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September 22 2026 03:18 pm

हरदोई में मासूम के हत्यारे का 'द एंड' 50 हजार का इनामी मेहनूर पुलिस मुठभेड़ में ढेर

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India News Live, Digital Desk: उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले में सात वर्षीय मासूम की बेरहमी से हत्या करने वाले दरिंदे का अंत हो गया है। बुधवार को मल्लावां थाना क्षेत्र में पुलिस और बदमाशों के बीच हुई भीषण मुठभेड़ में 50 हजार रुपये का इनामी अपराधी मेहनूर उर्फ नूर मारा गया। इस कार्रवाई के दौरान एसओजी प्रभारी राजेश कुमार भी गोली लगने से घायल हुए हैं, जिनका अस्पताल में इलाज चल रहा है।

मक्के के खेत में मिली थी मासूम की लाश

घटना की शुरुआत 3 मई को हुई थी, जब मल्लावां के मटियामऊ गांव का सात वर्षीय मासूम अपने बाबा से 20 रुपये लेकर घर के सामने लगे उर्स में घूमने गया और लापता हो गया। 5 मई को बालक का शव गांव के पास ही मक्के के एक खेत में क्षत-विक्षत हालत में मिला था। इस जघन्य वारदात ने पूरे जिले को झकझोर कर रख दिया था। मामले की गंभीरता देखते हुए आईजी लखनऊ रेंज ने मुख्य आरोपी मेहनूर पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था।

मुठभेड़ और आरोपी की मौत

पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार मीणा के मुताबिक, बुधवार को पुलिस को सूचना मिली कि इनामी बदमाश इलाके में छिपा है। जब पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम ने घेराबंदी की, तो मेहनूर ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में गोली लगने से मेहनूर गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मौके से एक पिस्टल, तमंचा, बाइक और भारी मात्रा में कारतूस बरामद हुए हैं।

कुकर्म, हत्या और फिरौती का खौफनाक सच

पुलिस की जांच में जो सच्चाई सामने आई है, वह रोंगटे खड़े कर देने वाली है। आरोपी ने मासूम का अपहरण कर उसके साथ कुकर्म (अप्राकृतिक दुष्कर्म) किया था। पहचान उजागर होने के डर से उसने बालक की बेरहमी से हत्या कर दी।

7 लाख की फिरौती: पुलिस को गुमराह करने के लिए आरोपी ने चोरी के सिम कार्ड से मासूम के पिता को फोन किया और 7 लाख रुपये की फिरौती मांगी।

ऑनलाइन 100 रुपये का खेल: बदमाशों ने यूपीआई नंबर कंफर्म करने के लिए पिता से 100 रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर भी करवाए थे, ताकि पुलिस को लगे कि यह केवल अपहरण का मामला है।

परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल

मृतक बालक सात भाई-बहनों में दूसरे नंबर पर था और यूकेजी में पढ़ता था। उसके पिता गांव में कॉस्मेटिक की दुकान चलाते हैं और मस्जिद में हाफिज भी हैं। मासूम की हत्या के बाद से गांव में मातम पसरा हुआ था, हालांकि मुठभेड़ में आरोपी के मारे जाने के बाद ग्रामीणों ने पुलिस की कार्रवाई पर संतोष जताया है। घायल एसओजी प्रभारी राजेश कुमार की स्थिति अब खतरे से बाहर बताई जा रही है।