शेयर बाजार में लौटी खरीदारी! सेंसेक्स 238 अंक चढ़कर बंद, रियल्टी शेयरों में आया तूफान, पर निफ्टी 24 हजार से चूका
मुंबई: मिडिल ईस्ट (पश्चिम एशिया) के तनाव और भारी वोलैटिलिटी के बीच भारतीय शेयर बाजार (Stock Market) ने गुरुवार, 9 जुलाई 2026 के कारोबारी सत्र में शानदार वापसी की है। पिछले सत्र में वैश्विक भू-राजनीतिक चिंताओं के कारण हुई भारी बिकवाली के बाद, आज घरेलू निवेशकों द्वारा की गई 'बार्गेन बाइंग' (निचले स्तरों पर खरीदारी) से बाजार को तगड़ा सपोर्ट मिला। उतार-चढ़ाव से भरे इस ट्रेडिंग सेशन में 30 शेयरों वाला प्रमुख बेंचमार्क इंडेक्स बीएसई सेंसेक्स (BSE Sensex) 238.22 पॉइंट या 0.31 फीसदी की बढ़त दर्ज करते हुए 76,741.82 के स्तर पर सफलतापूर्वक बंद हुआ। बाजार में आज इंट्राडे के दौरान जबरदस्त एक्शन देखा गया और सेंसेक्स ने 77,326.65 का ऊपरी स्तर व 76,576.14 का निचला स्तर छुआ, यानी पूरे दिन में इंडेक्स में करीब 750 अंकों का बड़ा मूवमेंट देखने को मिला।
रियल्टी और मीडिया शेयरों में बंपर तेजी, ब्रॉडर मार्केट में स्मॉलकैप इंडेक्स ने मारी बाजी
सेंसेक्स की तर्ज पर ही नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का प्रमुख सूचकांक निफ्टी 50 (Nifty 50) भी आज 80.75 अंक या 0.34 प्रतिशत की मजबूती के साथ 23,962.80 के स्तर पर बंद हुआ। हालांकि, निफ्टी आज क्लोजिंग बेसिस पर 24,000 के मनोवैज्ञानिक स्तर को पार करने से मामूली अंतर से चूक गया। आज के कारोबार की सबसे बड़ी यूएसपी सेक्टोरल इंडेक्स में निफ्टी रियल्टी (Nifty Realty) रही, जो 3.5 फीसदी की तूफानी बढ़त के साथ टॉप गेनर बनकर उभरी। इसके अलावा निफ्टी मीडिया और निफ्टी पीएसयू बैंक शेयरों में भी अच्छी खरीदारी देखने को मिली। वहीं, ब्रॉडर मार्केट में छोटे और मझोले शेयरों पर निवेशक पूरी तरह मेहरबान रहे; जहां बीएसई मिडकैप सेलेक्ट इंडेक्स 1.39% बढ़ा, वहीं बीएसई स्मॉलकैप सेलेक्ट इंडेक्स 1.79% की भारी छलांग लगाने में कामयाब रहा।
टीसीएस के नतीजों से पहले निवेशक रहे सावधान, क्रूड ऑयल और ग्लोबल सेंटिमेंट पर टिकी नजर
बाजार के जानकारों और इक्विरस वेल्थ के एमडी व बिजनेस हेड अंकुर पुंज के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय बाजारों में आई रिकवरी ने घरेलू सेंटिमेंट को सुधारने में बड़ी भूमिका निभाई है। हालांकि, आखिरी घंटों में ऊपरी स्तरों पर हुई मुनाफावसूली (Profit Booking) के कारण बाजार अपनी शुरुआती बड़ी बढ़त को पूरी तरह बरकरार नहीं रख सका। इसके अलावा, देश की सबसे बड़ी आईटी कंपनी टीसीएस (TCS) के पहली तिमाही के नतीजों के एलान से ठीक पहले भी बड़े संस्थागत निवेशक थोड़े सतर्क और सावधान नजर आए। अमेरिका द्वारा ईरान के साथ सीजफायर खत्म करने के हालिया फैसले के बाद अब आने वाले दिनों में ट्रेडर्स की पैनी नजर कच्चे तेल (Crude Oil) की वैश्विक कीमतों और लोकल करेंसी के मूवमेंट पर टिकी रहेगी।
सन फार्मा और एयरटेल बने आज के विनर, इंफोसिस और मारुति के शेयरों में दर्ज हुई गिरावट
आज के टर्नओवर में सेंसेक्स के 30 प्रमुख शेयरों में से 17 कंपनियां हरे निशान (बढ़त) पर और 13 कंपनियां लाल निशान (गिरावट) के साथ बंद हुईं। दिग्गज दवा कंपनी सन फार्मा (Sun Pharma) आज 2.70 फीसदी की तेजी के साथ सबसे बड़ी गेनर रही। इसके साथ ही भारती एयरटेल, बजाज फिनसर्व, इंडिगो और इटरनल के शेयरों में भी तेजी का रुख रहा। दूसरी तरफ, आईटी सेक्टर की दिग्गज इंफोसिस (Infosys) का शेयर आज 1.80% टूटकर सबसे ज्यादा पिछड़ गया। मारुति सुजुकी, एनटीपीसी, एक्सिस बैंक और बजाज फाइनेंस भी आज के टॉप लूजर्स की सूची में शामिल रहे। निफ्टी 50 के मोर्चे पर भी 50 में से 33 कंपनियों के शेयर बढ़त के साथ और 17 शेयर नुकसान के साथ बंद हुए।
दबाव के बावजूद अमेरिकी डॉलर के मुकाबले संभला भारतीय रुपया, 7 पैसे की आई मजबूती
वैश्विक स्तर पर डॉलर इंडेक्स की मजबूती और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के भारी दबाव के बावजूद भारतीय रुपया (INR) आज के सत्र में काफी हद तक संभलने में कामयाब रहा। गुरुवार को अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में अमेरिकी डॉलर (USD) के मुकाबले रुपया 7 पैसे सुधरकर 95.41 (प्रोविजनल) के स्तर पर बंद हुआ। पिछले सत्र में यूएस डॉलर/भारतीय रुपया (USD/INR) की जोड़ी 95.5 के रिकॉर्ड स्तर तक बढ़ गई थी, लेकिन आज यह 95.4 पर ज्यादातर फ्लैट रही। बाजार विश्लेषकों का कहना है कि घरेलू शेयर बाजार में आई इस रिकवरी और सरकारी बैंकों द्वारा बाजार में बड़े पैमाने पर डॉलर की बिकवाली किए जाने से लोकल करेंसी को डूबने से बचाने में सबसे बड़ी मदद मिली है।