कॉर्डेलिया क्रूज़ (Cordelia Cruises) ने दलाल स्ट्रीट पर अपने निवेशकों के लिए एक बहुत बड़ा और ऐतिहासिक एलान किया है। कंपनी के निदेशक मंडल (Board of Directors) की शुक्रवार, 10 जुलाई 2026 को हुई उच्च स्तरीय बैठक में 1:10 के अनुपात में स्टॉक स्प्लिट (Share Split) के बड़े प्रस्ताव को आधिकारिक मंजूरी दे दी गई है। इस फैसले के तहत कंपनी के 10 रुपये की फेस वैल्यू (अंकित मूल्य) वाले प्रत्येक एक इक्विटी शेयर को 1 रुपये की फेस वैल्यू वाले 10 इक्विटी शेयरों में विभाजित किया जाएगा। हालांकि, कंपनी का यह बड़ा कदम अभी शेयरधारकों की आगामी वार्षिक बैठक में मिलने वाली वोटिंग और आवश्यक रेगुलेटरी अप्रूवल्स के अधीन रहेगा।

आखिर क्यों लिया गया स्टॉक स्प्लिट का फैसला? रिटेल इनवेस्टर्स के लिए खुलेगा निवेश का बड़ा मौका

एक्सचेंज फाइलिंग में दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, वॉटरवेज लीजर टूरिज्म लिमिटेड (Waterways Leisure Tourism Ltd.) ने स्पष्ट किया है कि इस बड़े स्टॉक स्प्लिट को लाने का मुख्य उद्देश्य बाजार में कंपनी के शेयरों की लिक्विडिटी (तरलता) को बढ़ाना है। अक्सर शेयरों की कीमत अधिक होने के कारण छोटे और रिटेल इनवेस्टर्स उनमें निवेश नहीं कर पाते हैं। फेस वैल्यू टूटने के बाद प्रति शेयर की कीमत काफी कम और किफायती हो जाएगी, जिससे छोटे निवेशकों के लिए इसमें हिस्सेदारी खरीदना बेहद आसान हो जाएगा। कंपनी का मानना है कि इस रणनीतिक कदम से शेयर बाजार में कॉर्डेलिया क्रूज़ का शेयरहोल्डर बेस (निवेशक आधार) काफी बड़ा हो जाएगा और दैनिक ट्रेडिंग वॉल्यूम में भी भारी उछाल देखने को मिलेगा।

3 महीने के भीतर पूरी होगी पूरी प्रक्रिया: किसी भी शेयरधारक को नहीं होगा आंशिक नुकसान

कंपनी प्रबंधन की मानें तो शेयरधारकों की अंतिम मंजूरी और सेबी (SEBI) व एक्सचेंजों से आवश्यक हरी झंडी मिलने के बाद लगभग 3 महीने के भीतर इस पूरे स्टॉक स्प्लिट की प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया जाएगा। कंपनी ने यह भी साफ किया है कि इस विभाजन के दायरे में केवल इक्विटी शेयर ही शामिल होंगे। चूंकि स्प्लिट का अनुपात एकदम सटीक यानी 1:10 रखा गया है, इसलिए किसी भी मौजूदा या नए शेयरधारक को फ्रैक्शनल एंटाइटलमेंट (आंशिक शेयर या टुकड़ों में शेयर) की तकनीकी समस्या या किसी भी प्रकार के वित्तीय नुकसान का सामना बिल्कुल नहीं करना पड़ेगा।

अधिकृत शेयर पूंजी (Authorised Share Capital) का पूरा गणित: जानिए शेयरों की संख्या में कितना होगा बदलाव

स्टॉक स्प्लिट की इस प्रक्रिया के बाद कंपनी की अधिकृत शेयर पूंजी (Authorised Share Capital) के कुल मूल्य में कोई बदलाव नहीं होगा और यह 100.05 करोड़ रुपये पर ही स्थिर रहेगा। लेकिन इसके आंतरिक ढांचे में बड़ा बदलाव यह होगा कि बाजार में कुल शेयरों की संख्या 10,00,50,000 से बढ़कर सीधे 1,00,05,00,000 (एक अरब से अधिक) हो जाएगी, क्योंकि फेस वैल्यू ₹10 से घटकर ₹1 रह जाएगी। ठीक इसी प्रकार, कंपनी की जारी, सब्सक्राइब्ड और चुकता पूंजी (Issued, Subscribed & Paid-up Capital) का कुल मूल्य भी 72.39 करोड़ रुपये पर अपरिवर्तित रहेगा, जबकि इसके कुल शेयरों की संख्या 7,23,94,543 से बढ़कर 72,39,45,430 हो जाएगी। इस बदलाव को कानूनी रूप देने के लिए कंपनी ने अपने मेमोरेंडम ऑफ एसोसिएशन (MoA) की कैपिटल क्लॉज (Clause V) में आवश्यक संशोधन के प्रस्ताव को भी पास कर दिया है।

निवेशकों की कुल वेल्थ पर क्या पड़ेगा असर? जानिए एक्सपर्ट्स की राय

मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि स्टॉक स्प्लिट के कारण कंपनी के कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन (बाजार पूंजीकरण) या किसी निवेशक की कुल होल्डिंग वैल्यू में कोई कमी या बढ़ोतरी नहीं होती है। उदाहरण के लिए, यदि आपके पास कंपनी का 1 शेयर है जिसकी कीमत मान लीजिए ₹10,000 है, तो स्प्लिट के बाद आपके पास ₹1,000 की कीमत वाले 10 शेयर हो जाएंगे। कुल निवेश मूल्य ₹10,000 ही रहेगा, लेकिन प्रति शेयर की कीमत कम होने से बाजार में नए खरीदार आकर्षित होते हैं, जिससे आने वाले समय में शेयर की कीमतों को एक नया सपोर्ट मिलता है और ट्रेडिंग गतिविधि में काफी तेजी आ जाती है।