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May 12 2026 05:58 pm

ईरान खुद एक सुपरपावर, अमेरिका के आगे झुकने का सवाल ही नहीं, ईरानी प्रवक्ता इस्माइल बघाई का हुंकार

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India News Live, Digital Desk: पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में पिछले दो महीनों से जारी भारी तनाव के बीच ईरान ने वैश्विक पटल पर अपनी स्थिति को लेकर बड़ा बयान दिया है। ईरान ने सीधे तौर पर अमेरिकी वर्चस्व को चुनौती देते हुए खुद को एक 'सुपरपावर' (महाशक्ति) घोषित कर दिया है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने स्पष्ट किया कि उनका देश किसी भी कीमत पर अमेरिका की शर्तों के आगे घुटने नहीं टेकेगा।

"दो परमाणु शक्तियों के खिलाफ खड़े होना ही सुपरपावर की निशानी"

'द हिंदू' को दिए एक विशेष इंटरव्यू में इस्माइल बघाई ने ईरान की सैन्य और कूटनीतिक ताकत का लोहा मनवाया। जब उनसे पूछा गया कि महाशक्ति अमेरिका के सामने ईरान की क्या बिसात है, तो उन्होंने बेबाकी से जवाब दिया। बघाई ने कहा, "जो देश अपनी संप्रभुता और सम्मान की रक्षा के लिए दो-दो परमाणु संपन्न देशों (अमेरिका और इजरायल) के खिलाफ मजबूती से खड़ा रहा, यह अपने आप में इस बात का प्रमाण है कि उसे सुपरपावर माना जाना चाहिए।"

भारत के साथ ऐतिहासिक रिश्तों पर गर्व, नहीं लगेगा कोई 'होर्मुज टैक्स'

इंटरव्यू के दौरान बघाई ने भारत और ईरान के बीच बढ़ती नजदीकियों पर भी विस्तार से बात की। उन्होंने भारत को ईरान का 'बेहद करीबी दोस्त' करार दिया। हाल के दिनों में चर्चा थी कि क्या ईरान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले भारतीय जहाजों पर कोई टैक्स या शुल्क लगाएगा? इस पर विराम लगाते हुए बघाई ने कहा, "ऐसी हमारी कोई योजना नहीं है। हम अंतरराष्ट्रीय कानूनों का पालन करते हैं और भारत के साथ हमारे ऐतिहासिक संबंध हैं। हमें इस पर गर्व है।" उन्होंने याद दिलाया कि दोनों देश गुटनिरपेक्ष आंदोलन (NAM) के अभिन्न अंग रहे हैं और सरकारें आपसी रिश्तों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

युद्धविराम और शांति प्रस्ताव: अमेरिका पर भरोसे की कमी

शांति वार्ता के सवाल पर ईरानी प्रवक्ता ने स्वीकार किया कि बातचीत का सिलसिला चल रहा है, लेकिन अमेरिका के प्रति भरोसे की भारी कमी एक बड़ी बाधा है। गौरतलब है कि ईरान ने अमेरिका को 40 बिंदुओं वाला एक शांति प्रस्ताव भेजा था, जिसके जवाब में अमेरिका ने अपना प्रस्ताव दिया है। बघाई ने बताया, "हम फिलहाल अमेरिकी प्रस्ताव का बारीकी से अध्ययन कर रहे हैं। इसके बाद अपना आधिकारिक जवाब पाकिस्तानी मध्यस्थों के जरिए अमेरिका तक पहुंचाएंगे।"

क्षेत्रीय सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय कानून

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में बढ़ती तनातनी पर बघाई ने स्पष्ट किया कि ईरान जो भी कदम उठा रहा है, वह अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय नियमों के दायरे में है। उन्होंने जोर देकर कहा कि ईरान किसी देश पर बेवजह दबाव नहीं बनाना चाहता, बल्कि अपनी संप्रभुता की रक्षा करना उसका प्राथमिक लक्ष्य है।