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October 08 2026 05:33 pm

'तबीयत ठीक नहीं है...' रात 2:30 बजे दोस्त को भेजा था मैसेज, डॉक्टर ने बताया नाना पाटेकर के आखिरी घंटों का सच

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भारतीय सिनेमा के दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के अचानक निधन से पूरा देश गहरे सदमे में है। 75 वर्ष की उम्र में उन्होंने गोवा स्थित अपने आवास पर अंतिम सांस ली। अब उनके अंतिम पलों को लेकर बेहद भावुक और दर्दनाक ब्योरा सामने आया है। डॉक्टरों और करीबियों के अनुसार, नाना पाटेकर ने गुरुवार तड़के करीब 2:30 बजे अपने एक नजदीकी दोस्त को मोबाइल पर मैसेज भेजकर अपनी बिगड़ती तबीयत की जानकारी दी थी। उस संदेश में उन्होंने लिखा था कि वे बिल्कुल अच्छा महसूस नहीं कर रहे हैं और उन्हें बेचैनी हो रही है।

उस वक्त नाना पाटेकर गोवा के डोना पाउला स्थित अपने घर पर अकेले थे और परिवार का कोई सदस्य वहां मौजूद नहीं था। देर रात होने के कारण उनके दोस्त उस समय मैसेज नहीं देख पाए। जब दोस्त की नींद खुली और उन्होंने वह मैसेज देखा, तो तुरंत नाना पाटेकर से संपर्क करने की कोशिश की और सीधे उनके घर की ओर दौड़ पड़े। जब वे सुबह करीब 4 बजे उनके आवास पर पहुंचे, तब तक अभिनेता की हालत बेहद नाजुक हो चुकी थी।

फर्श पर बेसुध पड़े थे नाना पाटेकर, पसीने से लथपथ देखकर दोस्त के उड़े होश

मणिपाल अस्पताल, गोवा के ऑन्कोलॉजी विभाग के प्रमुख डॉ. शेखर सालकर ने मीडिया को अभिनेता के आखिरी घंटों का पूरा घटनाक्रम बताया। डॉक्टर के मुताबिक, जब दोस्त सुबह 4 बजे घर पहुंचा तो उसने देखा कि नाना पाटेकर जमीन पर गिरे हुए थे, उन्हें अत्यधिक पसीना आ रहा था और वे सांस लेने के लिए संघर्ष कर रहे थे। दोस्त ने तुरंत उन्हें सीधा लिटाया और संभालने की कोशिश की, लेकिन अभिनेता धीरे-धीरे पूरी तरह बेहोश हो रहे थे।

दोस्त और केयरटेकर ने बिना एक पल गंवाए तुरंत आपातकालीन मेडिकल सहायता (एंबुलेंस) को फोन किया। अस्पताल की इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम (ER) सुबह करीब 4:20 बजे नाना पाटेकर के घर पहुंची। मेडिकल टीम ने मौके पर पहुंचते ही पाया कि नाना पाटेकर पूरी तरह 'अनरिस्पॉन्सिव' थे, यानी आवाज देने या छूने पर उनके शरीर से किसी तरह की कोई हरकत नहीं हो रही थी।

घर से लेकर अस्पताल तक लगातार दिया गया CPR, 45 मिनट तक चली बचाने की जंग

पैरामेडिकल टीम ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए घर पर ही तुरंत कार्डियक मसाज और सीपीआर (CPR) देना शुरू कर दिया। इसके बाद उन्हें सीपीआर जारी रखते हुए ही तेजी से एंबुलेंस के जरिए मणिपाल अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल की इमरजेंसी यूनिट में डॉक्टरों की पूरी टीम ने उन्हें पुनर्जीवित करने के लिए लगभग 45 मिनट से एक घंटे तक लगातार प्रयास किए।

डॉक्टरों ने तमाम अत्याधुनिक लाइफ सपोर्ट सिस्टम और कार्डियक इंजेक्शन का सहारा लिया, लेकिन शरीर में कोई सुधार नहीं दिखा। आखिरकार सुबह करीब 5:20 बजे डॉक्टरों ने उन्हें आधिकारिक तौर पर 'ब्रॉट डेड' (अस्पताल लाने से पहले ही मृत) घोषित कर दिया। डॉ. सालकर ने बताया कि प्राथमिक जांच में मौत का कारण गंभीर कार्डियक अरेस्ट (Cardiac Arrest) सामने आया है। चूंकि यह अस्पताल पहुंचने से पहले हुई मौत का मामला था, इसलिए नियमानुसार मेडिको-लीगल केस (MLC) दर्ज कर शव को पोस्टमार्टम के लिए गोवा मेडिकल कॉलेज भेजा गया।

गोवा से पुणे लाया जाएगा पार्थिव शरीर, राजकीय सम्मान के साथ होगा अंतिम संस्कार

नाना पाटेकर के निधन की खबर मिलते ही उनके बेटे मल्हार पाटेकर पुणे से तुरंत गोवा के लिए रवाना हो गए। परिवार के सूत्रों के अनुसार, पोस्टमार्टम और सभी कानूनी औपचारिकताओं के पूरा होने के बाद उनके पार्थिव शरीर को पुणे स्थित पैतृक आवास लाया जाएगा।

महाराष्ट्र सरकार ने घोषणा की है कि सिनेमा और समाज सेवा में उनके अद्वितीय योगदान को देखते हुए नाना पाटेकर का अंतिम संस्कार पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा। आधी रात को भेजे गए उस आखिरी मैसेज और बचाने की नाकाम कोशिशों की इस दास्तान ने हर किसी की आंखें नम कर दी हैं। एक ऐसा अभिनेता जिसने ताउम्र दूसरों के आंसुओं को पोंछने का काम किया, आखिरी वक्त में एक संदेश छोड़कर खामोशी से दुनिया को अलविदा कह गया।