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July 09 2026 11:28 pm

3 साल में 384% रिटर्न देने वाले शेयर में आई तूफानी तेजी! दक्षिण कोरियाई दिग्गज से मिला ₹900 करोड़ का भारी-भरकम निवेश

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भारतीय शेयर बाजार (Stock Market) में लिस्टेड फाइनेंशियल सेक्टर की दिग्गज कंपनी चॉइस इंटरनेशनल लिमिटेड (Choice International Ltd.) के निवेशकों के लिए एक बेहद बड़ी और लॉटरी लगने जैसी खबर सामने आ रही है। बीते 3 साल में अपने शेयरधारकों को 384 फीसदी का छप्परफाड़ मल्टीबैगर रिटर्न (Multibagger Return) देकर मालामाल करने वाली इस कंपनी में एक बहुत बड़ा विदेशी निवेश आया है। दक्षिण कोरिया की प्रमुख और प्रतिष्ठित वित्तीय संस्था 'एनएच इन्वेस्टमेंट एंड सिक्योरिटीज' (NH Investment & Securities Co. Ltd.) चॉइस इंटरनेशनल की सब्सिडियरी कंपनी 'चॉइस इक्विटी ब्रोकिंग प्राइवेट लिमिटेड' (CEBPL) में ₹900 करोड़ का भारी-भरकम रणनीतिक निवेश करने जा रही है। इस बड़ी डील की खबर सार्वजनिक होते ही गुरुवार, 9 जुलाई के कारोबारी सत्र में कंपनी के शेयरों में खरीदारों की बाढ़ आ गई और स्टॉक देखते ही देखते 8.50% से अधिक की तूफानी तेजी के साथ दौड़ने लगा।

CCPS के जरिए होगा ₹900 करोड़ का निवेश, ब्रोकिंग और मार्जिन ट्रेडिंग को मिलेगा तगड़ा बूस्ट

कंपनी द्वारा स्टॉक एक्सचेंजों को साझा की गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, दक्षिण कोरियाई दिग्गज NHIS द्वारा यह ₹900 करोड़ का निवेश कंपल्सरी कनवर्टिबल प्रिफरेंस शेयर्स (CCPS) के माध्यम से किया जा रहा है। चॉइस इंटरनेशनल के प्रबंधन का कहना है कि इस विदेशी पूंजी (Foreign Capital) का इस्तेमाल कंपनी अपने मुख्य ब्रोकिंग कारोबार के विस्तार, मार्जिन ट्रेडिंग फैसिलिटी (MTF) बुक का आकार बढ़ाने, अत्याधुनिक डिजिटल टेक्नोलॉजी को अपनाने, नए वित्तीय प्रोडक्ट्स लॉन्च करने और देश भर में अपना ग्राहक आधार (Customer Base) बढ़ाने के लिए करेगी। भारतीय डोमेस्टिक मार्केट में रिटेल निवेशकों की बढ़ती भागीदारी को देखते हुए यह निवेश कंपनी के लिए गेम-चेंजर साबित होने वाला है।

अगले 3 साल में बिजनेस को 5 गुना (5X) करने का महा-लक्ष्य, डिजिटल प्लेटफॉर्म होंगे मजबूत

इस रणनीतिक साझेदारी के बाद चॉइस इक्विटी ब्रोकिंग (Choice Equity Broking) ने भारतीय वित्तीय बाजार में अपनी धाक जमाने के लिए एक बेहद आक्रामक और बड़ा लक्ष्य निर्धारित किया है। कंपनी का इरादा इस ₹900 करोड़ की नई फंडिंग के दम पर अगले तीन वर्षों के भीतर अपने कुल ब्रोकिंग और डिस्ट्रीब्यूशन बिजनेस के टर्नओवर को पांच गुना (5X) तक बढ़ाना है। इसके लिए कंपनी अपने संस्थागत कारोबार, मोबाइल ट्रेडिंग ऐप्स, एआई-बेस्ड वेल्थ मैनेजमेंट टूल्स और ग्राहक सेवाओं को पूरी तरह से अपग्रेड करेगी। दक्षिण कोरियाई पैरेंट ग्रुप के ग्लोबल अनुभव और उनकी तकनीकी विशेषज्ञता (Technical Expertise) का सीधा फायदा अब चॉइस इंटरनेशनल को अपनी कॉम्पिटेटिव बढ़त मजबूत करने में मिलेगा।

दोनों वैश्विक दिग्गजों के कप्तानों ने जताई खुशी, जानिए इस डील पर सीईओ का बड़ा बयान

इस ऐतिहासिक सौदे पर खुशी जाहिर करते हुए चॉइस इंटरनेशनल के सीईओ और एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर अरुण पोद्दार ने कहा, "यह मेगा विदेशी निवेश हमारे विजन, मजबूत बिजनेस मॉडल और लंबी अवधि की विकास संभावनाओं पर एक प्रतिष्ठित वैश्विक वित्तीय संस्थान के अटूट भरोसे का सबसे बड़ा प्रमाण है। भारत का फाइनेंशियल सर्विसेज सेक्टर इस समय बड़े बदलाव के दौर से गुजर रहा है और इस साझेदारी से देश में वित्तीय समावेशन (Financial Inclusion) और डिजिटल इनोवेशन को एक नई गति मिलेगी।" दूसरी तरफ, दक्षिण कोरिया की एनएच इन्वेस्टमेंट एंड सिक्योरिटीज के प्रेसिडेंट एवं सीईओ शिन जे वूक ने कहा कि भारत जैसे तेजी से बढ़ते बाजार में निवेश करना उनके ग्लोबल पोर्टफोलियो को मजबूत करने की दिशा में एक बेहद रणनीतिक और महत्वपूर्ण कदम है।

कौन है निवेश करने वाली दक्षिण कोरिया की दिग्गज कंपनी NH Investment & Securities?

भारतीय बाजार में ₹900 करोड़ का दांव लगाने वाली कंपनी कोई छोटी-मोटी फर्म नहीं है। एनएच इन्वेस्टमेंट एंड सिक्योरिटीज (NHIS), दक्षिण कोरिया के सबसे बड़े वित्तीय समूहों में से एक 'एनएच फाइनेंशियल ग्रुप' (NH Financial Group) की मुख्य सब्सिडियरी कंपनी है। यह ग्लोबल संस्था सिक्योरिटीज ब्रोकिंग, कॉर्पोरेट वेल्थ मैनेजमेंट, इन्वेस्टमेंट बैंकिंग (IB) और अंतरराष्ट्रीय कैपिटल मार्केट के क्षेत्र में सेवाएं प्रदान करने के लिए दुनिया भर में जानी जाती है। इसके पास 65 से अधिक हाई-टेक शाखाओं का एक विशाल नेटवर्क है और कई बड़े देशों के शेयर बाजारों में इसकी मजबूत वैश्विक उपस्थिति है।