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July 24 2026 05:35 am

पाकिस्तान में अल्पसंख्यक धार्मिक स्थलों की बदहाली उजागर, रिपोर्ट ने खोली सरकार की सच्चाई

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India News Live,Digital Desk : पाकिस्तान लंबे समय से दावा करता आया है कि उसके देश में रहने वाले अल्पसंख्यक पूरी तरह सुरक्षित हैं और उनकी धार्मिक भावनाओं का सम्मान किया जाता है। लेकिन हाल ही में सामने आई एक रिपोर्ट ने इन दावों की सच्चाई उजागर कर दी है।

अल्पसंख्यक कॉकस की संसदीय समिति के सामने पेश की गई रिपोर्ट के अनुसार पाकिस्तान में मौजूद 1867 हिंदू मंदिरों और सिख गुरुद्वारों में से केवल 37 ही सक्रिय हैं। बाकी सभी या तो बंद हैं, जर्जर अवस्था में हैं या सरकारी उपेक्षा के कारण अपनी पहचान खो चुके हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक कई सदियों पुराने ये पूजा स्थल न सिर्फ खराब रखरखाव बल्कि हिंदू और सिख समुदायों की लगातार घटती आबादी के कारण भी बदतर स्थिति में पहुंच गए हैं। पाकिस्तानी अखबार ‘डॉन’ ने भी अपनी रिपोर्ट में इस वास्तविकता को उजागर किया है।

समिति की पहली बैठक में संयोजक सीनेटर दानेश कुमार ने कहा कि कॉकस का उद्देश्य अल्पसंख्यकों की सुरक्षा से जुड़े संवैधानिक वादों को जमीन पर उतारना है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अल्पसंख्यक वही अधिकार और सुरक्षा पाने के हकदार हैं, जो संविधान ने उन्हें प्रदान की है, और इसके लिए नीतिगत बदलाव बेहद जरूरी हैं।

बैठक के दौरान डॉ. रमेश कुमार वंकवानी ने यह मांग भी उठाई कि ईवेक्यू ट्रस्ट प्रॉपर्टी बोर्ड (ETPB) का नेतृत्व किसी गैर-मुस्लिम व्यक्ति को सौंपा जाना चाहिए, ताकि धार्मिक धरोहरों के संरक्षण का काम ईमानदारी से हो सके। समिति ने इन मंदिरों और गुरुद्वारों को सुरक्षित रखने के लिए तुरंत कदम उठाने की सिफारिश की, क्योंकि ये स्थान न केवल धार्मिक महत्व रखते हैं बल्कि पाकिस्तान की बहुसांस्कृतिक विरासत के प्रतीक भी हैं।