मल्लिका शेरावत पर भड़के करण जौहर: रिया चक्रवर्ती की जेल यात्रा को 'कमबैक' बताने पर लगाई क्लास
बॉलीवुड अभिनेत्री मल्लिका शेरावत हमेशा से ही अपने बेबाक और बेपरवाह बयानों के लिए जानी जाती रही हैं, लेकिन हाल ही में उनके एक बयान ने मनोरंजन जगत में बड़ा तूफान खड़ा कर दिया है। एक शो के दौरान मल्लिका शेरावत ने अभिनेत्री रिया चक्रवर्ती के जेल जाने और उसके बाद इंडस्ट्री में उनकी वापसी को लेकर कुछ ऐसी टिप्पणियां कर दीं, जो मशहूर फिल्ममेकर करण जौहर को कतई रास नहीं आईं। मल्लिका ने जिस तरह से रिया के कठिन दौर और जेल से रिहाई को एक तरह का पब्लिसिटी एंगल या करियर 'कमबैक' करार दिया, उस पर करण जौहर ने कड़ा ऐतराज जताते हुए मल्लिका को कैमरे के सामने ही आड़े हाथों ले लिया। इस घटना के बाद से बॉलीवुड के गलियारों में संवेदनशीलता, मानवीय सहानुभूति और शब्दों के चयन को लेकर एक गंभीर बहस छिड़ गई है।
रिया चक्रवर्ती के मुश्किल दौर को कमबैक कहना पड़ा भारी
दरअसल, चर्चा के दौरान जब अभिनेत्रियों के करियर में आने वाले उतार-चढ़ाव और वापसी के मुद्दों पर बातचीत हो रही थी, तब मल्लिका शेरावत ने रिया चक्रवर्ती के मामले का जिक्र छेड़ दिया। मल्लिका का कहना था कि जेल जाना और फिर बाहर आकर काम शुरू करना भी एक तरह का कमबैक है और उन्होंने इसे बहुत ही सतही और गैर-संजीदा अंदाज में पेश किया। उन्होंने यह जताने की कोशिश की कि विवादों के बाद मिलने वाला ध्यान भी एक तरह का पब्लिसिटी टूल बन जाता है। मल्लिका के इस नजरिए ने वहां मौजूद करण जौहर को स्तब्ध कर दिया। जिस दौर से रिया चक्रवर्ती गुजरी थीं—चाहे वह अनवरत चलने वाला मीडिया ट्रायल हो, कानूनी लड़ाई हो या भयंकर मानसिक प्रताड़ना—उसे महज एक 'करियर कमबैक' के रूप में पेश किए जाने पर करण जौहर ने तुरंत हस्तक्षेप किया और मल्लिका के दृष्टिकोण को सिरे से खारिज कर दिया।
करण जौहर ने लगाई मल्लिका की क्लास और दिया रियलिटी चेक
करण जौहर ने मल्लिका शेरावत की बात को बीच में ही रोकते हुए उन्हें आईना दिखाया और साफ शब्दों में कहा कि किसी की निजी त्रासदी, कानूनी उत्पीड़न और जेल की यातना को कभी भी पेशेवर सफलता या 'कमबैक' का नाम नहीं दिया जा सकता। करण ने बेहद गंभीर लहजे में कहा कि जब कोई इंसान ऐसे भयानक संकट से गुजरता है, तो वह किसी पीआर रणनीति या करियर की योजना का हिस्सा नहीं होता, बल्कि वह जिंदगी और मौत से जूझने जैसा एक भयावह आघात होता है। करण ने मल्लिका को समझाते हुए कहा कि जेल जाना और महीनों तक अपमान सहना किसी के लिए भी कोई ग्लैमरस अनुभव नहीं होता, बल्कि वह एक ऐसा जख्म है जो पूरी जिंदगी पीछा नहीं छोड़ता। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि एक महिला होने के नाते मल्लिका को दूसरी महिला के उस भयानक मानसिक और सामाजिक दर्द के प्रति कम से कम बुनियादी संवेदनशीलता और हमदर्दी दिखानी चाहिए थी, न कि उसे किसी फिल्मी पीआर स्टंट की तरह आंकना चाहिए।
रिया चक्रवर्ती का मीडिया ट्रायल और सालों का संघर्ष
सुशांत सिंह राजपूत के असामयिक निधन के बाद रिया चक्रवर्ती को जिस तरह के अमानवीय सार्वजनिक और मीडिया ट्रायल का सामना करना पड़ा था, वह भारतीय मनोरंजन जगत के सबसे काले अध्यायों में से एक माना जाता है। बिना किसी ठोस कानूनी फैसले के उन्हें महीनों तक मुख्यधारा के मीडिया में खलनायक की तरह पेश किया गया, उनके परिवार को प्रताड़ित किया गया और उन्हें भायखला जेल में दिन काटने पड़े। जेल से जमानत मिलने के बाद रिया ने बेहद खामोशी और गरिमा के साथ अपनी जिंदगी को दोबारा समेटने की कोशिश की। उन्होंने पॉडकास्ट, मोटिवेशनल स्पीकिंग और मॉडलिंग प्रोजेक्ट्स के जरिए धीरे-धीरे अपने जीवन को सामान्य ढर्रे पर लाने का प्रयास किया। फिल्म उद्योग के कई जागरूक लोग हमेशा से यह मानते रहे हैं कि रिया का यह सफर किसी ग्लैमरस कमबैक की कहानी नहीं, बल्कि गरिमा और जिंदादिली की लड़ाई है। ऐसे में मल्लिका द्वारा उनके उस दौर को हल्के में लेना करण जौहर को नागवार गुजरा।
मल्लिका शेरावत की सनसनीखेज बयानबाजी पर उठे सवाल
मल्लिका शेरावत के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर भी उनकी काफी आलोचना हो रही है। लंबे समय तक मुख्यधारा के सिनेमा से दूर रहने के बाद मल्लिका अक्सर अपने इंटरव्यूज में बॉलीवुड के दोहरे मापदंडों, कास्टिंग काउच और इंडस्ट्री की राजनीति पर खुलकर बोलती रही हैं, जिसके लिए कई बार उन्हें सराहा भी गया। लेकिन इस बार रिया चक्रवर्ती पर की गई उनकी टिप्पणी को लोगों ने जरूरत से ज्यादा असंवेदनशील और सस्ती लोकप्रियता हासिल करने का जरिया बताया है। सिनेमा प्रेमियों का कहना है कि किसी के व्यक्तिगत ट्रॉमा और कानूनी संकट को पीआर एक्सरसाइज के तौर पर देखना बेहद घटिया सोच को दर्शाता है। करण जौहर द्वारा मल्लिका को मौके पर ही टोकना और उन्हें सही दृष्टिकोण याद दिलाना इंटरनेट यूजर्स को काफी पसंद आ रहा है।
इंडस्ट्री में संवेदनशीलता और जवाबदेही की नई मिसाल
करण जौहर अक्सर नेपोटिज्म और गॉसिप से जुड़े विवादों के केंद्र में रहते हैं, लेकिन इस बार मल्लिका शेरावत को जिस दृढ़ता और गंभीरता से उन्होंने जवाब दिया है, उसकी चारों तरफ तारीफ हो रही है। करण ने यह स्पष्ट कर दिया कि मनोरंजन जगत में रहने का मतलब यह नहीं है कि हम मानवीय गरिमा और बुनियादी सहानभूति को पूरी तरह भूल जाएं। किसी कलाकार के जीवन में आने वाले दुखों को व्यावसायिक नजरिए से तौलना बंद होना चाहिए। करण जौहर का यह कड़ा रुख यह संदेश देता है कि जब कोई मंच पर बैठकर किसी के संवेदनशील अतीत पर गैर-जिम्मेदाराना टिप्पणी करता है, तो उसे चुनौती देना और सही दिशा दिखाना हर वरिष्ठ फिल्ममेकर का कर्तव्य है।