सिनेमाघरों में दोबारा रिलीज होकर इन 5 फिल्मों ने की बंपर कमाई
भारतीय सिनेमा के 100 से अधिक वर्षों के इतिहास में बॉक्स ऑफिस की तकदीर अक्सर पहले ही वीकेंड में तय मान ली जाती थी। यदि कोई फिल्म रिलीज के शुरुआती तीन दिनों में दर्शकों को आकर्षित करने में नाकाम रही, तो उसे सीधे 'फ्लॉप' या 'डिजास्टर' का तमगा दे दिया जाता था। हालांकि, बदलते वक्त, सोशल मीडिया की जागरूकता और दर्शकों के सिनेमाई नजरिए में आए बड़े बदलाव ने इस पुराने नियम को पूरी तरह पलट कर रख दिया है। पिछले कुछ वर्षों में बॉलीवुड में 'री-रिलीज' यानी पुरानी फिल्मों को दोबारा सिनेमाघरों में उतारने का एक ऐसा ऐतिहासिक ट्रेंड देखने को मिला, जिसने बड़े-बड़े ट्रेड एनालिस्ट्स को हैरान कर दिया। कई ऐसी शानदार फिल्में, जो अपनी पहली मूल रिलीज के वक्त प्रचार की कमी, गलत क्लैश या समय से आगे होने की वजह से बॉक्स ऑफिस पर औंधे मुंह गिरी थीं, उन्होंने दोबारा रिलीज होकर करोड़ों की छप्परफाड़ कमाई की और नया बॉक्स ऑफिस इतिहास रच दिया। आइए विस्तार से जानते हैं उन 5 प्रमुख फिल्मों के बारे में जिन्होंने दोबारा रिलीज होने पर बॉक्स ऑफिस पर बंपर कलेक्शन का रिकॉर्ड बनाया।
तुम्बाड (Tumbbad): 2018 की सुस्त फिल्म ने री-रिलीज पर कमाए 32 करोड़ रुपये
सोहम शाह अभिनीत और राही अनिल बर्वे द्वारा निर्देशित 'तुम्बाड' भारतीय लोक-कथा और लालच के चक्रव्यूह पर बनी अब तक की सबसे बेहतरीन पीरियड साइकोलॉजिकल-हॉरर फिल्मों में गिनी जाती है। साल 2018 में जब यह फिल्म पहली बार रिलीज हुई थी, तो मजबूत वर्ड ऑफ माउथ और समीक्षकों की जबरदस्त तारीफों के बावजूद यह महज 13.50 करोड़ रुपये के आसपास ही लाइफटाइम कमाई कर सकी थी और अपनी लागत तक पूरी तरह नहीं निकाल पाई थी।
हालांकि, बाद में ओटीटी पर इस फिल्म को कल्ट स्टेटस मिला। जब निर्माताओं ने फिल्म को दोबारा सिनेमाघरों में रिलीज करने का साहसिक कदम उठाया, तो सिनेमाघरों में दर्शकों का ऐसा सैलाब उमड़ा कि यह री-रिलीज इतिहास की सबसे बड़ी ब्लॉकबस्टर बन गई। फिल्म ने अपने री-रन में अकेले भारत से लगभग 32 करोड़ रुपये से अधिक का नेट बॉक्स ऑफिस कलेक्शन किया। यह आंकड़ा इसकी पहली रिलीज की कुल कमाई से दोगुने से भी ज्यादा था। 'तुम्बाड' ने साबित किया कि बेहतरीन और मौलिक सिनेमा का दौर कभी खत्म नहीं होता।
लैला मजनू (Laila Majnu): पहले फ्लॉप, 6 साल बाद बदला वर्डिक्ट और छू लिया 10 करोड़ का आंकड़ा
इम्तियाज अली की प्रस्तुति और साजिद अली के निर्देशन में बनी तृप्ति डिमरी और अविनाश तिवारी की रोमांटिक-ट्रेजेडी फिल्म 'लैला मजनू' जब 2018 में सिनेमाघरों में आई थी, तब इसे देखने के लिए दर्शक ही नहीं पहुंचे थे। अपने पहले थिएट्रिकल रन में यह फिल्म मुश्किल से 2.15 से 2.50 करोड़ रुपये ही जुटा पाई थी और ट्रेड ने इसे फ्लॉप घोषित कर दिया था।
लेकिन कश्मीर की वादियों में रची गई मजनू (कैस) के दीवानेपन और रूहानी इश्क की इस कहानी को समय के साथ युवाओं ने सोशल मीडिया पर अमर बना दिया। जब इसे 6 साल बाद सिनेमाघरों में दोबारा उतारा गया, तो टिकट खिड़कियों पर हाउसफुल के बोर्ड लग गए। फिल्म ने अपनी री-रिलीज में 9 करोड़ रुपये से अधिक की शुद्ध कमाई की, जिससे इसका कुल लाइफटाइम कलेक्शन 11 करोड़ रुपये के पार पहुंच गया। री-रिलीज के दम पर किसी फ्लॉप फिल्म का वर्डिक्ट 'हिट' और 'सक्सेसफुल' में तब्दील होने का यह सबसे बड़ा और हैरान करने वाला उदाहरण बन गया।
रॉकस्टार (Rockstar): रणबीर कपूर के जॉर्डन को देखने उमड़े दर्शक, जुटाए 6 करोड़ रुपये
इम्तियाज अली के निर्देशन में बनी रणबीर कपूर और नरगिस फाखरी की म्यूजिकल रोमांटिक-ड्रामा 'रॉकस्टार' साल 2011 में जब रिलीज हुई थी, तब इसने औसत से बेहतर कारोबार किया था। लेकिन समय बीतने के साथ जॉर्डन का दर्द, ए आर रहमान का कालजयी संगीत और मोहित चौहान की आवाज आज की युवा पीढ़ी के लिए एक जज्बात बन गई।
जब थिएटरों में बड़ी नई फिल्मों की कमी थी, तब 'रॉकस्टार' को बड़े पर्दे पर फिर से रिलीज किया गया। मल्टीप्लेक्स में युवाओं की ऐसी भीड़ जुटी मानो यह कोई नई मेगा-बजट फिल्म हो। दर्शक सिनेमाघरों में गानों पर नाचते और स्क्रीन के सामने गाते नजर आए। फिल्म ने अपने री-रन में 6 करोड़ रुपये से अधिक का शानदार कारोबार कर यह साबित किया कि रॉकस्टार का क्रेज एक दशक बाद भी पहले से कहीं ज्यादा ताजा है।
रहना है तेरे दिल में (RHTDM): 23 साल बाद मैडी और रीना के जादू ने बटोरे 4 करोड़ रुपये
साल 2001 में रिलीज हुई अभिनेता आर. माधवन, दीया मिर्जा और सैफ अली खान की फिल्म 'रहना है तेरे दिल में' (RHTDM) अपनी मूल रिलीज के वक्त बॉक्स ऑफिस पर औसत साबित हुई थी और केवल 5.50 करोड़ रुपये ही कमा सकी थी। उस वक्त फिल्म भले ही टिकट खिड़की पर बहुत बड़ा करिश्मा न कर पाई हो, लेकिन टीवी और यूट्यूब के माध्यम से मैडी और रीना की यह प्रेम कहानी और इसके गाने हर भारतीय दिल की धड़कन बन गए।
फिल्म की रिलीज के 23 साल बाद जब इसे दोबारा बड़े पर्दे पर सीमित स्क्रीन्स पर रिलीज किया गया, तो नॉस्टैल्जिया के दीवाने दर्शकों ने सिनेमाघरों को भर दिया। फिल्म ने अपनी री-रिलीज से लगभग 4 करोड़ रुपये की बंपर कमाई की, जो 23 साल पुरानी फिल्म के लिए बेहद चौंकाने वाला और असाधारण आंकड़ा है।
कल हो ना हो और वीर-जारा: शाहरुख खान के क्लासिक्स ने भी दिखाया दम
री-रिलीज की इस ऐतिहासिक लहर में बॉलीवुड के रोमांस किंग शाहरुख खान की क्लासिक फिल्मों ने भी टिकट खिड़की पर जबरदस्त कमाई की। निखिल आडवाणी के निर्देशन और करण जौहर के निर्माण में बनी साल 2003 की फिल्म 'कल हो ना हो' ने दोबारा रिलीज होकर अकेले 5.80 करोड़ रुपये का नेट कलेक्शन किया।
वहीं यश चोपड़ा की अमर प्रेम कहानी 'वीर-जारा' ने अपनी रिलीज के 20 साल पूरे होने पर सिनेमाघरों में वापसी की और 3.15 करोड़ रुपये से अधिक की कमाई कर डाली। इसके अलावा 'जब वी मेट' और 'ये जवानी है दीवानी' जैसी फिल्मों ने भी हर बार थिएटर्स में लौटकर करोड़ों का कारोबार किया। इन सभी आंकड़ों ने भारतीय फिल्म उद्योग के सामने यह साफ संदेश दिया है कि दर्शक कमजोर और रीमेक कंटेंट को नकार रहे हैं, लेकिन अगर कहानी में दिल और सच्चाई है, तो वे दशकों पुरानी फिल्मों को भी दोबारा टिकट खरीदकर ब्लॉकबस्टर बनाने का माद्दा रखते हैं।