The war of words between Iran and the US intensifies: ईरान की ट्रंप को चेतावनी "अलर्ट रहें, कहीं खुद खत्म न हो जाएं"

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India News Live,Digital Desk : पश्चिम एशिया (मिडल ईस्ट) में जारी सैन्य संघर्ष अब व्यक्तिगत धमकियों तक पहुंच गया है। ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बीच ईरान के एक शीर्ष सुरक्षा अधिकारी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को सीधे तौर पर 'अलर्ट' रहने की चेतावनी दी है। न्यूज एजेंसी एपी की रिपोर्ट के अनुसार, ईरानी अधिकारी ने कहा कि ट्रंप को सावधान रहना चाहिए, कहीं इस टकराव में वह खुद ही खत्म न हो जाएं।

ट्रंप की 'बीस गुना अधिक हमले' की धमकी

ईरान की यह कड़ी प्रतिक्रिया राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस बयान के बाद आई है जिसमें उन्होंने युद्ध के और भीषण होने के संकेत दिए थे।

तेल आपूर्ति पर चेतावनी: ट्रंप ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया कि यदि ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में वैश्विक तेल आपूर्ति को बाधित करने की कोशिश की, तो अमेरिका उस पर अब तक की तुलना में बीस गुना अधिक जोरदार हमले करेगा।

अल्पकालिक युद्ध का दावा: मियामी में रिपब्लिकन सांसदों से बात करते हुए ट्रंप ने कहा था कि ईरान के खिलाफ युद्ध "अल्पकालिक" हो सकता है और वह जल्द ही "शैतानी ताकतों" को खत्म कर इस संकट को समाप्त करना चाहते हैं।

ईरान का रुख: "अब बातचीत की गुंजाइश नहीं"

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिका के साथ किसी भी कूटनीतिक वार्ता की संभावना को सिरे से खारिज कर दिया है। पीबीएस (PBS) को दिए साक्षात्कार में उन्होंने कहा:

कड़वा अनुभव: अराघची के अनुसार, अमेरिका के साथ बातचीत का अनुभव बेहद कड़वा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब ईरान शांतिपूर्ण समाधान के लिए बातचीत कर रहा था, उसी दौरान उस पर हमले किए गए।

विश्वासघात का आरोप: विदेश मंत्री ने दावा किया कि अमेरिका ने भरोसा दिलाया था कि वह हमला नहीं करेगा, लेकिन तीन दौर की सफल बातचीत के बावजूद सैन्य आक्रामकता जारी रही।

आत्मरक्षा का अधिकार: अराघची ने स्पष्ट किया कि ईरान की मिसाइल कार्रवाई आत्मरक्षा के तहत है। उन्होंने क्षेत्रीय देशों (खाड़ी देशों) को संदेश दिया कि ईरानी जनता की सुरक्षा उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है और जरूरत पड़ने तक हमले जारी रहेंगे।