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July 03 2026 05:29 am

आम जनता को मिलेगी बड़ी राहत: पेट्रोल और डीजल के दाम घटाने की तैयारी, पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने दिए पॉजिटिव संकेत

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देश में महंगाई के मोर्चे पर आम जनता के लिए एक बेहद राहत भरी खबर सामने आ रही है। आने वाले दिनों में वाहन चालकों को पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों से बड़ा छुटकारा मिल सकता है। केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने ईंधन की कीमतों में कटौती को लेकर बेहद सकारात्मक और बड़े संकेत दिए हैं।

कब घटेंगे पेट्रोल-डीजल के दाम? पेट्रोलियम मंत्री ने दी बड़ी जानकारी

केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने मीडिया से बातचीत में साफ किया कि यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में आई गिरावट अगले कुछ हफ्तों तक इसी तरह निचले स्तर पर बरकरार रहती है, तो देश में पेट्रोल और डीजल के दामों में कटौती पर विचार करना बिल्कुल उचित होगा। हालांकि, उन्होंने यह भी बताया कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल के दाम गिरने के बावजूद घरेलू तेल कंपनियां फिलहाल उस क्रूड ऑयल की प्रोसेसिंग कर रही हैं, जिसे पश्चिम एशिया संकट के दौरान ऊंचे दामों पर खरीदा गया था।

2 महीने पहले खरीदे गए कच्चे तेल की हो रही है प्रोसेसिंग

अक्सर आम जनता के मन में यह सवाल उठता है कि जब वैश्विक बाजार में क्रूड ऑयल सस्ता होता है, तो तुरंत भारत में पेट्रोल-डीजल के दाम क्यों नहीं घटते? इस पर स्पष्टीकरण देते हुए केंद्रीय मंत्री ने बताया कि तेल कंपनियां ईंधन उत्पादन के लिए कच्चा तेल आमतौर पर कम-से-कम दो महीने पहले बुक करती हैं।

वर्तमान में भारतीय रिफाइनरियों में जिस कच्चे तेल की प्रोसेसिंग हो रही है, वह मुख्य रूप से अप्रैल या मई की शुरुआत में खरीदा गया था। उस दौरान वैश्विक तनाव के कारण कीमतें काफी ऊंची थीं। लेकिन जून के दूसरे पखवाड़े में अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष समाप्त करने की सहमति बनने के बाद से कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट का सिलसिला शुरू हो चुका है, जिसका फायदा आने वाले समय में उपभोक्ताओं को मिलेगा।

तेल कंपनियों को हुआ ₹74,781 करोड़ का भारी नुकसान

अधिकारियों के मुताबिक, सरकार ने 30 जून की अवधि तक पेट्रोल, डीजल और घरेलू एलपीजी को उनकी वास्तविक लागत से कम दाम पर बेचने का फैसला लिया था। इस सब्सिडी और राहत के चलते सार्वजनिक क्षेत्र की पेट्रोलियम कंपनियों को कुल 74,781 करोड़ रुपये का भारी नुकसान उठाना पड़ा है।

देश में शुरू हो चुका है कीमतों में कटौती का दौर

वैश्विक बाजार में आई नरमी का असर भारतीय बाजार में दिखना शुरू हो गया है। इसी सिलसिले में 1 जुलाई को देश में हवाई ईंधन यानी विमान ईंधन (ATF) और कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों (Commercial LPG) की कीमतों में कटौती की गई है। इसके साथ ही, देश की बड़ी निजी ईंधन खुदरा कंपनी नायरा एनर्जी (Nayara Energy) ने भी अपने पेट्रोल और डीजल के दाम घटा दिए हैं। पिछले दो साल से अधिक समय में कंपनी द्वारा की गई यह पहली बड़ी कटौती है।

अब सरकारी तेल कंपनियों (IOC, BPCL, HPCL) पर टिकीं नजरें

निजी कंपनियों के कदम के बाद अब हर किसी की निगाहें देश की दिग्गज सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों पर टिकी हैं। इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (IOC), भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (HPCL) का देश के 90 प्रतिशत से अधिक ईंधन बाजार पर सीधा नियंत्रण है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यदि क्रूड ऑयल का निचला स्तर जारी रहा, तो ये सरकारी कंपनियां भी जल्द ही पेट्रोल-डीजल के दाम घटाकर आम जनता को बड़ी सौगात दे सकती हैं।